महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ।
यमकेश्वर (बिथ्याणी) :- महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी (यमकेश्वर) और डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी (RSN TARA), नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आज आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया गया।
मुख्य आकर्षण: दीप प्रज्वलन एवं स्वागत समारोह:- इस “Training of Trainers (ToT)” कार्यक्रम का विषय “Engaging Youth and Adolescents in Disaster Risk Management (DRM) & Climate Change Adaptation (CCA)” रखा गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख यमकेश्वर, श्रीमती सीता चौहान जी, नमामि गंगे के प्रदेश संयोजक श्री संजीव चौहान जी, प्रशासनिक अकादमी नैनीताल के आपदा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश जी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अतिथियों के स्वागत में डॉ. ओम प्रकाश द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। वहीं, प्राचार्य प्रो. शर्मा ने पुष्प गुच्छ और महाविद्यालय की प्रतिष्ठित पत्रिका “गौरक्ष” भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
विशेषज्ञ संबोधन: चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण
कार्यक्रम के निदेशक और मुख्य वक्ता डॉ. ओम प्रकाश ने प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत करते हुए छात्र-छात्राओं को आपदा के समय आने वाली विषम परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- आपदा प्रबंधन:- संकट के समय त्वरित और प्रभावी निर्णय लेना।
- चुनौतियों का सामना: स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग।
- युवाओं की भूमिका: आपदा जोखिम को कम करने में किशोरों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी।
”युवाओं को प्रशिक्षित करना न केवल एक शैक्षिक कार्य है, बल्कि यह आपदा के समय जीवन बचाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी तैयार करना है।” — डॉ. ओम प्रकाश
उपस्थिति एवं समन्वय:- इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक डॉ. पूजा रानी, सह-संयोजक डॉ. हिमानी बडोनी, डॉ. गिरिराज सिंह, डॉ. विनय कुमार पांडेय, डॉ. राम सिंह सामंत,डॉ सुनील देवराडी , डॉ. नीरज नौटियाल, डॉ. चेतन भट्ट, डॉ. मनवीर कंडारी, श्री महेंद्र बिष्ट, नरेश राणा और उर्वशी जुयाल का विशेष सहयोग रहा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें छात्रों को व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
