मौनी अमावस्या पर आस्था का महाकुंभ: हर की पैड़ी पर उमड़ा जनसैलाब, देखिए अद्भुत और विहंगम दृश्य।
हरिद्वार (अरुणाभ रतूड़ी):- मोक्षदायिनी माँ गंगा के तट पर आज आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती पर सितारों का मेला लग गया हो। आज मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में, विशेषकर हर की पैड़ी पर, श्रद्धालुओं का तांता ब्रह्म मुहूर्त से ही लगा हुआ है।
कड़कड़ाती ठंड और कोहरे की चादर भी आज भक्तों की आस्था को डिगा नहीं पाई है। ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
हर की पैड़ी का विहंगम दृश्य:-हर की पैड़ी का दृश्य आज अद्भुत है। जहाँ तक नज़र जा रही है, केवल श्रद्धालुओं के सिर ही दिखाई दे रहे हैं। ड्रोन कैमरों से ली गई तस्वीरें एक विहंगम दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं—गंगा के घाटों पर उमड़ी भीड़ किसी विशाल मानव समुद्र जैसी लग
रही है।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया। दीपों की रोशनी में गंगा का जल स्वर्ण की तरह चमक रहा है।
मौन व्रत और दान:- मौनी अमावस्या का महत्व ‘मौन’ रहने में है। श्रद्धालु स्नान के बाद मौन धारण कर जप-तप कर रहे हैं और तिल, तेल व गर्म कपड़ों का दान कर पुण्य कमा रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:- इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। हर की पैड़ी क्षेत्र को जीरो ज़ोन घोषित किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है।
भक्तों का उत्साह:- देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि आज के दिन गंगा स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और पितरों को शांति मिलती है। ठंड के बावजूद, बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में गजब का उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासन का बयान: मेला अधिकारी ने बताया कि दोपहर तक लगभग [अनुमानित संख्या, जैसे- 20-30 लाख] श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है।
मौनी अमावस्या पर हर की पैड़ी का यह नजारा न केवल भारतीय संस्कृति की झलक पेश करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आधुनिक युग में भी ‘आस्था’ और ‘विश्वास’ की जड़ें कितनी गहरी हैं।
