नवरात्रि सप्तम दिवस: माता के सातवें रूप का दिव्य स्वरूप। WWW.JANSWAR

नवरात्रि सप्तम दिवस: माता के सातवें रूप का दिव्य स्वरूप।

(अरुणाभ रतूड़ी):- नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू धर्म में शक्ति की उपासना का महान उत्सव है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। इनमें से सप्तम दिवस विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन मां दुर्गा का सातवां रूप मां कालरात्रि की पूजा होती है। कालरात्रि रूप मां का वह भयंकर और रक्षक स्वरूप है, जो भक्तों के कष्ट हरने वाली और दुष्ट शक्तियों का संहार करने वाली हैं। आइए, इस दिवस की महिमा को समझें।

मां कालरात्रि का स्वरूप और महत्व:- मां कालरात्रि का नाम सुनते ही भय का भान होता है, किंतु उनके भक्तों के लिए वे सुख-शांति प्रदान करने वाली कृपालु मां हैं। पुराणों के अनुसार, उनका रूप अत्यंत उग्र है – काला वर्ण, चार भुजाएं, जिसमें एक हाथ में खड्ग (तलवार), दूसरे में घड़ा़, तीसरे से वरदान मुद्रा और चौथे से अभय मुद्रा। उनके बाल खुले और घने होते हैं, नेत्र लालिमान और गले में मृतकों की माला। वे नील घोड़े पर सवार रहती हैं।

इस दिवस की पूजा से भक्तों को कालरात्रि मां भय, रोग, भूत-प्रेत और शत्रुओं से मुक्ति दिलाती हैं। स्कंद पुराण में वर्णित है कि मां कालरात्रि ने महिषासुर के वध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सप्तम नवरात्रि पर उनकी आराधना करने से जीवन के सातों चक्र साफ हो जाते हैं और व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। उत्तराखंड सहित देशभर में इस दिन कन्या पूजन और हवन का विशेष आयोजन होता है।

पूजा विधि: सरल और प्रभावी तरीका

सप्तम नवरात्रि की पूजा के लिए निम्नलिखित विधि अपनाएं:

कलश स्थापना के बाद:- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मां कालरात्रि की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

आरती और मंत्र: –  ॐ कालरात्र्यै नमः। 108 बार जाप करें। आरती के समय घी का दीपक जलाएं।

भोग: काले तिल, गुड़, नारियल और काली उड़द का भोग लगाएं। रात्रि में जागरण करें।

दान: गरीबों को काला वस्त्र, तिल या लोहे की वस्तु दान करें।

इस पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

नवरात्रि का यह सप्तम दिवस हमें सिखाता है कि मां का उग्र रूप भी प्रेमपूर्ण है। भक्तों के लिए वे अनंत कृपा की वर्षा करती हैं।

इस दिन मां कालरात्रि की भक्ति से जीवन के अंधेरे दूर हो जाते हैं। जय मां कालरात्रि!