मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी जोहार क्लब मैदान में आयोजित मुनस्यारी महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया।#पशुपालन मंत्री ने 39 गौ सदनों को 10 करोड़ 48 लाख की धनराशि वितरित की। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला चिकित्सालय में डाइलिसिस यूनिट का लोकापर्ण किया गया। www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुनस्यारी स्थित जोहार क्लब मैदान में आयोजित मुनस्यारी महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी महोत्सव धीरे-धीरे विश्व प्रसिद्ध महोत्सव के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुनस्यारी के प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोहार की पावन भूमि नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण तो है ही इसका इतिहास भी बहुत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि मुनस्यारी के नैसर्गिक सौंदर्य ने उन्हें बचपन से ही आकर्षित किया है। मुनस्यारी जैसा रमणीक स्थल भारत में ही नहीं विश्व में मिलना मुश्किल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी महोत्सव के लिये 8 लाख की धनराशि दिये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मुनस्यारी में एकलव्य विद्यालय खोले जाने, मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाये जाने, मुनस्यारी में गौ रक्षा के लिए सहयोग दिए जाने, बकरियों के चुगान की अनुमति दिये जाने एवं बोना गांव में गार्डर पुल बनाए जाने की घोषणा की। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये इनके अधिकतम उपयोग किये जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुनस्यारी क्षेत्र की महान विभूतियों को याद करते हुए कहा कि जोहार की भूमि महान समाज सेवकों, चिंतकों, भू -सर्वेक्षकों एवं पर्वतारोहियों की भूमि है। उन्होंने क्षेत्र की सभी महान विभूतियों का नाम लेते हुए उनके महान कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के सीमान्त क्षेत्रों एवं गांवों के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहे है। उन्होंने देश के सीमान्त गांवों को देश का अंतिम गांव न मानकर देश का पहला गांव माना है। प्रधानमंत्री जी ने सभी से अपनी यात्रा व्यय की 05 प्रतिशत धनराशि स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही है, इससे हमारे स्थानीय उत्पादों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी तथा हमारे लोग स्थानीय उत्पादों के उत्पादन के प्रति और अधिक ध्यान देने तथा इससे रोजगार, स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होने के साथ ही आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। मुनस्यारी क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनस्यारी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है। इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुनस्यारी क्षेत्र के विकास के लिये 66 घोषणायें की हैं जिनमें से 32 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष घोषणाओं को पूर्ण करने के लिये जनपद एवं शासन स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के विकास के लिये चिंतन शिविरों के माध्यम से विकास का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। सभी के सहयोग एवं विश्वास के साथ 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिये हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोहरा, विधायक  फकीर राम,  हरीश धामी, जिलाधिकारी रीना जोशी, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।

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पशुपालन मंत्री ने 39 गौ सदनों को 10 करोड़ 48 लाख की धनराशि वितरित की।

