- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सीबीआई जांच की संस्तुति करने के बाद जनपद रुद्रप्रयाग में निष्प्रभावी रहा ‘उत्तराखंड बंद।
- स्थानीय व्यापारियों ने कहा, प्रत्येक रविवार को होता है साप्ताहिक अवकाश, इसका ‘उत्तराखंड बंद’ से कोई संबंध नहीं।
रुद्रप्रयाग:-अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आज 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया था। हालांकि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित, सशक्त एवं निर्णायक कदम के बाद व्यापारी संगठनों ने बंद से किनारा करते हुए कहा कि जब स्वयं मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं, तो अब राज्य बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और न्याय के प्रति उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति पर भरोसा जताते हुए व्यापारियों ने सामान्य जनजीवन को बाधित न करने का निर्णय लिया।
रुद्रप्रयाग के स्थानीय व्यापारी संतोष सिंह ने कहा कि रुद्रप्रयाग बाजार प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बंद रहता है तथा आज बाजार बंद रहना सामान्य प्रकिया है, इसका उत्तराखंड बंद से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन नहीं करने का निर्णय लिया है।”
वहीं, स्थानीय व्यापारी दीपक सिंह ने स्पष्ट किया कि “रुद्रप्रयाग में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बाजार बंद रहता है। कुछ संगठन इसे राजनीतिक रूप देने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। इसका उत्तराखंड बंद से कोई लेना-देना नहीं है। आज भी बाजार सामान्य प्रक्रिया के अनुसार ही बंद रहे।”
परिणामस्वरूप आज उत्तराखंड बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। जनपद में में व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रत्येक रविवार की तरह खुले रहे और जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा।
व्यापारी संगठनों एवं आमजन ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सशक्त नेतृत्व में सीबीआई जांच के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय मिलेगा और यदि इसमें कोई अन्य दोषी पाया जाता है को उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
