जरूरतमंदों का जीवन बचाने को स्वैच्छिक रक्तदान जरूरी,मानवता के लिए आगे आने का आह्वान।
एम्स ऋषिकेश:- इलाज हेतु सुरक्षित रक्त की आवश्यकता आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की एक मूलभूत जरूरत है। शल्य चिकित्सा, ट्रॉमा देखभाल, कैंसर उपचार, थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज और गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं व अन्य चिकित्सीय स्थितियों में रोगी के इलाज के दौरान रक्त की आवश्यकता को देखते हुए एम्स ने आम लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान हेतु आगे आने का आह्वान किया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी आर्थिक लाभ के स्वेच्छा से दिया गया रक्त मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित स्रोत होता है। स्वैच्छिक रक्तदाता सामान्यतः अपना सही चिकित्सीय इतिहास बताते हैं और रक्तदान के सभी मानदंडों का पालन करते हैं। इन मानदंडों में हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी तथा सिफिलिस जैसे रक्तजनित संक्रमणों की जांच शामिल है। इन जांचों के बाद रोगी को दिया जाने वाला रक्त जोखिम रहित होता है। बतादें कि महाविद्यालयों, विभिन्न कार्यालयों, सामुदायिक क्षेत्रों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे शिविर रकतदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने में भी सहायक होते हैं। चिकित्सकों के अनुसार रक्त की एक यूनिट कई जीवन बचाने में सहायक हो सकती है और 18 से 65 वर्ष की आयु वाला कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
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भुगतान लेकर रक्तदान, दंडनीय अपराध
ऋषिकेश। एम्स में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. गीता नेगी ने बताया कि भुगतान लेकर रक्तदान करना, अर्थात धन या अन्य लाभ के बदले रक्त देना, पूरी तरह अवैध और दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि आर्थिक प्रलोभन के कारण कई बार रक्तदान करने वाला व्यक्ति अपनी चिकित्सीय समस्याओं या विभिन्न संक्रामक रोगों से ग्रसित होने की वजह से अपने रक्त की जोखिमता को छिपा सकता है। ऐसे में संभव है कि वह रक्त असुरक्षित हो और रक्त चढ़ाए जाने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए सीधे तौर से हानिकारक हो। इसलिए खून चढ़ाने से पहले डोनर के स्वास्थ्य और उसके रक्त की सभी आवश्यक जाँचें करवाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक मानवीय सेवा है और इसे कभी भी आय का स्रोत नहीं बनाया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि एम्स ऋषिकेश के ब्लड बैंक सेंटर सहित सभी रक्त केंद्र उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए रक्त दाता के चयन, परामर्श, परीक्षण तथा हीमोविजिलेंस की कड़ी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
