15 वें वित्त आयोग द्वारा उत्तराखण्ड को राजस्व घाटा अनुदान की संस्तुति।##13 फरवरी को राज्य विकास वैचारिक मंथन।## कुम्भ की तैयारियों की 10 फरवरी को हरिद्वार में समीक्षा बैठक।##एम्स में कॅरोना वायरस की शंका में भर्ती युवती स्वस्थ होकर घर लौटी।साधारण फ्लू से थी पीड़ित।##एम्स ने 4 फरवरी को मैराथन दौड़ आयोजित की।पढिए जनस्वर डॉट कॉम में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

15 वें वित्त आयोग द्वारा उत्तराखण्ड को राजस्व घाटा अनुदान की संस्तुति
जिससे राज्य को प्रतिवर्ष 2 हजार करोड़ रूपए से अधिक का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की 15 वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य के हक में की गई पैरवी आयोग की सिफारिशों में देखने को मिल रही हैं। 15वें वित्त आयोग द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को राजस्व घाटा अनुदान दिये जाने की संस्तुति की गई है, जिसके फलस्वरूप राज्य को प्रतिवर्ष लगभग न्यूनतम रू 2000 करोड़ का लाभ होगा। आयोग की सिफारिशों में केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 1.052 से बढ़ाकर 1.104 कर दिया गया है, जिससे राज्य को प्रतिवर्ष लगभग रू. 300 से 400 करोड़ का लाभ होगा। डिवोलेशन फार्मूला में वनों का अंश 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसे राज्य के अंश में वृद्धि हुई है। राज्य आपदा राहत निधि के अंश में 787 करोड़ रूपए वृद्धि पर सहमति दी गई है। शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं के अनुदान में भी 148 करोड़ रूपए की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पक्ष को स्वीकारने के लिए 15 वें वित्त आयोग का जताया आभार
15 वें वित आयोग की सिफारिशों पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि, 15वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य के पक्ष को तार्किक ढंग से बहुत ही स्पष्ट एवं सक्षम तरीके से प्रस्तुत किया गया। उसी का परिणाम है कि विभिन्न बिंदुओं पर आयोग ने अपनी सहमति देते हुए राज्य के पक्ष में संस्तुतियां की हैं। उत्तराखण्ड के दृष्टिकोण को समझने और तद्नुसार संस्तुतियां देने के लिए 15 वें वित आयोग का आभार व्यक्त करते हैं। इससे उत्तराखण्ड विकास के पथ पर और तेजी से आगे बढ़ेगा।
उत्तराखण्ड द्वारा दी जा रही पर्यावरणीय सेवाओं को किया स्वीकार
15 वें वित्त आयोग को संदर्भित विषयों एवं राज्य की विभिन्न समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में मैमोरेण्डम प्रस्तुत किया गया था। उत्तराखण्ड द्वारा मैमोरेण्डम में विभिन्न बिन्दुओं को स्पष्ट एवं विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे आयोग द्वारा स्वीकार किया गया। उत्तराखण्ड राज्य के परिदृश्य में आयोग द्वारा स्वीकार किया गया है कि राज्य द्वारा पूरे देश को बहुमूल्य ईको-सिस्टम सेवायें प्रदान की जा रही हैं। इसके लिये 15 वें वित्त आयोग से डिवोलेशन फार्मूला में वनों का अंश बढ़ाये जाने का अनुरोध किया गया था, जिसे ग्रीन बोनस भी कह सकते हैं। 15वें वित्त आयोग द्वारा डिवोलेशन फार्मूला में वनों का अंश 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे राज्य के अंश में वृद्धि हुई है।
उत्तराखण्ड को मिलेगा राजस्व घाटा अनुदान
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सांवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप 15 वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य के हक की पुरजोर पैरवी करते हुये कहा था कि 14वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त कर दिया था, जिसके कारण राज्य को अत्यधिक नुकसान उठाना पड़ा।  15वें वित्त आयोग ने इस बात को स्वीकार करते हुए उत्तराखण्ड राज्य को राजस्व घाटा अनुदान दिये जाने की संस्तुति की है, जिसके फलस्वरूप राज्य को प्रतिवर्ष लगभग न्यूनतम रू 2000 करोड़ का लाभ होगा।
आपदा राहत निधि में बढ़ोतरी
आपदा प्रबन्धन के अन्तर्गत राज्य को राज्य ‘‘आपदा राहत निधि’’ अंश के रूप में गतवर्ष लगभग रू. 254 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। उत्तराखण्ड राज्य में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निटने के लिये आवश्यक सहायता दिये जाने का विषय आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया। राज्य से सहमत होते हुये 15वें वित्त आयोग द्वारा राज्य आपदा राहत निधि के अंश में वृद्धि करते हुये, इसे प्रतिवर्ष लगभग रू 1041 करोड़ कर दिया गया है।
शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के अनुदान में वृद्धि
14वें वित्त आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 में मूल अनुदान के अन्तर्गत शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं हेतु कुल रू 704.10 करोड़ की धनराशि संस्तुति की गई थी। 15वें वित्त आयोग द्वारा शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं हेतु अनुदान में वृद्धि करते हुये वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु कुल रू 852.00 करोड़ की धनराशि संस्तुत की गई है, जिसमें लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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13 फरवरी को राज्य के विकास के लिए होगा वैचारिक मंथन।
मार्च में प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इसी क्रम में 13 फरवरी, को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, मंत्रीगणों एवं विधायकगणों के साथ अब तक हुए विकास कार्यों के साथ ही भावी कार्ययोजना पर गहन मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रत्येक विभाग के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें मंत्रीगणों और विधायकगणों के साथ जनपदवार खुली चर्चा की जाएगी।

