उत्तराखंड में कोरोना के आज 836 नये मरीज#एम्स निदेशक ने संस्थान के एंटीबॉडी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया#जिला विकास प्राधिकरण उत्तरकाशी के प्रथम बोर्ड बैठक की अध्यक्षता आयुक्त गढवाल मंडल ने की#चार दिन की मौसमवाणी। पढिए Janswar.Com में।

उत्तराखंड में कोरोना के आज अब तक के एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज। आज 836 नये मरीज।

प्रदेश कोरोना कन्ट्रोल रूम के हैल्थ बुलेटिन के अनुसार कोरोना के कुल 21234 मरीज।

अब तक ठीक हुए- 14437

आज रोग मुक्त मरीज- 425

वर्तमान में कुल संक्रमित मरीज- 6442

24 घन्टे में 11 मौत। कुल मृतक संख्या 291

रिकवरी रेट घटकर 67.99

मरीजों के दोगुना होने की दर 23.47 दिन। 

आज हरिद्वार में सबसे ज्यादा 220 मरीज। 

देहरादून में 184 मरीज। 

उधमसिंह नगर में 112 और नैनीताल में 97 नये मामले। 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कोविड-19 से ग्रसित मरीजों में एंटीबाॅडी टेस्ट की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इसके साथ ही संस्थान में कोविड मरीजों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए पापुलेशन स्क्रीनिंग जांच भी शुरू कर दी गई है। एम्स उत्तराखंड में पहला सरकारी अस्पताल है, जहां रोगियों के लिए उक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तारीकरण की दिशा में सततरूप से प्रयासरत है। इसी क्रम में सुविधाओं का विस्तारीकरण करते हुए एम्स में ऐसी दो ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जिनके द्वारा पापुलेशन स्क्रीनिंग के माध्यम से कोरोना वायरस रोग के तेजी से बढ़ते दायरे की निगरानी भी हो सकेगी। ऐसे में इस प्रयोगशाला का महत्व उत्तराखंड में लगातार बढ़ती कोविड पॉजिटिव मरीजों की संख्या के मद्देनजर और अधिक बढ़ गई है। केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक- 4 की गाइडलाइन आने के बाद, अब अन्य प्रांतों से आने वाले लोगों के लिए राज्य की सीमाएं खोल दी गई हैं, लिहाजा ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ साथ निकट भविष्य में कोविड मरीजों की संख्या में और अधिक बढ़ने की संभावना हो गई है। इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने संस्थान के बायोकैमेस्ट्री विभाग की एंटीबॉडी परीक्षण प्रयोगशाला का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि उत्तराखंड में संस्थान द्वारा मरीजों के लिए यह पहली प्रयोगशाला स्थापित की गई है,जिसमें पॉपुलेशन स्क्रीनिंग और प्लाज्मा थैरेपी की प्रक्रिया के लिए मरीजों की विभिन्न जरुरी जांचें की जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि एम्स में स्थापित उत्तराखंड की यह पहली प्रयोगशाला राज्यभर के मरीजों के लिए लाभप्रद होगी। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत जी ने कहा ​कि संस्थान में मरीजों को वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं,जिससे राज्य व आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए अन्यत्र शहरों में नहीं जाना पड़े। एम्स के बायोकैमेस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. विवेकानंदन जी ने बताया कि कोविड मरीज के स्वस्थ होने के बाद उस व्यक्ति से किसी अन्य कोरोना संक्रमित मरीज की प्लाज्मा थैरेपी करने से पूर्व एंटीबॉडी टेस्ट की सुविधा इस प्रयोगशाला में शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रयोगशाला में एसिम्टमेटिक (जिस मरीज में कोविड संक्रमण होने के बावजूद रोग के लक्षण नहीं पाए जाते हैं) मरीजों की गहनता से जांच की सुविधा उपलब्ध है। प्रयोगशाला में स्थापित मशीनों की विशेषता के बारे में उन्होंने बताया ​कि एक बड़ी मशीन में एक समय में 240 सैंपल लगाए जा सकेंगे,जिनका परिणाम एक घंटे में आ जाता है, जबकि एक अन्य मशीन में 180 सैंपलों की जांच एक साथ की जा सकेगी, इस मशीन से 30 मिनट में परीक्षण के नतीजे प्राप्त किए जा सकते हैं। उद्घाटन समारोह में डीन (एकेडमिक) प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी, ब्लड बैंक प्रभारी डा. गीता नेगी, मेडिसिन विभाग के डा. प्रसन कुमार पांडा, डा. सरमा साहा, डा. कर्णवीर कौशल, बृजेश चंद रमोला, ज्योति तिवारी आदि मौजूद थे।
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वीडियो काॅन्फेस के माध्यम जिला विकास प्राधिकरण उत्तरकाशी के प्रथम बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त गढवाल मंडल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिये।

