मुख्यमंत्री ने माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया।#प्रदेश के विकास में नाबार्ड बनेगा सहयोगी।#पौड़ी गढवाल समाचार#पढिए Janswar.Com में

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी


मुख्यमंत्री ने माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया। योजना का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल को बधाई देते हुए कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए सुबोध उनियाल जी ने नये-नये कॉन्सेप्ट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्य लगन से किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है। एकीकृत आदर्श ग्राम योजना एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो मील का पत्थर साबित होगा। एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जब सभी किसान भाई जागरूक होंगे तो कृषि उत्पादन में सुधार के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही मशीनीकरण पर फोकस करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती उत्तराखण्ड की विशेषता है, जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडीशन एवं ब्रांड की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए एक अम्ब्रेला ब्राण्ड शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यधार झील निर्माण के बाद 29 गावों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए गुरूत्व आधारित पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए जमरानी एवं सौंग बाँध की बाधाओं को शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संभरण एवं संरक्षण, मानव वन्यजीव संघर्ष आदि को रोकने के लिए 10 हजार लोगों को काम पर लगाया जाएगा। इससे एक ओर लोगों को रोजगार प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में चार बंदर बाडों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पहले 2 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा था जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रूपए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एक स्वस्थ उत्तराखण्ड की परिकल्पना तभी की जा सकती है जब एक माँ और उसका बच्चा स्वस्थ हो। माँ और बच्चा स्वस्थ रह सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सौभाग्यवती किट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड के किसानों से कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें मशीनीकरण को अपनाना होगा ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।
कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना काल में जहां सभी क्षेत्रों में मंदी आयी है, कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार कृषि के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य को कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. चिंतला से उत्तराखण्ड में मैकेनाईजेशन को बढ़ावा दिये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेड़ पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सरी एक्ट बनाया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के पेड़ पौधे मिल सकें। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जहां ऑर्गेनिक के पीछे पड़ी है, हमारा राज्य उत्तराखण्ड बाय डिफॉल्ट ऑर्गेनिक है।
सहकारिता मंत्री श्री धनसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 04 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। 12 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी 5-5 लाख रूप्ए का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

चेयरमैन नाबार्ड डॉ जी.आर. चिंतला ने देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी कृषि क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुयी है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण कृषि के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ ही उत्तराखण्ड को जैविक खेती पर फोकस करना चाहिए।

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प्रदेश के विकास में नाबार्ड बनेगा सहयोगी।

नाबार्ड के चैयरमैन ने मुख्यमंत्री को दिया आश्वासन।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश उपस्थित थे। इस अवसर पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती तथा बेहतर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये अब तक 104 ग्रोथ सेन्टर स्थापित किये जा चुके है। इनके द्वारा लगभग 6 करोड़ का व्यवसाय किया गया है। उन्होंने इन ग्रोथ सेन्टरो को और व्यापकता प्रदान करने में भी सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में नार्बाड के चेयरमैन द्वारा मुख्यमंत्री को राज्य के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। नाबार्ड द्वारा कृषि विकास से सम्बन्धित क्षेत्रों के अलावा सामाजिक व सामुदायिक विकास ग्रामीण संयोजकता आदि गतिविधियां शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं अन्य विकासपरक योजनाओं के लिये रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फण्ड तथा नाबार्ड इंफ्रास्ट्रचर फण्ड के माध्यम से भी वित्तीय समावेशन की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर कार्य तीव्र गति से करने पर भी चर्चा करते हुए कहा कि किसी परियोजना में फंड की कमी पड़ने पर नाबार्ड के नीडा प्रोजेक्ट से ऋण सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है। सहकारी बैंक के लिए लघु ऋण की सीमा 500 करोड़ से 750 करोड़ रूपए कर दी गई है तथा राज्य सरकार यदि अनुरोध करती है तो यह सीमा और भी बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाडी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500 से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है।


जनपद पौड़ी गढवाल के समाचार।

(1)

