महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय व प्रशासनिक अकादमी के संयुक्त प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मिला व्यवहारिक अनुभव। WWW.JANSWAR.COM

आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के दूसरे दिन युवाओं को सिखाए गए बचाव के गुर।

​बिथ्याणी (यमकेश्वर):- महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी (यमकेश्वर) एवं डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी (RSN-TUAOA), नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन अत्यंत ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक कौशल पर केंद्रित रहा।

“Training of Trainers (ToT) on Engaging Youth and Adolescents in Disaster Risk Management (DRM) & Climate Change Adaptation (CCA)” विषयक इस कार्यक्रम के दूसरे दिन का औपचारिक शुभारंभ अकादमी के आपदा प्रकोष्ठ प्रभारी एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. ओम प्रकाश तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु:-विशेषज्ञ संबोधन: डॉ. ओम प्रकाश ने छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराते हुए बताया कि कैसे पूर्व तैयारी और सही जानकारी आपदा के समय होने वाले नुकसान को न्यूनतम कर सकती है।

​SDRF का व्यावहारिक प्रशिक्षण:–  उत्तराखंड पुलिस की राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) यूनिट के सब-इंस्पेक्टर श्री पंकज खरोला ने टीम के साथ मिलकर बचाव कार्यों का लाइव डेमो दिया। छात्रों को आपदा के दौरान रेस्क्यू, बचाव और राहत कार्यों का कड़ा अभ्यास कराया गया।

​प्राथमिक उपचार:- प्रशिक्षण के दौरान चोटिल व्यक्तियों को आपदा स्थल से सुरक्षित निकालने और अस्पताल पहुँचाने से पहले दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार (First Aid) की महत्वपूर्ण तकनीकें सिखाई गईं।

युवाओं की भूमिका पर जोर:-​प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील भूगोल वाले राज्य में युवाओं का आपदा प्रबंधन में दक्ष होना अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण न केवल छात्रों को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि वे अपने समाज के लिए भी रक्षक की भूमिका निभा सकेंगे।

​प्रशिक्षण में महाविद्यालय के प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपदा के समय ‘शून्य क्षति’ के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया।

साथ ही आज महाविद्यालय में “आंतरिक शिकायत समिति “ की एक बैठक भी आहूत की गई जिसका मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय की छात्राओं और विभागान्तर्गत महिला कर्मचारियों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करना था बैठक में छात्राओं को मानसिक व शारीरिक उत्पीडन के विषय में जागरूक किया गया | तथा समिति के साथ वार्तालाप के उपरांत समिति के समक्ष किसी भी छात्राओं या महिला कर्मचारियों से शारीरिक व मानसिक उत्पीडन की बात सामने नहीं आई |

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक डॉ. पूजा रानी, सह-संयोजक डॉ. हिमानी बडोनी, डॉ. गिरिराज सिंह, डॉ. विनय कुमार पांडेय, डॉ. राम सिंह सामंत,डॉ सुनील देवराडी , डॉ. नीरज नौटियाल, डॉ. चेतन भट्ट, डॉ. मनवीर कंडारी, श्री महेंद्र बिष्ट, नरेश राणा और उर्वशी जुयाल का विशेष सहयोग रहा।