भारत रत्न मोरारजी देसाई: सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले जननायक को देश का नमन। WWW.JANSWAR.COM

भारत रत्न मोरारजी देसाई: सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले जननायक को देश का नमन।

(अरुणाभ रतूड़ी):- आज पूरा राष्ट्र भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और ‘भारत रत्न’ मोरारजी देसाई जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। अपनी सादगी, ईमानदारी और कठोर अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले मोरारजी भाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को एक नई दिशा दी।

सिद्धांतों की राजनीति के पुरोधा:- 29 फरवरी 1896 को जन्मे मोरारजी देसाई का जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने गांधीवादी मूल्यों को अपनाते हुए न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत में आपातकाल के बाद लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में अहम भूमिका अदा की। 1977 में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश का कार्यभार संभाला और शासन में पारदर्शिता और शुचिता का उदाहरण पेश किया।

एकमात्र भारतीय जिन्हें मिला ‘निशान-ए-पाकिस्तान:- मोरारजी देसाई भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ के साथ-साथ पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’से भी सम्मानित किया गया। यह उनके द्वारा शांति और पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों के प्रयासों का प्रतीक था।

 “अदम्य साहस, सादगी एवं सिद्धांतों की प्रतिमूर्ति, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ मोरारजी देसाई जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र निर्माण में आपका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”