हेमवती नंदन बहुगुणा: स्वतंत्रता संग्राम के पराक्रमी योद्धा और उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी मुख्यमंत्री। WWW.JANSWAR.COM

हेमवती नंदन बहुगुणा: स्वतंत्रता संग्राम के पराक्रमी योद्धा और उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी मुख्यमंत्री। 

(अरुणाभ रतूड़ी):- महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर राजनीतिज्ञ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1907 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई और बाद में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बहुगुणा जी ने महात्मा गांधी के आह्वान पर सक्रिय भागीदारी की। 1930 के नमक सत्याग्रह से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक, वे जेल यात्राओं के जरिए ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ डटकर लड़े।

उनकी वकालत की डिग्री ने उन्हें कानूनी हथियार दिया, जिससे उन्होंने कई क्रांतिकारियों का बचाव किया। स्वतंत्र भारत में वे कांग्रेस के प्रमुख नेता बने और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 1960 से 1967 तक तथा 1973 से 1975 तक सेवा की।उनकी दूरदर्शिता ने उत्तर प्रदेश को आधुनिक रूप दिया। उन्होंने कृषि सुधार, सिंचाई परियोजनाएं और शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया। गढ़वाल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्होंने पहाड़ी इलाकों के विकास के लिए विशेष प्रयास किए।

राष्ट्रीय स्तर पर वे केंद्रीय मंत्री भी रहे और विदेश मामलों में उनकी भूमिका सराहनीय रही। बहुगुणा जी का मानना था कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि सत्ता का साधन।15 मार्च 1989 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विचारधारा आज भी प्रासंगिक है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लाखों लोग उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं।

उनकी पुण्यतिथि हमें उनके त्याग, साहस और सेवा भाव की याद दिलाती है।हेमवती नंदन बहुगुणा अमर रहें!