मंथन से प्राप्त अमृत राज्य के विकास में होगा मददगार : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ‘‘इस मंथन से प्राप्त होने वाला अमृत राज्य के समेकित विकास की दिशा व दशा निर्धारित करने में निश्चित रूप में मददगार होगा। जन प्रतिनिधि का दायित्व ही जन सेवा के लिए समर्पित होना है। वैसे तो जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त होते रहते हैं और राज्य सरकार उस पर काम भी करती है। परंतु मंथन कार्यक्रम से एक ही स्थान पर विभागवार और जनपदवार जनप्रतिनिधियों के सुझाव मिलेंगे जिन्हें तत्काल ही संकलित कर राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा।’’
मंत्री अपने विभागों का देंगे प्रस्तुतिकरण
‘‘मंथन’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की नीतियां तय की जाएंगी। राज्य के समेकित विकास की दिशा व दशा तय करने के लिए विभागीय मंत्रियों द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित उपलब्धियों एवं भावी रणनीतियों पर प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा।
जनपदवार होगी खुली चर्चा
इस अवसर पर मंत्रीगणों एवं विधायकों के मध्य जनपदवार खुली चर्चा का भी आयोजन होगा। इससे स्थानीय समस्याओं के निराकरण एवं विकास के बहुआयामी प्रयासों के लिये किए गए समेकित प्रयासों की जानकारी उपलब्ध होने के साथ ही भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में सुझाव भी प्राप्त हो सकेंगे।
सभी सुझावों का संकलन कर भावी कार्ययोजना पर प्रस्तुतिकरण देंगें मुख्य सचिव
इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव द्वारा सभी मंत्रीगणों एवं विधायकगणों द्वारा दिए गए सुझावों एवं भावी कार्ययोजना का संकलन कर भावी कार्ययोजना पर प्रस्तुतिकरण भी दिया जाएगा। इन सुझावों के आधार पर विकास की रणनीति तय की जाएगी।
———————————————————– मुख्यमंत्री कुम्भ की तैयारियों की 10 फरवरी को हरिद्वार में करेंगे समीक्षा बैठक ।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत 10 फरवरी 2020 को मेला नियंत्रण भवन हरिद्वार में अपराह्न 03ः00 बजे कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से सम्बन्धित कार्यों एवं योजनाओं की गहन समीक्षा करेंगे। सोमवार को सचिवालय में कुम्भ मेले से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी विभागीय प्रमुखों एवं विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग से सम्बन्धित कार्यों का गहनता से स्थलीय निरीक्षण के पश्चात व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हों। बैठक में मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित होने वाला कुम्भ मेला भव्य एवं दिव्यता के साथ आयोजित होना है। यह राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है। हमें देवभूमि की परम्परा के अनुरूप इस विश्वस्तरीय आयोजन को सफल बनाना है। इसमें सभी विभागीय प्रमुख अपनी जिम्मेदारी समझें। मुख्यमंत्री ने कहा कुम्भ के आयोजन हेतु स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों के लिए अपेक्षित