खोया कुछ नहीं पाया ही पाया।पढिएJanswar.com में।

लेख-सुदीप कपरूवाण

चुनाव प्रचार काल में अपने .. क्षेत्र पंचायत सीट जुलेड़ी। क्षेत्र में सभी सम्मानित बड़े-बुजुर्गों सभी लोगों से मिला। आप सभी जनों एवम मतदाताओं का भरपूर आशीर्वाद प्रेम मिला, अपने जीवन काल मे पहली बार ही ऐसा मौका मिला था कि हर घर मे हर बयक्ति छोटे बच्चे से लेकर हर आदरणीय बुजुर्गों तक से मिलने का मौका मिला। उनका आशीर्वाद मिला।इस समय सभी सुख दुख से अवगत हुआ।देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं है पर पाने के लिए बहुत असीमित पाहर ब्यक्ति का हर ब्यक्ति से अनुभव प्राप्त हुआ, किसी की परेशानी भी सुनी देखी, किसी की अपनी सलाह भी स्वीकार्य की।

कम से कम मुझ जैसे अनभिज्ञ को तो बहुत कुछ सीखने को मिला इस कार्य मे…..
यह ज्ञात हुआ कि हम आज कहाँ खड़े हैं?!
हमारे साथ कौन खड़ा है।
इन सभी चीजों से मानसिक मजबूती मिली कि यही जीवन है चुनौतियां हमको मजबूत करती हैं।

आज जरूरत है बदलाव की- हम सबको क्षेत्र वाद, जाति, पहले कौन आया ,बाद में कौन आया,ब्राह्मण ,ठाकुर,या जो भी इस तरह की बातें सामने देखने को मिलती हैं इन सबसे बाहर निकलकर आपको अपने मनोविवेक से सही प्रत्याशी को सहयोग करने की अपील करता हूँ,आशा करता हूँ,उम्मीद करता हूँ।

कुछ जगह यह भी अनुभव हुआ कि हम आज भी मूलभूत वस्तुओं जरूरतों के लिए आज भी वंचित हैं।
जिसका कारण जन प्रतिनिधियों को या हमारे द्वारा चुने गए प्रधान या क्षेत्र पंचायत जैसी प्राथमिक स्तर की कक्षाओं को जानकारी का अभाव है।

आज समय परिवर्तित है– समय के साथ ब्यवस्था में बदलाव की भी आवश्यकता है।

और मुझको आप सबके अथाह प्रेम आशीर्वाद से इतना विस्वास तो जरूर है कि जो भी होने वाला है या जो आप चाह रहे हैं-
वह जरूर होगा,
और जो होगा अच्छा ही होने वाला है।
आपके आशीर्वाद से आज मैं हर स्थिति से मजबूत हूँ।

मेरा उद्देश्य सिर्फ सच के रास्ते पर चलना है।
मुझे किसी विपक्षी के विरोध और अन्य सभी प्रयासों से असर नही पड़ने वाला।
यह सब आप के आशीर्वाद का नतीजा है कि हम अपने सत्य के रास्ते पर हैं और रहेंगे।

यहाँ कुछ विपरीत स्थितियों में सहयोग करने वाले सभी जनों का भी आभार ब्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपना प्रेम बनाये रखा और सहयोग के साथ मेरे साथ हर समय खड़े रहे हर स्तर से मुझको अपना पूरा सहयोग देते रहे। 

  .....और हर वह ब्यक्ति  (हर क्षेत्र से सम्बंधित) जो मेरे साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग में रहे उनका मैं आभारी रहूँगा। 

कि उन्होंने मुझपर विस्वास ही किया है। और उनके विस्वास को मैं बनाये ही रखूंगा।
और इस एहसान को मैं आजीवन आभारी रहूँगा।..

मेरा यही प्रयास रहेगा- कि किसी के काम आ सकूं, किसी का मददगार बन सकूं।सही गलत का फैसला आप जनता का फैसला होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.