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/सिविल जज, इंदु शर्मा की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष पौड़ी में जिला स्तरीय कोविड-19 माॅनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी डा. एस.के. बरनवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु विभागीय स्तर पर की जा रही कार्यो की क्रमवार समीक्षा की। नगर पालिका परिषद् पौड़ी द्वारा कोविड-19 संबंधी आंकड़े सही से उपलब्ध न कराने पर नाराजगी व्यक्त की गई।
अपर जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग के अधिकारी को सुझाव देते हुए कहा कि वाहनों को रात के समय सैनिटाइज करवाना सुनिश्चित करें। कहा कि विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की रिपोर्ट वीडियो एवं फोटो क्लीप वट्सअप एप ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों में समुचित सफाई व्यवस्था बनाये रखने हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया। कहा कि हर रविवार को जनपद के समस्त नगर क्षेत्रों में वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए सेनेटाइज कराने सुनिश्चित करेंगे। वहीं अस्पतालों में कोविड-19 से संबंधित रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण उपचार आदि समुचित व्यवस्थाओं को आगामी समय तक बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि क्षेत्रों में जनमानस की सैंपलिंग में तेजी लाऐं। उन्होंने डाटा के संकलन में एक रूपता लाने के भी निर्देश दिए। वहीं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि मास्क न पहनने व सही ढंग से मास्क न लगाने वालों का चालान किये जायें। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया कि इम्यूनिटी की बूस्टर, काड़ा तथा घरेलू उपचार के माध्यम से स्वस्थ्यता बनाए रखने हेतु लोगों को जागरूक करें।

इस अवसर पर डा. सुभाष चंद्रा, आशीष जदली, पुलिस विभाग से मुकेश गैरोला, परिवहन से जयन्त वशिष्ठ, नेहरू युवा केन्द्र से अंजना बिष्ट, नगरपालिका परिषद् पौड़ी से शैलेष रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

(2)

जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा कोविड 19 के संक्रमण से बचाव, सुरक्षा तथा व्यवहार में परिवर्तन लाने हेतु जन जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। जिसके तहत आज जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, जिला पर्यटन विकास विभाग/साहसिक खेल विभाग, पंचायत राज विभाग, जिला पूर्ति विभाग, नगर पालिका सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कार्मिकों द्वारा कोविड 19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जन जागरूकता अभियान चालाया गया।

उपजिलाधिकारी पौड़ी श्याम सिह राणा के नेतृत्व में परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा वाहनों में कोविड 19 के नियमावली के तहत चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें उन्होने बिना मास्क वाले सवारियों के 200-200 रूपया का चालान कर, उन्हे 4-4 मास्क देते हुए, सक्रमण से बचने हेतु नियमित मास्क लगाये रखने को कहा गया। साथ ही हिदायद भी दी गई कि जब तक वैक्सीन नही तब तक लापरवाही नहीं करेंगे।

(3)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थापित वार रूम से प्राप्त आज दिनांक 21.10.2020 को समय 01ः00 बजे की रिर्पोट के अनुसार जनपद में आरटीपीसीआर, रेपिड एन्टीजन व ट्रूनेट रूप से 64 हजार 60 सैम्पल जांच हेतु भेजे गये, जिनमंे से 51 हजार 637 नेगेटिव, 9 हजार 946 लम्बित, 1 हजार 570 अस्वीकृत तथा 2 हजार 477 कोरोना संक्रमित रोगी पाये गये। कोरोना संक्रमित 2 हजार 477 में से 2 हजार 86 स्वास्थ्य हो चुके है, जबकि 25 की मृत्यु हुई तथा 367 एक्टिव केस हैं। वर्तमान समय में 131 रोगी आइसोलेशन में भर्ती है, जिनमंे 34 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट तथा 97 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार में है। कोविड केयर सेंटर के अन्तर्गत 25 लोग हैं, जिनमंे 11 नर्सिंग काॅलेज डोबश्रीकोट, 08 सीसीसी कोड़िया कैम्प मंे, 03 गीता भवन स्वर्गाश्रम ट्रस्ट तथा 03 डीसीसीसी सतपुली में है

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