राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के एनसीसी कैडेट्स को लोक भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया।
लोक भवन देहरादून:- इस वर्ष उत्तराखण्ड से कुल 172 एनसीसी कैडेट्स ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड एवं उससे जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग किया। परेड में उत्तराखण्ड की कैडेट मानसी विश्वकर्मा ने गर्ल कंटिन्जेंट की परेड कमांडर के रूप में नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त 28 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट स्थित करिअप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित प्रधानमंत्री रैली में भी उत्तराखण्ड के एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया, जिसमें सीनियर अंडर ऑफिसर कैडेट उत्कर्ष शर्मा ने परेड कमांडर की भूमिका निभाई।
कैडेट्स को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर एवं गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करना आपके अनुशासन, कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना गर्व का विषय है और यह अनुभव जीवन भर की स्मृति बन जाता है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से प्राप्त सीख कैडेट्स को आत्मविश्वास के साथ देश और समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।
राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे विशिष्ट अवसर पर चयनित होना आपके दृढ़ निश्चय और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के एनसीसी कैडेट्स अपने उत्कृष्ट प्रशिक्षण और अनुशासन के कारण अन्य कैडेट्स से अलग पहचान रखते हैं। एनसीसी में सिखाए जाने वाले एकता और अनुशासन के मूल मंत्र को जीवनभर अपनाने की आवश्यकता है। एनसीसी गतिविधियाँ चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्यपाल ने गर्ल कंटिन्जेंट की परेड कमांडर कैडेट मानसी विश्वकर्मा की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य पथ पर नेतृत्व कर यह सिद्ध किया है कि आज की भारतीय नारी केवल सहभागिता नहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही है। उन्होंने मानसी को उत्तराखण्ड की बेटियों की शक्ति, आत्मविश्वास और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत कहा।
इसके साथ ही ड्रोन प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रक्षा मंत्री पदक से सम्मानित कैडेट प्रिंस सिंह राणा की उपलब्धि की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह भविष्य की युद्ध तकनीक, नवाचार और 21वीं सदी की सुरक्षा चुनौतियों के लिए युवाओं की तैयारी का उदाहरण है।
राज्यपाल ने कहा कि आज का युग तकनीक और परिवर्तन का युग है, जिसमें ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन वॉरफेयर का विशेष महत्व है। उत्तराखण्ड के एनसीसी कैडेट्स ने यह साबित किया है कि वे न केवल पारंपरिक सैन्य अनुशासन में दक्ष हैं, बल्कि आधुनिक तकनीकों और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि ये कैडेट्स राष्ट्र के शौर्य, संकल्प और नेतृत्व के प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी निदेशालय के अधिकारियों ने कैडेट्स की चयन प्रक्रिया से लेकर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम तक की सभी गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दी। राज्यपाल ने कैडेट्स से संवाद कर उनके अनुभव भी जाने। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
राज्यपाल ने एनसीसी कैडेट्स को उनकी विभिन्न उपलब्धियों हेतु बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, एडीजी एनसीसी निदेशालय, उत्तराखण्ड मेजर जनरल समीर भल्ला, ग्रुप कमांडर एनसीसी मुख्यालय ब्रिगेडियर विकास ढींगरा, नेवल विंग ग्रुप कमांडर नैनीताल कमोडोर बीआर सिंह, कंटिन्जेंट कमांडर उत्तराखण्ड एनसीसी मुख्यालय लेफ्टिनेंट भास्कर विजय टी, कमांडिंग ऑफिसर 1 उत्तराखण्ड एनसीसी एयर विंग ग्रुप कैप्टन विवेक रावत, कमांडिंग ऑफिसर 1 उत्तराखण्ड एनसीसी बीएन गोपेश्वर कर्नल राजेश रावत, डिप्टी ग्रुप कमांडर एनसीसी जीपी मुख्यालय देहरादून कर्नल जीसी लोहानी, कर्नल मनोज सोंझ, कर्नल दीपेंद्र, कर्नल आदित्य पॉल, कर्नल दीपक पांडेय, लेफ्टिनेंट कर्नल रश्मी गौतम सहित एनसीसी के अधिकारी-कर्मचारी एवं कैडेट्स मौजूद रहे।
