प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण जीवन को मिला नया आधार,सरकार की पहल से गांवों में साकार हुए पक्के आवास के सपने।
पौड़ी:-जनपद पौड़ी गढ़वाल के ग्रामीण अंचलों में अब सिर्फ घर नहीं बन रहे, बल्कि उम्मीदें आकार ले रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उन परिवारों के जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास भर दिया है, जिनके लिए कभी पक्की छत सिर्फ एक सपना हुआ करती थी। आज वही सपना हकीकत बनकर गांव-गांव मुस्कान बिखेर रहा है।
वर्ष 2016 से 2024 के बीच जनपद में 4594 पात्र परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल चुका है। यह आंकड़ा सिर्फ निर्माण का नहीं, बल्कि विश्वास के निर्माण का प्रमाण है। वहीं आवास प्लस सर्वे-2024 के तहत सभी विकासखंडों में 12379 नए आवासों के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह सर्वे तीन चरणों में किया जाता है और इसकी वैधता पांच वर्षों तक रहती है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद ही योजना से जुड़ें। अब जिला स्तरीय समिति द्वारा पात्र लोगों को चिन्हित कर आगे की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है सीधा और पारदर्शी लाभ। पात्र लाभार्थियों को 1 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में सीधे खाते में मिलती है। इसके साथ 95 दिन की विकसित भारत – जी राम जी मजदूरी और उत्तराखंड सरकार द्वारा किचन सामग्री व बर्तनों के लिए 6 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद भी दी जा रही है। इस योजना से पात्र लाभार्थियों को एक कमरा, एक किचन और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं वाला घर मिल रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ मकान बनाने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन को मजबूत आधार देने की पहल है। उन्होंने कहा योजना की पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध क्रियान्वयन के कारण जनपद हर वर्ष अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर रहा है। इससे पात्र लोगों का सरकार के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 215 का लक्ष्य पूरा, 2017-18 में 184 का लक्ष्य हासिल, 2020-21 में 860 का लक्ष्य पूर्ण, 2021-22 में 147 का लक्ष्य प्राप्त, 2022-23 में 2049 के सापेक्ष 2043 आवास, 2023-24 में 1146 के सापेक्ष 1145 परिवारों को घर मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने जनपद के गांवों में बदलाव की नींव रख दी है। आज पक्की दीवारों के साथ-साथ लोगों के सपने भी मजबूत हुए हैं।
