राज्यपाल ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।#मुख्यमंत्री ने विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।#कृषि मंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड क बैठक की अध्यक्षता की गई। # फायरमैन पर फायर करने वाले अभियुक्त को किया पुलिस ने  किया गिरफ्तार#2016 से पहले के कर्मचारियों पर कार्यवाही न कर पक्षपात पूर्ण कार्यवाही की विधानसभा अध्यक्ष ने-उक्रांद- www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 1,698 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान करने के साथ ही विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 112 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। उन्होंने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति विवरणिका ‘ब्रह्यकमल’ का भी विमोचन किया।

दीक्षांत समारोह में उपाधि धारकोें को उनके भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण दिन होता है। उन्होंने कहा कि अपनी शैक्षणिक गतिविधियों से जो भी ज्ञान प्राप्त किया है, उसे अपने व्यवहार में लाने का प्रयास करें।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेद की भूमि है, यहीं से ही आयुर्वेद का उद्गम हुआ है। यहाँ हिमालय के विशाल और उन्नत शिखरों में अत्यन्त दुर्लभ जड़ी-बूटियां विद्यमान हैं। यह हम सब की जिम्मेदारी है कि हम आयुर्वेद के क्षेत्र में नेतृत्व करते हुए पूरे विश्व में आयुर्वेद को पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद आज समय की मांग है, आयुर्वेद के सहयोग से हम आर्थिकी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड को वैलनेस और उन्नत आध्यात्मिक जीवनशैली के क्षेत्र में एक आयुर्वेद डेस्टिनेशन बनाना होगा।

राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप ऐसे समय में डिग्री प्राप्त कर रहे हैं जब देश परिवर्तन में मुहाने पर है। हम हर दिशा में प्रगति कर रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के बाद इस अमृत काल में हमें विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इसकी आप सभी पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में आयुर्वेद चिकित्सा की मांग में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। आज पारम्परिक चिकित्सा के माध्यम से न केवल हमने विकासशील देशों में बल्कि विश्व के कई विकसित देशों में भी भारत का परचम लहराया है। कोविड-19 महामारी के दौरान हम सभी ने आयुर्वेद की महत्ता को अनुभव किया है।
राज्यपाल ने कहा कि हमें आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान करने की जरूरत है साथ ही इसमें गुणवत्ता और वैल्यू एडिशन भी किया जाना जरूरी है। आयुर्वेद को मॉर्डन टेक्नोलॉजी से मिलाते हुए इसका प्रचार-प्रसार करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा के उन्नयन एवं प्रचार प्रसार के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की।

दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पंतजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पाण्डे ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार जोशी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी सभी के सम्मुख रखी। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार अधाना, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपतिगण, विश्वविद्यालय के कार्य परिषद एवं छात्र परिषद के सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में शहीद द्वार/ स्मारकों के निर्माण कार्य अब सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से कराया जायेगा, पहले यह संस्कृति विभाग के माध्यम से कराया जाता था। वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य होगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे। यह महान युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित कर देश स्वयं सम्मानित हुआ था। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए देहरादून में एक भव्य ‘सैन्य धाम‘ का निर्माण प्रारंभ किया है। यह स्मारक उन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए, तिरंगे की शान एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह सैन्य धाम आने वाली अनेकों पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेना को हर संभव सुविधा दी जा रही है। आज सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जिसके परिणाम स्वरूप इस साल चार धाम यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, आप सभी की सहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण मैंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द को नजदीक से देखा है। सैन्य परिवारों के लिए राज्य सरकार विशेष योजनाएं बना रही है, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतुु भी प्रयासरत है। उत्तराखंड का संपूर्ण विकास राज्य सरकार की नीति ही नहीं बल्कि कर्तव्य है, और इस कर्तव्य का पालन करने हेतु हम संकल्पबद्ध हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सेना के जवान हर स्थिति में देश की रक्षा हेतु मोर्चा संभाले बैठे हैं, उन्होंने कहा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड राज्य के कई जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण हेतु दिन-रात कार्यरत है। लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ही पूरी हुई। राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में विशाल सैन्य धाम बनाने का कार्य कर रही है। साथ ही राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, निदेशक सैनिक कल्याण (ब्रिगे.से.नि) अमृतलाल, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं वीरांगनाएं मौजूद थे।

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कृषि मंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की 35वीं बैठक की अध्यक्षता की गई।