प्रदेश के पशुपालन मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने सोमवार को पशुधन भवन सभागार में गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित 39 गो सदनों हेतु गोवंश भरण पोषण हेतु 10 करोड़ 48 लाख की धनराशि के चेक वितरित किये। विभागीय स्तर पर निराश्रित गोवंश को शरण देने के लिये निर्धारित अर्हता पूर्ण करने वाले मान्यता प्राप्त गैर सरकारी पशु कल्याण संस्थाओं को वार्षिक गो सदन वितरण एवं सम्मान की व्यवस्था के तहत यह धनराशि पशुपालन मंत्री द्वारा वितरित की गई। प्रदेश में शरणागत गोवंश की वार्षिक औसत संख्या 9559 है।
कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा गोवध एवं गोतस्करी पर प्रभावी रोक तथा समस्त गोवंश का संरक्षण सुनिश्चित किये जाने हेतु उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम पारित किया गया है।  अलाभकर गोवंश निराश्रित, अनुत्पादक, वृद्ध, बीमार तथा गोतस्करों से जब्त किये गये गोवंश का संरक्षण गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किये जाने की परम्परा को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से इन संस्थाओं को गोवंश भरण पोषण एवं निर्माण मद में आशिक राजकीय अनुदान निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ट्रस्ट एक्ट अथवा सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत गैर सरकारी गोकल्याण संस्थाओं द्वारा अलाभकर गोवंश को शरण दिये जाने का कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम के प्राविधानों के अनुरूप निर्धारित अर्हताएं पूर्ण करने वाले इन गोसदनों को राजकीय मान्यता तथा अनुदान दिये जाने का प्राविधान किया गया है। उन्होंने गैर सरकारी गोकल्याण संस्थाओं द्वारा संचालित सभी गोसदनों से अपेक्षा की कि वे आंशिक राजकीय सहायता के अतिरिक्त जनसहयोग, गोबर, गोमूत्र एवं अन्य पंचगव्य उत्पादों के माध्यम से भी यथासंभव अधिकाधिक आर्थिक स्वावलंबन हेतु प्रयास करें। कैबिनेट मंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि शहरी विकास विभाग द्वारा भी नगर निकायों के माध्यम से कांजी हाउस गोशाला शरणालयों की स्थापना हेतु कार्ययोजना प्रारम्भ की गई है तथा पंचायतीराज विभाग द्वारा भी ग्रामीण क्षेत्रों में 25-25 ग्रामों के समूह के माध्यम से कांजी हाउस गौशाला शरणालयों की स्थापना प्रस्तावित है।
इस अवसर पर पं० राजेन्द्र अणथ्वाल, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग, श्री राजीव गुप्ता उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड लोकसेवा अधिकरण, डा० प्रेम कुमार, निदेशक पशुपालन डा० लोकेश कुमार, अपर निदेशक पशुपालन विभाग, डा०डी०सी० गुरुरानी, संयुक्त निदेशक, डा० नीरज सिंघल, संयुक्त निदेशक, डा० शरद भण्डारी, संयुक्त निदेशक, उत्तराखण्ड पशुकल्याण बोर्ड, डा० राकेश नेगी, मुख्य अधिशासी अधिकारी, उत्तराखण्ड पशुधन विकास परिषद, डा० रमेश नितवाल संयुक्त निदेशक उपस्थित थे।

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स्वास्थ्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में डाइलिसिस यूनिट का लोकापर्ण किया गया।

कैबीनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत द्वारा पौड़ी स्थित जिला चिकित्सालय में हंस फाउण्डेशन के सहयोग तथा उत्तराखण्ड सरकार के प्रयासों से उपलब्ध कराई गयी डाइलिसिस यूनिट का लोकापर्ण किया गया। इस अवसर पर मा0 मंत्री ने कहा कि पुराने विशेषज्ञ चिकित्सकों-सर्जनों की सफलताओं और अनुभव को देखते हुए हम उनकी कम-से-कम 65 वर्ष तक सेवा लेने के संबंध में नियमावली बनाने पर विचार करेगें तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर बनाने पर भी विचार करेंगें।

मा0 स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने सभी जनपदों में डायलिसिस सुविधा देने की बात की थी उसी कड़ी में आज पौड़ी में यह सुविधा दी जा रही है और अब तक प्रदेश में 08 जनपदों में यह सुविधा दी जा चुकी है। उन्होंने पीपीपी मोड से स्वास्थ्य सेवा में सहयोग कर रहे संस्थान को स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकर कार्य करते हुए उनके फीडबैक के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित जो भी जनता की और से अपेक्षित सुधार की गुंजाइश है उसे तत्काल दूर करें। इस दौरान मा0 मंत्री ने डायलिसिस चिकित्सा ले रहे रोगियों से भी चिकित्सा सुविधा का फीड बैक लिया तथा डॉक्टरों से इस संबंध में चिकित्सा की जानकारी ली।
इस दौरान विधायक पौड़ी राजकुमार पौरी, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती शांति देवी, सीएमओ डॉ0 प्रवीण कुमार सहित संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।