सरकारी भूमि में स्थित मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा : मुख्यमंत्री #महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न# डा.अम्बेडकर ने देश से जाति प्रथा और समाज में कुव्यवस्था को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी-डा.जोगदण्डे।पढिए Janswar.com में।द्वारा- अरुणाभ रतूड़ी

  • सरकारी भूमि में स्थित मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा : मुख्यमंत्री
    तुनवाला, देहरादून स्थित रविदास भवन एवं डॉक्टर अम्बेडकर बारात घर के चारदीवारी निर्माण एवं मरम्मत का कार्य किया जाएगा

    मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत बुधवार को लोअर तुनवाला, देहरादून में भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 130वें जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी, महान नेता और समाज सुधारक डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी ने सामाजिक असमानता को दूर करने तथा वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने  भारत के संविधान में तत्कालीन सामाजिक भेद भाव मिटाने तथा सभी को अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी गरीब एवं वंचितों के विकास के लिए कृत्संकल्प है। सरकारी भूमि में स्थित मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण एवं सौंदर्यीकरण की घोषणा को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समाज के ग़रीब तथा वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोअर तुनवाला में स्थित रविदास भवन एवं डॉ. अम्बेडकर बारात घर के चारदीवारी निर्माण एवं मरम्मत कार्य की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर आजीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का यह सपना था कि भारत में जातिवाद खत्म हो, सामाजिक समानता के अवसर हों, अधिकारों की रक्षा हो। हमारे संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय या पंथ से हो, समानता का अधिकार प्राप्त है। आज एक लोकतंत्र और समतावादी समाज के रूप में हम जो भी हैं और जहाँ तक आगे बढ़े हैं, इस मुकाम तक पहुँचने में हमारे संविधान और उसके मुख्य निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की बहुत बड़ी भूमिका है।
    मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस से लड़ाई में हर संभव प्रयास कर रही है। टेस्टिंग के साथ ही वैक्सीनेशन को भी बढ़ाया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन उत्सव के रूप में तेजी से टीकाकरण का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण के लिए ही सम्भव व्यवस्थाएं की गई हैं। टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
    इस अवसर पर विधायक एवं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक एवं विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ भी उपस्थित थे।

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  • महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न
  • 13 लाख 50 हजार से अधिक लोगों ने गंगा में लगाई पवित्र डुबकी
  • पहली बार कुम्भ में एन एस जी की तैनाती
  • कोरोना को देखते हुए प्रशासन सतर्क, टेस्ट रिपोर्ट न लाने पर सीमा से करीब 56 हजार श्रद्धालु लौटाए गये
  • हर दिन करीब 50 हजार लोगों के हो रहे हैं कोरोना टेस्ट

कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया।  मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो  गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुडे़ अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।
मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

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भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 130वीं जयंती को जनपद गढ़वाल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल परिसर पौड़ी में जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए, दीप प्रज्ज्वलित कर तथा बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर जनपद के अन्य गणमान्य ने भी आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर बाबा साहेब की मूर्ति पर पुष्पाजंलि एवं माल्यार्पण किया। कोविड 19 की नियमावली को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।
आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डा0 जोगदण्डे कहा कि 14 अप्रैल 1891 में जन्मे बाबा साहेब की इस साल 130वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने देश से जाति प्रथा और समाज में कुव्यवस्था को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी, उनका मानना था कि सभी जाति के लोगों को एक जैसा अधिकार मिलना चाहिए ताकि आगे चलकर किसी भी प्रकार भेदभाव ना हो। उन्होंने अपने जीवन काल में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों में भी हिस्सा लिया। एक दलित परिवार से आने वाले बी.आर. अंबेडकर ने अपने जीवन में बहुत यातनाएं झेलीं लेकिन कभी किसी कमजोर का साथ नहीं छोड़ा, जिसके लिए उन्हें आज भी उतने ही आदर और सम्मान के साथ याद किया जाता है। कहा कि आज के दिन देश के साथ साथ विदेशों में भी उनकी जयंती को उत्सव के रूप में मनाया जाता है बाबा साहेब ने सक्रिय रूप से दलितों के साथ-साथ हमारे समाज के अधिकारहीन वर्ग के लिए भी कार्य किया और उनके अधिकारों के लिए लड़े। वे एक राजनीतिक नेता, कानूनविद, शिक्षक, अर्थशास्त्री थे। डा0 अम्बेडकर वैश्विक युवाओं के लिए प्रेरणा बन गये क्योकि उनके नाम के साथ बीए, एमए, एमएससी, पीएचडी, बैरिस्टर, डी.एससी, डी.लिट की मानद आदि कुल 26 उपाधियां जुडी थी। सामाजिक कार्य में उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण लोगों ने उन्हें ‘बाबा साहेब’ के नाम से संबोधित करना शुरू कर दिया। कहा कि उन्होंने भारत के संविधान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इसीलिए उन्हें भारतीय संविधान का रचयिता भी कहा जाता हैं। उस समय भारतीय संविधान में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आरक्षण प्रणाली थी, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग और उनकी जीवनशैली में सुधार के साथ-साथ उन्हें आगे उत्थान की ओर ले जाना था। कहा कि भारत में उनके सर्वोच्च उपलब्धियों के लिए वर्ष 1990 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी विचारधारा महत्वपूर्ण है उन्होंने अस्पृश्यता को मिटाने के लिए जो कार्य किए उन्हें भुलाया नहीं जा सकता है। साथ ही उन्होंने सती प्रथा को समाप्त करने के लिए भी प्रमुखता से आवाज उठाई थी कहा कि उन्होंने केवल सामाजिक विकास ही नहीं बल्कि आर्थिक विकास का मुद्दा भी बढ़-चढ़कर उठाया था। जिसकी वजह से आज विभिन्न देशों में उनके आर्थिक विकास के अवधारणा पर शोध किये जा रहे हैं।   कहा कि वर्तमान समाज समाज में एकरूपता लाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा है प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में अच्छा कार्य किया जा रहा है किंतु उच्च शिक्षा में और सुधार की आवश्यकता है। वहीं कार्यक्रम में पहुंचे अन्य गणमान्य द्वारा संविधान निर्माता एवं समाज सुधारक बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर के अविस्मरणीय कार्य पर प्रकाश डाला गया।
आयोजित कार्यक्रम के पश्चात भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान क्रमशः वैष्णवी, अंशिका और मैथिली ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर सी ओ सदर प्रेम लाल टम्टा, ईओ नगर पालिका प्रदीप बिष्ट, मंच संचालन जे पी टम्टा व शैलजा सिंह ने तथा शैलेंद्र, हीरालाल टम्टा, गौरव कुमार, सुशील चंद्र, हुकुम सिंह, वीर प्रताप, संजय सिंह, सुनील कुमार, सुधीर चंद्र, यमुना राम, ललित मोहन, भूपेंद्र सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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