श्री सुबोध सिंह मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया समन्वयक बने।##जिलाधिकारी नैनीताल ने डेंगू व कॅरोना वायरस संबंधित बैठक ली। पढिए जनस्वर डॉट कॉम में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी।

शासन द्वारा श्री सुबोध सिंह को मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड का सोशल मीडिया समन्वयक नियुक्त किया गया है। सचिव सूचना श्री दिलीप जावलकर द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार श्री सुबोध सिंह की मुख्यमंत्री जी के सोशल मीडिया समन्वयक के निःसंवर्गीय पद पर नियुक्ति की गई हैं।
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जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय में देर सांय डेंगू तथा कोरोना वायरस के सम्बन्ध में जिलाधिकारी श्री सविन बंसल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राजकीय मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ.सीपी भैसोड़ा के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी श्री बंसल ने कहा कि पिछले साल डेंगू को लेकर जिले में काफी भयावह स्थिति थी तथा डेंगू को लेकर जनपद नैनीताल खास तौर पर हल्द्वानी महानगर सुर्खियों में रहा। उन्होंने कहा कि सर्दी अब विदायी की ओर है और आने वाले कुछ दिनों बाद गर्मी का अहसास होने लगेगा, इसलिए डेंगू से निपटने के लिए कारगर योजना अभी से बनाकर कार्य शुरू कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि होली के बाद जन-जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ कर दिये जायें। इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राअें एवं एनएसएस, एनसीसी के बच्चों, आशा कार्यकर्तियों तथा एएनएम को भी शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में फोगिंग कार्य के लिए मशीनों की व्यवस्था के साथ ही रसायन की व्यवस्था भी कर ली जाये। शहरी क्षेत्रों में नगर पालिकाएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया विभाग समयबद्ध तरीके से फोगिंग का काम अगले महीने से शुरू कर दे। उन्होंने कहा कि बेस चिकित्सालय तथा सुशीला तिवारी चिकित्सालय में डेंगू वार्ड बनाये जाने के लिए सभी व्यवस्थाऐं पूरी कर ली जायें। इसके साथ ही पैथोलोजी लैब की सक्रियता एवं तत्परता को भी माईक्रो प्लान में शामिल किया जाये। पिछले साल की भाॅति पैथोलोजी लैब निरन्तर कार्य करेंगी। प्राईवेट पैथोलोजी में डेंगू परीक्षण की दरें अभी से निर्धारित कर ली जायें तथा सरकारी अस्पतालों में डेंगू एलाईज़ा किटों की मांग स्वास्थ्य निदेशालय को भेज दी जाये।
कोरोना वायरस संक्रमण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में इस वायरस से प्रभावित मरीजों की संख्या शून्य हैं। फिर भी बाहरी मुल्कों विशेषकर चाईना से आने वाले लोगों की विशेष निगरानी की जा रही है। जनपद में 18 केसों की निगरानी की गयी, अलबत्ता कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं मिला है, जाॅच का काम एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जा रहा है। जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभावित लोगों के ईलाज के लिए 45 बेडो के बार्ड तैयार किये गये हैं। स्वास्थ्य विभाग तथा मेडिकल काॅलेज की टीमों द्वारा सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।
बैठक में कोरोना वायरस के सम्बनध में जानकारी देते हुए एसीएमओ डाॅ.रश्मि पन्त ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण में खांसी-जुकाम, गले में खरास, सांस लेेने में तकलीफ व निमोनिया के लक्षण पाये जाते हैं। इस वायरस से अनावश्यक भय की आवश्यकता नहीं है। सावधानी व सतर्कता से बचाव आसान है। इस वायरस के उपचार हेतु कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। केवल लक्षणों के आधार पर ही उपचार किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति पिछले एक माह के दौरान चीन देश के भ्रमण से आया हो या कोरोना वायरस संक्रमित रोगी के सम्पर्क में आया हो तो लक्षण होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करें अथवा टाॅल फ्री नम्बर 104 पर सूचना दें।  
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार सिंह, एसडीएम विवेक राय, मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, बाल विकास परियोजना अधिकारी रेणु मर्तोलिया, एसीएमओ डाॅ.तरूण कुमार टम्टा, चिकित्सा अधीक्षक एसटीएच डाॅ.अरूण कुमार जोशी, डाॅ.विनीता रावत के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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