बापू ग्राम बचाओ: डॉ. अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताए वन विभाग पर किए प्रयास।
ऋषिकेश:-राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय महेंद्र भट्ट जी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश के बापू ग्राम सहित अन्य क्षेत्रों में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उपरांत वन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में अपने स्तर से की गई कार्रवाई को बिंदुवार बताया।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि दिनांक 26 दिसंबर 2025 को वीरभद्र मंडल अध्यक्ष सुमन जी द्वारा कैंप कार्यालय में आकर मामले से अवगत कराया गया। उसी दिन सायं पूर्व जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र राणा जी से दूरभाष पर वार्ता हुई, जिसके पश्चात वन विभाग कार्यालय में मौजूद डीएफओ को फोन कर पार्षदों के साथ बैठक कर उन्हें विश्वास में लेने तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए संवेदनशीलता से कार्यवाही करने को कहा।
27 दिसंबर 2025 को सायं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से संबंधित क्षेत्र के पार्षदों एवं पार्टी पदाधिकारियों के साथ भेंट की गई। इस दौरान सीसीएफ श्री कपिल जी की उपस्थिति में सुप्रीम कोर्ट में एक सक्षम अधिवक्ता खड़ा किए जाने का अनुरोध भी किया गया।
28 दिसंबर 2025 को पथराव एवं लाठीचार्ज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के उपरांत डॉ. अग्रवाल द्वारा पुनः माननीय मुख्यमंत्री जी से वार्ता की गई, जिसके बाद कानून व्यवस्था की स्थिति ख़राब न हो संबंधित कार्रवाई को रोका गया।
29 दिसंबर 2025 को आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि नगर निगम भी अपनी ओर से अधिवक्ता नियुक्त करे। साथ ही एविडेंस के लिए डॉ अग्रवाल द्वारा विद्युत विभाग एंव जल संस्थान के अधिशासी अभियंताओं को क्षेत्र का विवरण देने को कहा गया तथा माननीय मुख्यमंत्री जी से पुनः सक्षम वकील खड़ा करने को कहा गया।
31 दिसंबर 2025 को बापू ग्राम में स्थानीय लोगों के साथ बैठक हुई जिसमे बापूग्राम संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश जुगलान, रविंद्र राणा, पिंटू रावत सहित अनेकों लोग उपस्थित थे जिसमे डॉ अग्रवाल द्वारा एकता पर जोर दिया इसी प्रकार 1 जनवरी 2026 को मीरा नगर में ग्रामीणों द्वारा एक बैठक आयोजित हुई जिसमे डॉ अग्रवाल ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके उपरांत डीएफओ श्री नीरज शर्मा एवं सीसीएफ श्री राजीव धीमान से दूरभाष पर वार्ता की गई तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से भेंट कर समस्या के वैकल्पिक समाधान हेतु सुझाव भी दिए गए इसी क्रम मे वन मंत्री माननीय श्री सुबोध उनियाल जी से भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वे माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूर्ण सम्मान करते हुए प्रभावित नागरिकों के हितों की रक्षा हेतु संवैधानिक एवं कानूनी दायरे में हर संभव प्रयास कर रहे हैं और आगे भी जनहित में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे साथ ही डॉ अग्रवाल ने कहा की मै अपने प्रदेश अध्यक्ष मा. महेंद्र भट्ट जी का इस विषय को राज्यसभा में उठाने के लिए धन्यवाद करता हूं साथ ही धन्यवाद करता हूं अपने सांसद माननीय त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का जिन्होंने केंद्रीय वन मंत्री के समक्ष इस विषय को रखा।
डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वह उनकी पार्टी व सरकार पूर्ण रूप से मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए इस विषय में कानून प्रक्रिया के दायरे में हर संभव प्रयास आगे भी करते रहेंगे।
