ऋषिकेश:-क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। www.janswar.com

Arunabh raturi.janswar.com

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया।

ऋषिकेश 17 अप्रैल 2024:- अयोध्या में श्रीरामलला विराजित होने के बाद पहली रामनवमी के अवसर पर हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। साथ ही कार्यकर्ताओं और रामभक्तों में प्रसाद भी वितरित किया। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर श्रीगंगा आरती भी की गई।

बुधवार को त्रिवेणी घाट मार्ग स्थित श्रीरधुनाथ मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। उन्होंने कहा कि पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद हमें रामनवमी इस तरह से मनाने का अवसर मिला है, यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है।

इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और श्रीरामभक्तों में प्रसाद भी वितरित किया। बता दें कि बीते माह 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान श्रीरघुनाथ मंदिर त्रिवेणी घाट पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और श्रीराम भक्तों के साथ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा था।  

 

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश सिंह, वन निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, संजय शास्त्री, जितेंद्र अग्रवाल, बृजेश शर्मा, शम्भू पासवान, कृष्ण कुमार सिंघल, मंडल महामंत्री नितिन सक्सेना, नंद किशोर जाटव, विवेक शर्मा, मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा जगावर सिंह, अभिनव पाल, अनिता तिवारी, उषा जोशी, ज्योति पांडेय, रेखा चौबे, सचिन अग्रवाल, संजीव सिलस्वाल, व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल, संजय कोहली, प्रकाश जाटव, राहुल शर्मा, विनोद शर्मा, सागर साधुका, राकेश जी, आनंद गोपाल गिरी, दीपक गुप्ता, कृष्ण कुमार लांबा, मोतीराम टुटेजा, शिवम टुटेजा, सौरभ गर्ग, प्रतीक पुंडीर, प्रदीप गुप्ता, राहुल पाल, नीरज कुशवाहा, अमित पुंडीर, गजेंद्र पाल, सुरेंद्र मोहन, मोहन पाहवा, मदनलाल जाटव, हरिशंकर मदान, सतबीर पाल आदि उपस्थित रहें।