स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्थाओं पर एसडीएम सख्त, बायोमेट्रिक बंद मिलने पर जताई नाराजगी। WWW.JANSWAR.COM

जिलाधिकारी के निर्देशों पर एसडीएम सतपुली का स्वास्थ्य केंद्रों पर औचक निरीक्षण, कई कर्मचारी ड्यूटी से मिले नदारद।

पौड़ी:-जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य द्वारा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर अनियमितताएं, कार्मिकों की अनुपस्थिति तथा व्यवस्थागत खामियां सामने आईं।

पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा सीएचसी सतपुली का निरीक्षण किया गया था। इसके क्रम में उन्होंने जिलाधिकारी ने एसडीएम को अस्पतालों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठाखाल के निरीक्षण के दौरान तैनात तीन कर्मचारियों में से केवल फार्मासिस्ट सुधीर ही उपस्थित पाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी 11 मई से लगातार अनुपस्थित पाए गए, जबकि एएनएम भी ड्यूटी से अनुपस्थित मिलीं। निरीक्षण के समय ओपीडी में मात्र तीन मरीज दर्ज पाए गए।

पीएचसी संगलाकोटी के निरीक्षण में चार कर्मचारियों में से केवल वार्ड बॉय एवं एएनएम ही उपस्थित मिले। प्रभारी चिकित्सक 10 मई से लगातार अनुपस्थित बताए गए, जबकि फार्मासिस्ट भी मौके पर अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल आपूर्ति बाधित पाई गई।

पीएचसी पोखड़ा के निरीक्षण में एक चिकित्सक सहित आरबीएसके की पूरी टीम अनुपस्थित पाई गई। क्षेत्र भ्रमण रजिस्टर प्रस्तुत करने को कहे जाने पर संबंधित कर्मचारी अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके।

वहीं, रीठाखाल स्थित आयुष विंग के निरीक्षण में भी दोनों तैनात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं फार्मासिस्ट मौके पर उपस्थित नहीं मिले। यहां बायोमेट्रिक मशीन भी निष्क्रिय पाई गई।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक मशीनें बंद थीं तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र परिसरों के आसपास झाड़ी कटान एवं समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

एसडीएम ने कहा कि क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्य विभाग के कार्मिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रेषित की जाएगी, ताकि संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।