सेना का सम्मान, देश का सम्मानः मुख्यमंत्री##एम्स में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ##सिद्धदोष कैदी की मौत की मजिस्ट्रेटीय जॉच.पढिए जनस्वर डॉट कॉम में.

समाचार प्रस्तुति-एन. पी. रतूड़ी

सेना का सम्मान, देश का सम्मानः मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे लिए सैनिकों का सम्मान सबसे बढ़कर है। सेना का सम्मान करना अपने देश का सम्मान करना है। हमारी सेना विशिष्ठ सेना है। हमारी सेना ने हमेशा शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए देश का मान बढ़ाया है। कारगिल जैसी कठिन लड़ाई को भी विपरीत परिस्थितियों में जीता। मुख्यमंत्री देहरादून के एक स्थानीय होटल में राज्य स्थापना सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम ‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान’’ में सम्बोधित कर रहे थे।
शक्ति की ही पूजा होती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति की ही पूजा होती है। जिस देश की सैन्य शक्ति मजबूत है, दुनिया उसे सम्मान देती है। बलि बकरी की दी जाती है, शेर की नहीं। लड़ाई शस्त्र और शास्त्र से जीती जाती है। सेना मजबूत होने से ही देश मजबूत रहेगा।
धारा 370 हटने से विकास की ओर बढ़ रहा है कश्मीर
मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर बोलते हुए कहा कि कश्मीर में धारा 370 की वजह से बहुत सी समस्याएं थीं। अब इसके हटने से कश्मीरी खुली हवा में सांस ले रहे हैं। आज कश्मीर विकास की ओर बढ़ रहा है।
देहरादून में बनेगा सैन्यधाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के पांचवे धाम के रूप में सैन्य धाम का नाम लिया था। हम देहरादून में सैन्य धाम बनाने जा रहे हैं। इसके लिए देहरादून नगर निगम ने 60 बीघा जमीन दे दी है। बजट का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
सरकार के लिए सैनिकों का हित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जीवन मूल्यों को भूलना नहीं चाहिए। हम सभी का सामाजिक दायित्व होता है। सैनिकों के प्रति हम सभी में संवेदनाएं हैं। सैनिकों का हित हमारे लिए सबसे पहले है। सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए हमने शासन स्तर अपर मुख्य सचिव और जिला स्तर अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तैनात किया है। हम शहीद सैनिकों व अर्ध सैनिकों के एक परिजन को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रहे हैं। सचिवालय में प्रवेश के लिए सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अलग से प्रवेश पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने आईकार्ड से ही ही सचिवालय में प्रवेश कर सकते हैं।
शहीद की पत्नी को सौंपा गया नियुक्ति पत्र
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद डिप्टी कमांडेंट श्री भगवती प्रसाद भट्ट की पत्नी श्रीमती स्वाती भट्ट को उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र दिया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कमांडेंट भारतीय सैन्य अकादमी लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा, डिप्टी कमांडर इन चीफ स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नेगी, डीजीपी अनिल रतूड़ी ने दीप प्रज्जवल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिसके बाद लोक कलाकारों द्वारा स्वागत गीत पेश किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। देश की सुरक्षा में लगी बड़ी हस्तियां उत्तराखंड से ही हैं। इससे प्रदेश का मान बढ़ता है।
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट एसके झा ने कहा कि उत्तराखंड देश को सबसे ज्यादा सैनिक देने वाला अग्रणी राज्य है। अभी भी उत्तराखंड के जो जवान सेना में ट्रेनिंग ले रहे हैं वह बहुत बहादुर हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पांचवें धाम सैन्य धाम के साथ ही यह राज्य ज्ञान धाम और प्राण धाम भी है।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग मेहनती, वीर और कर्तव्यनिष्ठा से भरपूर हैं। गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने हर युद्ध में अपना योगदान दिया है। चीन, पाकिस्तान और कारगिल युद्ध में डट कर सामना किया। कई शहीद भी हुए, जिनका नाम स्वर्णित अक्षरों में लिखा है। पहला विक्टोरिया क्रांस भी उत्तराखंड के वीर को ही मिला था। उन्होंने राइफलमैन जसवंत सिंह की वीरता का भी जिक्र किया। —————————————————–
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चार दिवसीय प्रशिक्षण विधिवत शुरू हो गया। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर काउंसलर प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मानसिक विकारों के कारकों से अवगत कराया और इसके निवारण के तौर तरीके बताए। सोमवार को एम्स के मनोचिकित्सा विभाग एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का बतौर मुख्य अतिथि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने मानसिक विकारों के प्रति जनजागरुकता की जरुरत बताई और इसके कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में सभी प्रकार के मानसिक रोगों के उपचार की सुविधा उपलब्ध है,जिसका विकारग्रस्त रोगी लाभ उठा रहे हैं। साथ ही मानसिक रोगों पर अनुसंधान की जरुरत पर जोर दिया। जिससे समाज को ऐसे रोगों से बचाव में सहायता मिल सके। संस्थान मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को प्रतिबद्ध है डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने मानसिक रोगों के प्रति जागरुकता पर जोर दिया, कहा कि समाज इसके प्रति जागरुक हो तो किसी भी व्यक्ति को इस तरह के रोगों से बचाने में मदद की जा सकती है। प्राचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग प्रो. सुरेश कुमार शर्मा ने चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने राज्यभर से जुटे प्रतिभागियों को कार्यक्रम का महत्व बताया। एम्स के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डा. रवि गुप्ता ने मानसिक विकारों की मूल वजहों और उनसे आने वाले व्यवहारिक परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा की। बताया ​कि कई बार मानसिक रोगों की अनदेखी जानलेवा भी साबित हो सकती है,लिहाजा इनकी विशेषज्ञ से समय रहते चिकित्सा करा लेनी चाहिए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूराे साइंसेस, निम्हांस बैंगलुरू के मनोचिकित्सा विभाग के प्रो. नवीन कुमार व डा. प्रशांती नटाला ने सामान्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डा. अनिरुद्ध बासू, डा. राजेश कुमार, जेवियर बेलसियल,डा. विक्रम सिंह रावत,डा. अनिन्द्या दास, दिनेश शर्मा, रश्मि रावत आदि मौजूद थे।

हल्द्वानी (04 नवम्बर) सम्पूर्णानन्द शिविर सितारगंज में सिद्धदोष बन्दी प्रभुनाथ पुत्र सदरी प्रसाद निवासी गौठा, थाना सितारगंज, जिला उधम सिंह नगर की डाॅ.सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान 27 मई को मृत्यु हो गई थी। सिद्धदोष बन्दी स्वर्गीय प्रभुनाथ की मृत्यु की मजिस्ट्रीयल जाॅच के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को जाॅच अधिकारी नियुक्त किया है।
जाॅच अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने सर्वसाधारण से अपेक्षा की है कि घटना के सम्बन्ध में जिस किसी भी व्यक्ति को कुछ कहना हो अथवा लिखित या मौखिक किसी भी प्रकार का साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो 15 दिन के भीतर किसी भी कार्य दिवस में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित होकर दर्ज करा सकते हैं।

—————————————————–

Leave a Reply

Your email address will not be published.