वेदऋचाओं के उदघोष के साथ ब्रह्ममुहुर्त में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले अखंड ज्योति के हुए दर्शन हुए।# उत्तराखण्ड में कोविड कर्फ्यू 25 मई तक बढा।पढिए Janswar.com में

द्वारा-अरुणाभ रतूड़ी
विश्वप्रसिद्ध  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले अखंड ज्योति के दर्शन हुए।
• वेदऋचाओं के उदघोष के साथ ब्रह्ममुहुर्त में खुल गये कपाट।
• प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर से श्री बदरीनाथ धाम में कल्याण एवं आरोग्यता की भावना से  पूजा-अर्चना एवं महाभिषेक समर्पित हुआ।
• मुख्यमंत्री  श्री तीरथ सिंह रावत ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। आशा प्रकट की है कि जल्द कोरोना महामारी से आमजनमानस को निजात मिलेगी।
• पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जतायी कहा कोरोना से बचाव हेतु अस्थायी तौर पर चारधाम यात्रा पर रोक लगायी गयी।
• कपाट खुलते समय पूजा ब्यवस्था से जुड़े चुनिंदा प्रतिनिधि मौजूद रहे।
•  श्री बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उप जिलाधिकारी  तथा धर्माधिकारी, वेदपाठीगण मौजूद रहे।
•  कोरोना महामारी के कारण चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, यात्रियों को आने की अभी अनुमति नहीं।
• कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानको का हुआ पालन
 
 
      श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को  वैदिक मंत्रोचार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से आज  मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में  प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिये गये है। ग्रीष्म काल में निरंतर भगवान बदरीविशाल की पूजा- अर्चना होगी।
इस अवसर पर मंदिर तथा मंदिर मार्ग  को श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति द्वारा लगभग 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था‌। प्रात: तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से अंदर पहुंचे। ठीक प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले इस अवसर पर कुछ ही लोग अखंड ज्योति के गवाह बने। रावल जी द्वारा गर्भगृह में प्रवेशकर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया तत्पश्चात भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी  मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गये। डिमरी पंचायत प्रतिधियों द्वारा भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु राजमहल नरेन्द्र नगर से लाये गये तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह मे़ समर्पित किया
इसके साथ ही भगवान को माणा गांव के महिला मंडल द्वारा   शीतकाल में कपाट बंद करते समय औढाया गया घृत: कंबल उतारा गया तथा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। भगवान के निर्वाण दर्शन के बाद अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी भीतरी वडुवा, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया है।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा  सभी के आरोग्यता की कामना  की । कहा है कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई कहा  कि कोरोना की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुन: शुरू होगी।
 
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर  ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर  बधाई दी है कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने हेतु शासन के स्तर पर प्रयास जारी है। कई संस्थाये इसके लिए आगे आ रही है। 
गढ़वाल आयुक्त/उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि श्री बदरीनाध धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई। कहा अभी यात्रियों को यात्रा  की अनुमति नहीं है लेकिन  स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, डिमरी पंचायत पदाधिकारी आशुतोष डिमरी, विनोद डिमरी, तहसील दार चंद्रशेखर वशिष्ठ पुलिस  जिला प्रशासन आईटीबीपी, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।
 
देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी  बी. डी. सिंह ने  बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा  मंदिर परिसर,बस टर्मिनल तथा स्वागत कार्यालय, आवासों  में पर्याप्त सेनिटाईजेशन किया है, कपाट खुलने के दौरान कोविड बचाव मानकों का पालन हुआ मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग हो रहा है। 
 देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी  डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों  माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर,माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर  के कपाट भी खुल गये है जबकि चारधामों में से श्री यमुनोत्री धाम के कपाट  14 मई, श्री गंगोत्री धाम के 15 मई, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को खुल चुके है। तृतीय केदार तुंगनाथ जी एवं चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट भी 17 मई को खुल गये है। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं जबकि श्री हेमकुंड गुरूद्वारा साहिब तथा लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी तय नहीं है।
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उच्च स्तरीय बैठक में कोविड कर्फ़्यू के सम्बंध में महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने दी।

इस सम्बंध में पिछले कोविड कर्फ़्यू के दौरान व्यवहारिक कठिनाईयों को दूर किया गया।
आगामी 18 मई से प्रातः 6 बजे से 25 मई प्रातः 6 बजे तब कोविड कर्फ्यू का दूसरा चरण लागू होगा।
शादी समारोह में अधिकतम 20 लोगों अनुमति होगी और 72 घन्टे पूर्व RTPCR टेस्ट अनिवार्य होगा।
मरीज के तीमारदारों को आने जाने के लिये डॉक्टर की पर्ची ही कोविड कर्फ्यू मान्य होगा।
अंत्येष्ठि में शामिल लोगों को अनुमन्य 20 लोगो को कर्फ्यू पास अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।
हेल्थ इमरजेंसी और परिजन मृत्य के मामले में e pass आवेदन पर दिया जाएगा।
बैक के अनुरोध पर बैंक अवधि 10 बजे से 2 बजे दिन कार्यविधि की गई।
यही व्यवस्था राज्य  कर्मचारी  वित्त संस्थान पर भी लागू होगी।
हरिद्वार अस्थि विसर्जन 4 व्यक्ति की अनुमन्यता है वाहन के 50% की क्षमता अनुमन्य होगी। 
सरकारी राशन की दुकान के साथ बेकरी को भी प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। 21 मई को परचून ,राशन दुकाने 7 से 10 बजे दिन में खुलेगी।
Up की सीमा से उत्तराखंड में आने जाने के लिए पास की अनिवार्यता तो नही होगी परन्तु पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
उधोगो के लिये मजजूरों की सुरक्षा और आवागमन के लिये अनिवार्यता के स्थान पर यथा सम्भव  कर दिया गया है।

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