निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का रखा जाए विशेष ध्यान-मुख्यमंत्री##पर्यटन दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं।###एम्स का एक जम्मू कश्मीर राज्य के भ्रमण पर गया।पढिए Janswar.com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

कार्यदायी संस्थाओं को उनकी क्षमता के अनुसार कार्य आवंटित किये जाए।

 निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का रखा जाए विशेष ध्यान।

 विभागीय निर्माण कार्यो को समय से पूर्ण कराना है विभागाध्यक्षों की नैतिक जिम्मेदारी।


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में विभिन्न विभागों में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से सम्पन्न कराये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि कार्यदायी संस्थाओं की कार्य क्षमता एवं दक्षता का आंकलन करने के पश्चात ही उन्हें निर्माण कार्य सौंपे जाएं। ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग की कार्य क्षमता के दृष्टिगत उन्हें 10 करोड़ के कार्य आवंटन पर भी मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान की, पूर्व में यह सीमा 5 करोड़ निर्धारित थी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत किये जा रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को निर्धारित अवधि के अन्दर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का समय पर पूर्ण न होने से उसकी लागत बढ़ने के साथ ही आम जनता को उसका लाभ भी समय पर नहीं मिल पाता है इसके लिये विभागाध्यक्षों को स्वयं भी स्थिति का आंकलन करना चाहिए जो उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों के लिये स्वीकृत धनराशि अविलम्ब आवंटित की जाये ताकि इसके लिये संस्थाओं को अनावश्यक रूप में सचिवालय के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के लिये कार्य संस्कृति में बदलाव लाने तथा कार्यावधि बढ़ाये जाने पर बल दिया। निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही 5 करोड़ से अधिक के कार्यों का थर्ड पार्टी आडिट की अनिवार्य व्यवस्था बनाने, पुलों व अन्य बड़े तकनीकी क्षमता के कार्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिये कि वे एक साथ 10 काम हाथ में न लें, इससे कार्यों को पूर्ण करने में विलम्ब होता है। वे अपनी क्षमता के अनुसार ही कार्य हाथ में लें तथा एक योजना पूर्ण करने के बाद ही दूसरी शुरू करें। इससे कार्यों के बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकेंगे।
बैठक में सचिव वित्त श्री अमित नेगी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रदेश की कार्यदायी संस्थाओं में ब्रिडकुल, पेयजल निगम, जीएमवीएन, केएमवीएन, आर,ईएस, कृषि विपणन बोर्ड, लोक निर्माण व सिंचाई विभाग को विभिन्न विभागों के 1361.61 करोड़ के 267 कार्य आवंटित किये गये हैं, जबकि प्रदेश के बाहर की संस्थाओं उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम, ब्रिज एण्ड रूफ कम्पनी इंडिया, एन.बी.सी.सी व एन.पी.सी.सी को 3271.35 करोड़ के 361 कार्य आवंटित किये गये हैं।
—————————————————-मुख्यमंत्री ने दी विश्व पर्यटन दिवस शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यटन दिवस पर प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
अपने संदेश में श्री रावत ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्व पूर्ण योगदान है
उत्तराखण्ड में माउंटेनियरिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कैम्पिंग, पैराग्लाईडिंग, माउंटेन बाईकिंग आदि की बहुत सम्भावनाएं हैं। इसके लिए साहसिक पर्यटन का अलग से निदेशालय बनाया जा रहा है। वैलनैस टूरिज्म पर भी हम फोकस कर रहे हैं।इसके अतिरिक्तउत्तराखण्ड पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म तथा आयुष के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। चारधाम यात्रा और हेमकुण्ड साहिब के दर्शनों के लिए रिकार्ड संख्या में लोग आये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी अतिथि देवो भव की परंपरा को कायम रखनी चाहिए इसके लिए होम स्टे पर्यटन को सरकार बढावा दे रही है।हमारे प्रदेश में फिल्म सूटिंग के लिए अनुकूल माहौल है इसलिए भारत सरकार द्वारा ‘मोस्ट फ्रेंडली स्टेट फॉर फिल्म शूटिंग’ भी घोषित किया गया है।  

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एम्स के चिकित्सकों व चिकित्सा छात्रों का एक दल जम्मू कश्मीर राज्य के भ्रमण पर गया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों व एमबीबीएस छात्रों का दस सदस्यीय दल बृहस्पतिवार को एक सप्ताह के शैक्षणिक भ्रमण पर जम्मू कश्मीर राज्य के लिए रवाना हो गया। जहां स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से राष्ट्रीय सेवा के उद्देश्य से एम्स का दल जम्मू के सुदूरवर्ती गांवों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और उक्त क्षेत्र में होने वाली बीमारियों पर अध्ययन करेगा। बृहस्पतिवार को एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने सोशल आउटरीच गतिविधियों के तहत संस्थान के दस सदस्यीय चिकित्सकीय व छात्र दल को रवाना किया। इस मौके पर निदेशक एम्स ने कहा कि संपूर्ण भारत खासकर स्वास्थ्य सुविधाओं से विहीन क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सेवा व अनुसंधान के लिए इस तरह के भ्रमण कार्यक्रम आवश्यक हैं। जिसके तहत संस्थान का चिकित्सकीय व छात्र दल समय-समय पर आउटरीच एक्टिविटी के तहत उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर आदि प्रांतों में शैक्षणिक भ्रमण व अध्ययन के लिए भेजा जाता है। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने दल को शुभकामनाएं दी, उन्होंने बताया कि दस सदस्यीय दल 27 सितंबर से तीन अक्टूबर तक एक सप्ताह जम्मू कश्मीर के सुदूर पर्वतीय इलाकों में चिकित्सकीय अध्ययन करेगा। दल में संस्थान के जूनियर रेजिडेंट फार्माकोलाॅजी डा. विनोद कुमार,जेआर एनेस्थिसिया डा. प्रकाश चंद्र,इंटर्नंस प्रियंका व रतन दास वैष्णव, एमबीबीएस वर्ष-2018 के छात्र रविंद्र राठौर,अक्षय शर्मा, मनीष धाकड़, तुषार सिंह, अभिषेक सिंह, मोहित मीणा आदि शामिल थे।

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