सूचना विभाग के उपनिदेशक राजेश कुमार की सेवानिवृत्ति पर उन्हें भावभीनी विदायी दी गयी# मुख्यमंत्री ने डाक्टर दिवस की दी बधाई# #पढिए Janswar.com में।

  • अरुणाभ रतूड़ी

सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक श्री राजेश कुमार  की सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के मुख्यालय में बुधवार को विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। श्री राजेश कुमार जी ने 02 फरवरी, 1991 से 30 जून, 2021 तक विभाग को अपनी सेवाएं दीं। सेवा निवृत्ति से पूर्व श्री कुमार मुख्य सचिव के मीडिया प्रभारी के साथ ही विभाग में अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी भूमिका निभाते रहे। 

         इस अवसर पर महानिदेशक सूचना डॉ. रणवीर सिंह चौहान ने श्री राजेश कुमार को सरकारी सेवा से सेवा निवृत्ति के लिए बधाई एवं भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा से सेवा निवृत्ति एक सुखद अनुभव होना चाहिए। अपर निदेशक डॉ. अनिल चन्दोला ने विभाग की ओर से श्री राजेश कुमार की सेवाओं को सराहनीय बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्ति के उपरान्त भी श्री राजेश कुमार से आत्मीय सम्बन्ध बने रहेंगे। महानिदेशक श्री रणबीर सिंह चौहान ने श्री राजेश कुमार को स्मृति चिन्ह् व शॉल भेंट कर उन्हें सम्मानित भी किया।             श्री राजेश कुमार ने विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का उनकी सेवा के दौरान उन्हें दिये गये सहयोग व सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया।

           इस अवसर पर सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आशीष कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह, उप निदेशक श्री के.एस. चौहान, श्री नितिन उपाध्याय, सहायक निदेशक श्री मनोज श्रीवास्तव, श्री रवि बिजारनियां सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर सभी सम्मानित चिकित्सकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमारे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना जीवन खतरे में डालकर आम आदमी के जीवन को बचाने का कार्य किया है। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं का ही यह परिणाम है कि कोविड की  आज जो स्थिति सुधर रही है उसमें उनका अहम योगदान है। चिकित्सक सच्चे मायनों में मानवता के योद्धा हैं। नेशनल डॉक्टर्स डे समाज में चिकित्सकों के महत्व और योगदान को समझने का भी दिन है।


जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में आज वर्चुअल के माध्यम से राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (डैल्) हेतु आवेदकों का समिति द्वारा साक्षात्कार कर उनकी योजनाओं को स्वरोजगार हेतु चयन किया गया। रेखीय विभाग के अधिकारियों द्वारा आवेदकों की योजना के प्रति ज्ञान को टटोला गया। आवेदकों में ज्यादातर जनरल स्टोर, बकरी पालन एवं रेजिमेंट गारमेंट आदि पर रुझान देखने को मिला। जबकि कुछ आवेदकों ने डिटर्जेंट साबुन, जैम जैली, सूअर पालन, ऑप्टिकल कार्य, ईको टूरिज्म, मस्टर्ड ऑयल, स्वर्णकार, कार वाशिंग, एशियन पेंट्स, गैस चूल्हा आदि के डीलरशिप, ई रिक्शा तथा सर्विस सेंटर आदि योजना का चयन किया। जिलाधिकारी डॉ जोगदण्डे ने आवेदको द्वारा बताए जा रहे बातों को ध्यान से सुना तथा चयन हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी  डॉ जोगदण्डे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदकों के प्रोजेक्ट देख लें, आवेदक के मन में कोई भ्रांति नहीं होनी चाहिए कि वह कितना बड़ा प्रोजेक्ट संभाल सकेगा व ऋण अदा कर सकता है। आवेदक की सभी समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए कि उन्हें ऋण की किस्त प्रोजेक्ट के लगने के बाद कब और कितनी देनी है। उन्होंने कहा कि बहुत से प्रोजेक्ट में यह देखा गया है कि धनराशि का बहुत अधिक भाग निर्माण कार्य, किराए तथा फर्नीचर में खर्च कर दिया जाता है, जिससे आय की अपेक्षा खर्च ज्यादा होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटे प्रोजेक्ट को तुरंत ही अप्रूव करें तथा बड़े प्रोजेक्ट पर ध्यान दें, जिससे आवेदक का नुकसान ना हो। साथ ही जितना आवश्यक है उतना ही ऋण स्वीकृत किया जाए। कहा कि आवेदक आवश्यकता के अनुसार ही ऋण के लिए आवेदन करें, जिससे बैंकों को भी धनराशि स्वीकृत करने में आसानी रहेगी। कहा कि छोटे प्रोजेक्ट पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, क्योंकि इससे अधिक लोग लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण देने में बैंकों के जो मानक हैं, उनमें जो जांच की गई है उसका विवरण हमें भी उपलब्ध कराएं। अगर कोई कागजी कार्यवाही रह जाती है तो आवेदक को सूचित कर कमी को ठीक कर लिया जाए। इससे आवेदक को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कमेटी के अप्रूवल के बाद बैंक लाभार्थी को ऋण दिया जाय।
कोविड-19 के दौरान राज्य में वापस आए प्रवासियों एवं बेरोजगार युवकों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा विगत वर्ष से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ;डैल्द्ध संचालित की जा रही है। योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु जनपद पौड़ी गढ़वाल के लिए कुल 250 इकाई स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त 66 आवेदन पत्रों में से लाभार्थियों के चयन हेतु जिलाधिकारी गढ़वाल की अध्यक्षता लाभार्थियों के ऑनलाईन साक्षात्कार लिए गये। साक्षात्कार के माध्यम से कुल 48 प्रोजेक्ट को ऋण प्रदान करने के लिए चयनित किया गया, जिसमें कुल रू० 3.07 करोड़ का पूँजी निवेश तथा 112 रोजगार प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने बैंकों को समिति द्वारा स्वीकृत प्रोजक्ट पर निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही करते हुए ऋण प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया।
महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, कोटद्वार मृत्युजय सिंह द्वारा योजना के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराते हुये यह बताया गया है कि रोजगार सृजन की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अन्तर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति सेवा क्षेत्र/व्यवसाय क्षेत्र व विनिर्माण क्षेत्र के उद्यमों हेतु कमशः रू0 10.00 लाख तथा रू० 25.00 लाख का ऋण बैंकों के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। योजनान्तर्गत प्रोजेक्ट मूल्य का 20 प्रतिशत अनुदान देय है। ऑनलाईन बैठक में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी सदस्य अनिल कटारिया, अग्रणी बैंक प्रबन्धक डा० एस०के० बर्थवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एस०डी० माशीवाल, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी एवं अन्य ऑनलाईन उपस्थित रहे।

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