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा विधानसभा स्थित कक्ष में उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की 35वीं बैठक की अध्यक्षता की गई।

मंत्री ने कहा कि पूर्व में किसानों को कृषि कार्य करते हुए दुर्घटना होने पर मिलने वाले मुआवजा राशि एक लाख रूपये को बढ़ाकर अब डेढ़ लाख रूपये, दुर्घटना से अगर दो या एक हाथ, पैर से दिव्यांग होने पर किसानों को पूर्व में मिलने वाली राशि 60 हजार रूपये को एक लाख रूपये, एक अंग से दिव्यांग होने पर मिलने वाली राशि 30 हजार रूपये को 50 हजार रूपये कर दिया गया है।

मंत्री ने कहा कि किसानों के बच्चे कृषि के क्षेत्र में अच्छी पढ़ाई कर पायें इस संबंध में योजना की आय सीमा 02 लाख रूपये को बढ़ाकर 03 लाख रूपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत दुर्घटना की पात्रता 18-60 वर्ष को भी समाप्त कर दिया गया है अब कृषि कार्य करते हुए दुर्घटना होने पर किसान को मुआवजा राशि दी जायेगी।

मंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की मंडियां प्रोफिट में हैं और मंडियों के माध्यम से किये जाने वाले विकास कार्यों तथा किसानों के लिए हितकारी योजनाओं हेतु बोर्ड के पास पर्याप्त बजट है। उन्होंने कहा कि रामनगर में 25 दुकानों के निर्माण हेतु प्रस्ताव के लिए सेल्फ फाइनेन्स पर सहमति प्रदान की गई।

मंत्री ने लोकल उत्पाद जैसे मडुवा आदि की खेती को प्रोत्साहित करने तथा लोकल उत्पादन को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में इस प्रकार की नीतियां बनायी जानी चाहिए जिससे किसानों को लगे कि सरकार हमारे लोकल उत्पादों को उचित दामों पर खरीदे।

इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक निधि यादव, निदेशक कृषि केसी पाठक, संयुक्त आयुक्त खाद्य डॉ महेंद्र सिंह बिसेन, विभागीय अधिकारी तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।

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फायरमैन पर फायर करने वाले अभियुक्त को किया पुलिस ने  किया गिरफ्तार

फायरिंग में प्रयुक्त बंदूक को खोखा सहित किया बरामद

अल्मोड़ा(अशोक कुमार पाण्डेय) फायर स्टेशन अल्मोड़ा में नियुक्त फायरमैन धीरेंद्र सिंह दिनाँक 15 दिसम्बर रात्रि समय 10:00 से 2:00 बजे तक अपनी ड्यूटी में तैनात था। समय 11:30 से 12:00 के मध्य  जगदीश सिंह बोरा-41 वर्ष पुत्र गोपाल सिंह निवासी बीरशिवा स्कूल रोड, हीराडूंगरी एनटीडी, अल्मोड़ा द्वारा ड्यूटीरत फायरमैन धीरेंद्र सिंह के पोस्ट पर आकर दरवाजा खटखटाया गया। फायरमैन धीरेन्द्र सिंह द्वारा दरवाजा खोलने पर जगदीश सिंह उपरोक्त द्वारा अपनी दो नाली बंदूक को ड्यूटीरत फायरमैन की कनपट्टी में लगा दिया गया, फायरमैन द्वारा सतर्कता दिखाते हुए तेजी से बंदूक को हाथ से झटककर अपनी कनपट्टी से हटाया गया तब तक बंदूक से फायर हो गया जो फायरमैन के पीछे दीवार पर लगा, इस फायरिंग की घटना में फायरमैन धीरेन्द्र सिंह सकुशल बच गया, स्वंय को बचाने में उसके हाथ पर चोट लगी व मोबाईल भी क्षतिग्रस्त हो गया। फायरिंग करने के उपरान्त जगदीश सिंह बोरा मौके से भाग गया। ड्यूटीरत फायर मैन धीरेन्द्र सिंह की तहरीर के आधार पर अभियुक्त जगदीश सिंह बोरा के विरुद्ध कोतवाली अल्मोड़ा में भादवि के सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया व विवेचना चौकी प्रभारी एनटीडी बिशन लाल के सुपुर्द की गयी।
उक्त घटना के संज्ञान में आने पर श्री प्रदीप कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ अल्मोड़ा विमल प्रसाद, व0उ0नि0 सतीश चन्द्र कापड़ी व विवेचक/चौकी प्रभारी एनटीडी बिशन लाल को शीघ्र अभियुक्त को मय अस्लाह के गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
सीओ अल्मोड़ा विमल प्रसाद के नेतृत्व में अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु तलाश व सुरागरसी-पतारसी कर उसके घर हीराडुंगरी अल्मोड़ा पर दबिश दी गयी तो अभियुक्त अपने घर पर ही मौजूद मिला, पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास कर रहा था जिसे पुलिस टीम ने घेरकर आवश्यक बल का प्रयोग कर गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा फायरिंग में प्रयुक्त दो नाली लाईसेन्सी बंदूक को एक खोखा 12 बोर सहित बरामद कर पंजीकृत अभियोग में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
मामले में विवेचना से प्रकाश में आये तथ्य-
अभियुक्त जगदीश सिंह बोरा की पत्नी प्रभा बोरा फायरमैन धीरेंद्र सिंह के रिश्ते की गांव की बहन है तथा जगदीश सिंह उपरोक्त भूतपूर्व सैनिक है। जगदीश सिंह बोरा उपरोक्त दिनांक 15.12.2022 को NTD स्थित होटल राजराजेश्वरी में विवाह पार्टी में गया हुआ था। इसी पार्टी में फायर स्टेशन अल्मोड़ा में तैनात फायरमैन अनिल चंद भी अपने पत्नी व बच्चों के साथ गया हुआ था। फायरमैन अनिल चंद जो कि मूल रूप से बनबसा चंपावत का निवासी है, जिसके साथ जगदीश सिंह बोरा का कुछ विवाद हुआ था। इसी विवाद को दिल में लेकर और यह जानते हुए कि अनिल चंद फायर सर्विस में तैनात है। जगदीश सिंह बोरा उपरोक्त अपने घर में गया और अपनी दो नाली बंदूक लेकर फायर स्टेशन एनटीडी अल्मोड़ा में पहुंचा और ड्यूटीरत फायरमैन धीरेंद्र सिंह पर उसकी पोस्ट में जाकर फायर कर दिया था। 

