राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मसूरी में 32वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को किया संबोधित।
लोक भवन देहरादून/मसूरी:- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित 32वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। 12 दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर की 31 विभिन्न सेवाओं एवं संस्थानों के 82 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें 14 महिला अधिकारी भी शामिल रहीं।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए नागरिक प्रशासन एवं सशस्त्र बलों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एकजुटता और तालमेल ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे हर स्तर पर सशक्त करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि नागरिक-सैन्य समन्वय राष्ट्रशक्ति का अभेद्य कवच है। एक सैनिक का साहस और एक प्रशासक की रणनीतिक क्षमता जब एक साथ आती है, तो राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में नागरिक-सैन्य समन्वय की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक सुरक्षित और स्थिर राष्ट्र का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मजबूत होती है, तभी विकास की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो पाती हैं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर दिशा प्रदान करने वाला देश बन रहा है।
राज्यपाल ने अधिकारियों से समन्वय, संवाद और संपर्क को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बने आपसी संबंध भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक श्रीराम तरणिकांति, संयुक्त निदेशक षणमुख प्रिया मिश्रा, कोर्स समन्वयक डी. महेश सहित विभिन्न सेवाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
