राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को आइआरडीटी सभागार देहरादून में अमर उजाला और सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘‘वीरता पुरस्कार-2023’’ में प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने कोर्ट रोड़, देहरादून स्थित ‘‘सरदार पटेल भवन’’ का भ्रमण कर पुलिस के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

अरुणाभ रतूड़ी जनस्वर 

 राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को आइआरडीटी सभागार देहरादून में अमर उजाला और सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘‘वीरता पुरस्कार-2023’’ में प्रतिभाग किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को आइआरडीटी सभागार देहरादून में अमर उजाला और सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘‘वीरता पुरस्कार-2023’’ में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों और उत्कृष्ट कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से आज हम गौरवशाली वीर शहीद सेनानियांे और उनके परिवारजनों का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की बाजी लगायी है। उन्होंने कहा कि जिन वीर योद्धाओं ने देश के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया, ऐसे वीर सपूतों के बलिदान को याद करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सेना से जुड़ा हर एक जवान और उसके परिवार जन मेरे परिवार का ही एक हिस्सा है। भारत के लोगों के दिलों में हर एक सैनिक और सैनिक के परिवार जनों के प्रति एक सम्मान का भाव होता है वह अपने आप में अलग है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों की देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले सभी पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में पुलिस का बड़ा योगदान है। कांवड़ यात्रा हो, या चारधाम यात्रा हो, कुम्भ जैसे विशाल मेले हों, हर साल प्राकृतिक आपदाओं में हो, सभी जगह पुलिस के जवान अपना योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से लेकर आपदा प्रबंधन तक हर एक मोर्चे पर पुलिस के अधिकारी और जवान बड़ा योगदान देते हैं।

राज्यपाल ने अमर उजाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अमर उजाला समय-समय पर जो अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं को भी इस तरह के सामाजिक कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन हो या सामाजिक गतिविधियां, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, और युवा पीढ़ी में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का कार्य होे अमर उजाला फाउंडेशन ने इस सभी सामाजिक कार्यों में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी वीर शहीद जवानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी उन्होंने सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को भी बधाई दी। डीजीपी अशोक कुमार ने भी कार्यक्रम के अवसर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अमर उजाला के संपादक श्री दयाशंकर शुक्ल, यूनिट हेड पंकज शर्मा, सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी के निदेशक शिशिर दीक्षित सहित एकेडमी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

 

##### राज्यपाल ने कोर्ट रोड़, देहरादून स्थित ‘‘सरदार पटेल भवन’’ का भ्रमण कर पुलिस के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।####

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को कोर्ट रोड़, देहरादून स्थित ‘‘सरदार पटेल भवन’’ का भ्रमण कर पुलिस के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित गढ़वाल परिक्षेत्र कार्यालय, उत्तराखण्ड पुलिस पेंशनर्स कार्यालय, प्रशिक्षण शाखा, यातायात निदेशालय कार्यालय का भ्रमण किया। राज्यपाल ने डायल-112 (इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम) कंट्रोल रूम का भ्रमण किया जहां डीजीपी अशोक कुमार ने उन्हें कंट्रोल रूम की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। राज्यपाल ने कहा कि डायल-112 के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का जिस प्रकार त्वरित समाधान किया जा रहा है वह प्रशंसनीय है।

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ड्रोन से की जा रही मॉनिटरिंग फीड को देखकर यातायात प्रबंधन में उपयोग की जा रही तकनीक और विषम परिस्थितियों में भी यातायात ड्यूटी में नियुक्त पुलिस कर्मियों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस के कार्यों में जिस प्रकार टेक्नोलॉजी को जोड़ा गया है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि अच्छे रिजल्ट के लिए रियल टाइम मॉनीटरिंग और त्वरित रिस्पांस आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने मित्रता, सेवा और सुरक्षा के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग एक सेवा का कार्य है और जिस निष्ठा और मेहनत से हमारे पुलिस के जवान और अधिकारी कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है। उत्तराखण्ड पुलिस मॉर्डनाइजेशन, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस, कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपात स्थिति और विभिन्न प्रकार के आयोजनों जिनमें चार धाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, ट्रैफिक नियंत्रण आदि के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस को आधुनिक, संवेदनशील एवं स्मार्ट पुलिस बल बनने की दिशा में फोकस किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा वर्तमान में पुलिस को ट्रेनिंग के माध्यम से स्वयं को अपडेट करते रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास सदैव बना रहे इसका निरंतर प्रयास किया जाय। उन्होंने कहा कि पुलिस को लोगों के बीच बनी पूर्व धारणाओं को समाप्त करने का भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा किये जा रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में आम जन तक प्रचार-प्रसार करने का सुझाव दिया, ताकि पुलिस के सकारात्मक कार्यों के बारे में आम जन को जानकारी हो सके। इस दौरान राज्यपाल ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए इस यात्रा से जुड़े अधिकारियों और जवानों का उत्साहवर्धन किया।

डीजीपी अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने एक ओर पीड़ित केंद्रित पुलिसिंग को ध्येय बनाया है तो दूसरी ओर अपराधियों पर सख्त कार्यवाही की है। उन्होंने बताया कि गम्भीर अपराधों में वर्कआउट एवं बरामद की गयी सम्पत्ति के क्षेत्र में पूरे देश में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही का प्रतिशत सबसे बेहतर है। ड्रग्स, ट्रैफिक, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा उत्तराखण्ड पुलिस के फोकस एरिया हैं। जिन पर विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इस दौरान एडीजी प्रशासन अमित सिन्हा, एडीजी पीएस पी.वी.के. प्रसाद, एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था ए.पी. अंशुमन सहित पुलिस विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।