सामुदायिक अस्पताल यमकेश्वर में अस्पताल कर्मी व्यवस्था बनाते रहे,भीड़ उसे बार -बार तोड़ती रही।पढिए Janswar.com में।

  1. सामुदायिक अस्पताल यमकेश्वर में अस्पताल कर्मी व्यवस्था बनाते रहे,भीड़ उसे बार -बार तोड़ती रही।

नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी
(राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार ।राज्यआन्दोलनकारी)

 

होमगार्ड या पीआरडी महिला व पुरुष जवान तैनात न होने से टीकाकरण में भीड़ नियंत्रण में अस्पताल कर्मियों को हुई परेशानी।

टोकन देने वाला कोई नहीं थी जिसने जितने चाहे टोकन उठा लिए।

आज सुबह सपत्निक गाँव के अन्य लोगों के साथ सामुदायिक अस्पताल यमकेश्वर गया।सुबह साढे नौ बजे हम किराये की गाड़ी से यमकेश्वर पहुंचे। वहां देखा कि टीका पंजीकरण के लिए टोकन देने वाला कोई कर्मी नहीं था। लोग स्वयं ही टोकन ट्रे से टोकन उठा रहे थे। दस बजे डॉक्टर व स्टाफ आये।तब तक लोगों ने रजिस्ट्रेशन वाले कक्ष जो कि एक्सरे रूम था के आगे गैलरी में भीड़ लगा दी। एक अराजकता का माहौल बना था।रजिस्ट्रेशन के बाद कोई स्लिप न देने से इंजेक्शन रूम में जहां पंजीकृत व्यक्ति को टीका लगवा रहे थे वहीं इस बात का फायदा उठा कर कुछ चालाक लोगों ने बिना नंबर व रजिस्ट्रेशन के ही टीका लगवा दिया और बाद में रजि.करवा लिया।इसकी जानकारी मिलते ही मैंने तुरंत ड्यूटी पर आयी एकमात्र लेडी डॉक्टर से संपर्क किया और रजिस्ट्रेशन रूम से पंजीकृत व्यक्ति को स्लिप जारी करवाने तथा स्लिप दिखाने पर ही कोविड टीका लगे की सलाह दी। जिसपर उन्हों ने स्वयं जाकर रजिस्ट्रेशन करने वाले कर्मियों व टीका करने वाले कर्मी को निर्देश दिया।इससे बिना बारी व बिना रजिस्ट्रेशन के टीका लगना बन्द हो गया। रजिस्ट्रेशन रूम के बाहर की भीड़ को दो महिला कर्मियों ने बहुत मेहनत के साथ नियंत्रित किया पर फिर भीड़ एकत्र हो जाती थी। इस सब को देख रहे व अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे पूर्व पुलिस कर्मी श्री चण्डीप्रसाद बड़ोला ने सबके टोकन देख कर लाईन को व्यवस्थित कर दिया। बाद में अस्पताल का एक पुरुष कर्मी आया तो उसने बहुत मेहनत से लाईन को व्यवस्थित किया।
यह सारी अव्यवस्था केवल इसलिए हुई आज टोकन देने के लिए कोई कर्मी नहीं था।एक प्रकार से टोकनों की लूट सी हुई।जिस की मर्जी उसने उतने ही टोकन उठा लिए।और बहुत देर में आने वाले को टोकन की बदौलत लाईन में आगे लग कर पहले टीका लगाने का मौका मिल गया।
अस्पताल प्रशासन को ऐसी स्थिति से निबटने के लिए व भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए तहसील प्रशासन से होमगार्ड या पीआरडी जवान की मांग करनी चाहिए।वैसे तहसील प्रशासन को स्वयं ही यह व्यवस्था करनी चाहिए।ताकि टीकाकरण व्यवस्थित ढंग से हो सके।

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