प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप बने पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति।
लोक भवन देहरादून:- राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 03 वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक अथवा अग्रेत्तर आदेश तक जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिए कुलपति नियुक्त किया गया है। प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप वर्तमान में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।
बायो डाटा संलग्न-
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डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप
डॉ. शिवेन्द्र कश्यप एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं, जिन्हें कृषि शिक्षा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आईसीएआर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, कृषि संचार विभागाध्यक्ष, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विश्व बैंक पोषित NAHEP परियोजना के प्रधान अन्वेषक (PI), DST-TEC परियोजना के PI तथा अनेक अन्य परियोजनाओं में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है।
उनका चयन भा
रत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के LEAP (Leadership in Education) कार्यक्रम के लिए किया गया, जिसके अंतर्गत उन्हें भावी शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता के रूप में हैदराबाद विश्वविद्यालय तथा ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
वर्ष 2019 से वे पंतनगर विश्वविद्यालय में रैंकिंग टीम के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने ICAR रैंकिंग में राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया, ICAR सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार हासिल किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया। उनके नेतृत्व एवं समन्वय के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय ने वैश्विक QS रैंकिंग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
NAHEP परियोजना के अंतर्गत उन्होंने पाँच वर्षों तक सभी महाविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 80 प्रतिभाशाली संकाय सदस्यों की बहुविषयक टीम का नेतृत्व किया। इस पहल के माध्यम से 40 संकाय सदस्यों एवं 200 विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण एवं exposure प्राप्त हुआ।
दूरदर्शी नेतृत्व का परिचय देते हुए उन्होंने परियोजना निधि का उपयोग करते हुए अनेक महत्वपूर्ण पहलें स्थापित कीं, जिनमें भारत का पहला पंतनगर संग्रहालय, कोविड काल के दौरान 65 स्मार्ट कक्षाएँ, exposure के अंतर्गत सॉफ्ट स्किल एवं उन्नत प्रशिक्षण हेतु अधोसंरचना, वर्चुअल लैब तथा प्रबंधन मंडल द्वारा अनुमोदित फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर आदि शामिल हैं। ये सभी पहलें आज भी विश्वविद्यालय को निरंतर लाभ प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने 1500 से अधिक सॉफ्ट स्किल विकास सत्रों का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया है, जिनमें पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षण कौशल, प्रशासनिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, श्रवण कौशल, प्रबंधन संचार तथा भाषा कौशल शामिल हैं। इनसे देशभर के संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को लाभ मिला है।
उन्होंने 25 से अधिक पुस्तकों तथा 55 शोध पत्रों का लेखन किया है और 75 से अधिक अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एक सशक्त संस्थागत नेटवर्क विकसित किया है।