आयुक्त गढ़वाल मण्डल श्री रविनाथ रमन ने अपने कैंप कार्यालय पौड़ी से वीडियों काॅन्फेस के माध्यम जिला विकास प्राधिकरण उत्तरकाशी के प्रथम बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया। जिसमें जिलाधिकारी उत्तरकाशी मयूर दीक्षित सहित संबंधित अधिकारी एवं देहरादून से शहरी विकास विभाग के संबंधित अधिकारी ने वीडियों काॅफे्रस के माध्यम से प्रतिभाग किया। उन्होने जिलाधिकारी उत्तरकाशी एवं शहरी विकास देहरादून के संबंधित

अधिकारियों से उक्त जिला विकास प्राधिकरण की क्रमवार समस्त बिन्दुओं पर अग्रिम कार्यवाही हेतु विस्तृत चर्चा करते हुए, आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
गढ़वाल आयुक्त श्री रमन ने जनपद उत्तरकाशी में जिला विकास प्राधिकरण अस्थित्व में आने से कार्यालय ढांचा के अनुसार पदों के सृजन एवं पदो के सापेक्ष अन्य विभागों के कार्मिक को संबंध करने व कार्यालय संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जनपद उत्तकाशी के जिला विकास प्राधिकरण की मास्टर प्लान की कार्यवाही शासन में गतिमान होने पर उन्होने जिला विकास प्राधिकरण उत्तरकाशी के मास्टर प्लान अस्तित्व में आने तक जनपद टिहरी के जिला विकास प्राधिकरण के तर्ज पर कार्य करने का निर्णय लिया। वहीं उन्होने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 85 लाख की धनराशि की स्वीकृत किया। मा0 उच्चत्तम न्यायालय के आदेश के क्रम में समाधान हेतु शासन द्वारा बनाये गये भागीरथी रिवर फ्रन्ट डेप्लोमेंट आर्थोटी पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने गंगोत्री विकास प्राधिकरण के दो कार्मिकों की वेतन प्रकरण तथा गंगोरी से लेकर बडेथी तक प्रतिबंधि क्षेत्र के अन्तर्गत आने की जानकारी दी। जिस पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जबकि नक्शा नवीस बिन्दु को लेकर आयुक्त गढवाल ने निर्देशित किया कि प्राधिकरण के गाइड लाइन के अनुसार आर्किटेक को लाईसेंस देना सुनिश्चित करें। चयनित लाईसेंसी आर्किटेक के नाम इत्यादि सूचना पट्ट पर अंकित करें। प्राधिकरण के अन्तर्गत आने वाले नागरिकों को यह भी सूचित करें, कि लाईसेंसी आर्किटेक से अपने निर्माण, मकान, आदि के नक्शा बनवाये। उन्होने विकास प्रधिकरण के अन्तर्गत विकास कार्यों में सौन्दर्यकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। जिससे वहां विचरण करने वालें नागरिकों को सुगम सुविधा मिल सकें।

उत्तराखंड के लिए आगामी 04 दिनों की जनपद स्तरीय मौसम की भविष्यवाणी।
मौसम विभाग देहरादून के अनुसार –
03 सितंबर 2020 को उत्तराखंड के देहरादून, पौड़ी,चमोली, बागेश्वर,पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं तीव्र दौर के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है तथा कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है ।
दिनांक 4 व 5 सितंबर को मौसम सामान्य रहेगा
दिनांक 6 सितंबर 2020 को उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के जनपदों में कहीं-कहीं तीव्र दौर के साथ बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है तथा कहीं-कहीं इन्हीं स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

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2 सितम्बर 1994 को उत्तर प्रदेश पुलिस(पीएसी)ने मसूरी में धरने पर बैठे आन्दोलनकारियों पर गोली चला कर उनकी अकारण हत्या कर दी।पीएसी पर खून का उन्माद इतना बढा कि उसने डीएसपी त्रिपाठी की भी गोली मार कर हत्या कर दी।क्योंकि त्रिपाठी उन्हें गोली चलाने से रोक रहे थे।अफसोस वे खूनी पीएसी वालों को कोई सजा नहीं हुई।

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