बजट जारी किया जा चुका है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही शीघ्रता किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2019 में प्रयाग में आयोजित कुम्भ सफल रहा था। इसके लिए प्रयाग कुम्भ में मेलाधिकारी रहे विजय किरण आनन्द के अनुभवों का लाभ भी 2021 के हरिद्वार कुम्भ मेले में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कुम्भ मेले में हमें देश व दुनिया से आने वाले 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थायें बनानी हैं इसके लिऐ समयबद्धता के साथ सभी विभाग अपनी कार्य योजना धरातल पर लायें। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी अखाड़ों के संत महात्माओं, जन प्रतिनिधियों, बद्धिजीवियों के साथ ही आम जनता का भी सहयोग लिया जायेगा इस पावन पर्व पर आने वाले श्रद्धालु सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें, यह भी हमारा प्रयास होना चाहिए। सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा के साथ ही अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एम्स से स्वस्थ होकर घर लौटी देहरादून की युवती।कॅरोना वायरस से नहीं सर्दी जुकाम से पीड़ित थी। एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन कोरोना वायरस आशंकित देहरादून की युवती को मिली अस्पताल से छुट्टी, एक अन्य कोरोना वायरस आशंकित स्थानीय महिला एम्स अस्पताल में सोमवार को भर्ती। आईडीपीएल क्षेत्र निवासी महिला एक सप्ताह से गले में खराश, सूखी खांसी, सिरदर्द की शिकायत के साथ ईएनटी ओपीडी में जांच कराने आई महिला को एहतियातन स्पेशल आइसोलेशन वार्ड में किया गया भर्ती। कोरोना वायरस परीक्षण हेतु सेम्पल पूणे स्थित प्रयोगशाला के लिए भेजे गए।

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एम्स ने 4 फरवरी को मैराथन दौड़ आयोजित की । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार 4 फरवरी-2020 को विश्व कैंसर दिवस पर विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। एम्स प्रशासन ने कैंसर विषय पर सार्वजनिक जनजागरुकता कार्यक्रमों के लिए आम नागरिकों से सहभागिता की अपील की है।
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि मंगलवार को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर प्रात:काल 6.30बजे संस्थान के गेट नंबर एक से आस्थापथ होते हुए साईं बाबा मंदिर तक मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही इसी दिन अपराह्न 3 बजे से प्रशासनिक भवन ब्लॉक ए के तृतीय तल स्थित लेक्चर थियेटर में कैंसर विषय पर लोगों को जागरुक करने के लिए सार्वजनिक व्याख्यानमाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता जी व आईबीसीसी प्रमुख प्रोफेसर बीना रवि जी लोगों को कैंसर रोग के कारण व बचाव की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर एम्स संस्थान में उपचाराधीन मरीज व कैंसर का उपचार कराकर स्वस्थ हो चुके बच्चे व वयस्क लोग अपने अनुभव साझा करेंगे।

 




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