विश्व हिन्दी दिवस पर यूनस्को का निर्णय-डब्ल्यूएचसी (विश्व धरोहर समिति) की वेबसाइट पर हिंदी विवरण उपलब्ध होगा#डीआरडीओ ने मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण किया-Janswar.com

गर्व की बात

विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर यूनेस्को द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, डब्ल्यूएचसी (विश्व धरोहर समिति) की वेबसाइट पर हिंदी विवरण उपलब्ध होगा

यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने कल विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर घोषणा की कि यूनेस्‍को का विश्व विरासत केंद्र भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के हिंदी विवरण को डब्ल्यूएचसी की वेबसाइट पर प्रकाशित करने के लिए सहमत हो गया है।विश्व हिंदी दिवस पर यूनेस्को द्वारा भारत के विश्व धरोहर स्थलों के हिंदी विवरण को अपने वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्णय हर भारतीय और हिन्दी प्रेमी के लिए गर्व की बात है।

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट संदेश के माध्यम से इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी प्रत्येक भारतीय और हर हिंदी प्रेमी के लिए गर्व का विषय है। वैश्विक मंच पर भारतीय भाषाओं की लोकप्रियता स्वागत योग्य तथा उत्साहजनक है।

वैश्विक मंच पर भारतीय भाषाओं की लोकप्रियता स्वागतयोग्य और प्रोत्साहित करने वाला है। https://t.co/mBjdry3cqq

— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) January 11, 2022

डीआरडीओ ने मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 11 जनवरी 2022 को मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) का अंतिम सफल परीक्षण किया। स्वदेश में विकसित यह टैंक रोधी मिसाइल कम भार वाली, दागो और भूल जाओ मिसाइल है, क्‍योंकि इसे दागे जाने के बाद पुनः निर्देशित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और फिर धुआं भी नहीं निकलता। इस मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मानव संचालित लॉन्चर से दागा गया। मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य पर हमला किया तथा उसे नष्ट कर दिया। परीक्षण के दौरान अंतिम वृत्तांत को कैमरे में कैद किया गया और मिसाइल ने अपनी क्षमताओं को पुष्ट करते हुए सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

 

वर्तमान परीक्षण में इसको न्यूनतम सीमा तक सिलसिलेवार कार्य-प्रदर्शन में सिद्धस्त प्रदर्शित करना था। इस मिशन के दौरान सभी उद्देश्यों को पूरा किया गया। मिसाइल ने ऑन-बोर्ड नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर तथा एडवांस्ड एवियोनिक्स को सीमित कर दिया है। मिसाइल के कार्य-निष्पादन को पहले की परीक्षण जांचों में अधिकतम सीमा तक के लिए प्रमाणित किया गया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने टैंक रोधी मिसाइल की निरंतर सफलताओं के लिए डीआरडीओ टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित रक्षा प्रणाली विकास में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने परीक्षण के दौरान मिसाइल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीम को बधाई दी।

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