राज्यपाल का पौड़ी दौरा: स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की सराहना, विकास योजनाओं की समीक्षा। WWW.JANSWAR.COM

  • महिलाओं की मेहनत को राज्यपाल ने सराहा, उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर दिया जोर।
  • विकास, नवाचार और स्वरोजगार पर राज्यपाल का फोकस, विकास कार्यों की समीक्षा कर दिए निर्देश।

पौड़ी:-दो दिवसीय जनपद दौरे पर पहुंचे महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने सर्किट हाउस, पौड़ी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से उनके उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन व्यवस्था, उत्पादन प्रक्रिया एवं आय में हुई वृद्धि के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उनके प्रयासों को सराहा।

जनपद मुख्यालय पहुंचने पर राज्यपाल को सुरक्षा बलों द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश्वर पंवार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस पहुंचने पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पारंपरिक तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया।

सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा दो महिलाओं की गोद भराई की गई तथा आंगनबाड़ी के 10 बच्चों को ट्रैकसूट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत चार पशु सखियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिससे वे अपने कार्यों को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बना सकें। कार्यक्रम में उमंग स्वायत्त सहकारिता, नव उज्जवल स्वयं सहायता समूह, श्री तीमली आजीविका समूह, कृषक उत्पादक संघ, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का राज्यपाल ने निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं उपयोगिता की सराहना करते हुए उन्हें बड़े बाजारों एवं वैश्विक मंच तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद देश के प्रमुख महानगरों तक पहुंचने चाहिए और इसके लिए प्रशासन द्वारा महिलाओं का निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने महिलाओं को पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराने पर भी बल दिया, जिससे वे नवीन तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग एवं प्रभावी विपणन हेतु सुदृढ़ प्रशिक्षण प्रदान किया जाय, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

कार्यक्रम में बालिका स्वस्ति नौटियाल ने राज्यपाल से संवाद करते हुए बाल रोग विशेषज्ञ बनने की इच्छा व्यक्त की तथा सांस्कृतिक प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध किया। राज्यपाल ने बालिका को सम्मानित कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसके उपरांत राज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा जनपद में संचालित सतत एवं समावेशी विकास की अभिनव पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, बायोमास ऊर्जा, पर्यटन एवं नवाचार से संबंधित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु बिलखेत में पैराग्लाइडिंग तथा पाली गांव (लैंसडाउन) में जिपलाइन व होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही विज्ञान संग्रहालय, इंडोर स्टेडियम एवं कंडोलिया मैदान का विकास प्रगति पर है, जबकि मोहनचट्टी को आयुर्वेद ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस और डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बायोमास ऊर्जा के क्षेत्र में चीड़ (पिरूल) के उपयोग से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नशा उन्मूलन अभियान, साइबर अपराध नियंत्रण, मानव तस्करी रोकथाम एवं गुमशुदा बच्चों की खोज से संबंधित प्रयासों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने मशरूम, कीवी, सेब एवं फ्लोरीकल्चर जैसी नवाचारी खेती की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान डीएफओ महातिम यादव द्वारा वनाग्नि नियंत्रण, लीसा निष्कर्षण परियोजना एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।

राज्यपाल ने किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण तथा महिलाओं में एनीमिया परीक्षण पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीरूल के संग्रहण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों के विजन की सराहना करते हुए कहा कि जनपद पौड़ी में अपार विकास संभावनाएं निहित हैं, जिनके प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। राज्यपाल ने संसाधनों के बेहतर उपयोग, नवाचारी उत्पादों को बढ़ावा देने एवं पलायन रोकने की दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।