प्रभारी चौकी एनटीडी बिशनलाल, हेड कांस्टेबल त्रिलोक सिंह, चौकी एनटीडी,कांस्टेबल हरीश राठौर,चौकी एनटीडी की टीम अभियुक्त को गिरफ्तार किया।

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2016 से पहले के कर्मचारियों पर कार्यवाही न कर पक्षपात पूर्ण कार्यवाही की विधानसभा अध्यक्ष ने-उक्रांद

उक्रांद का स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप

करीबियों को बचाने को 2016 से पहले के कर्मचारियों पर नहीं की कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। साफ किया की जब डीके कोटिया समिति राज्य गठन से लेकर अभी तक की सभी भर्तियों को अवैध ठहरा चुकी है, तो कार्रवाई सिर्फ 2016 के बाद वालों पर ही क्यों की गई। आरोप लगाया की अपने करीबियों को बचाने को सिर्फ कुछ लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया गया है।

यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि वर्ष  2016 के बाद की भर्तियां अवैध हैं तो उससे पहले की भर्तियां वैध कैसे हैं। कहा कि भर्तियों की जांच के लिए बिठाई गई कोटिया कमेटी ने जब सभी भर्तियों को अवैध माना था तो फिर रितु खंडूरी ने सिर्फ 2016 के बाद की भर्तियों पर ही कार्यवाही क्यों की। कोटिया कमेटी ने एक सिरे से सभी भर्तियों को अवैध बताया है। उन्होंने पूरे भर्ती घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने मांग की है। सेमवाल ने दोषी अधिकारियों और नेता पर भी कार्यवाही की मांग की है।

स्पीकर पर सिर्फ चुनिंदा लोगों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

इसे दुर्भाग्यपूर्ण और भेदभाव भरा निर्णय बताया। कहा कि विधानसभा में नियुक्ति देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और विधानसभा अध्यक्षों पर कोई कार्यवाही ना करके सिर्फ 2016 के बाद के कर्मचारियों को बर्खास्त करना कहीं से भी नीति संगत नहीं है। एक ओर विधानसभा अध्यक्ष अपने स्टाफ में बिना चयन प्रक्रिया के दूसरे राज्यों से लोगों को तैनात कर रही हैं, वहीं उत्तराखंड के निवासियों को नौकरियों से बर्खास्त कर रही हैं। यह भेदभाव पूर्ण रवैया जनता माफ नहीं करेगी।