विपिन रावत के चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष बनने पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई। #उद्यमी पहाड़ और मैदान के विकास को संतुलित करने में सहभागी बनें-मुख्यमंत्री।##देहरादून में 72 अतिक्रमण ध्वस्त।###केन्द्रीय कारागार सितारगंज के कैदी की मौत की मजिस्ट्रेट द्वारा जॉच।####एम्स में तेरह लोगों कार्निया प्रत्यारोपण। पढिए Janswar.com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

विपिन रावत के चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष बनने पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत द्वारा चीफ ऑफ स्टॉफ कमेटी (सीओएससी) का अध्यक्ष पद ग्रहण करने पर उन्हें शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि जनरल रावत को सीओएससी का अध्यक्ष बनाया जाना उत्तराखण्ड का भी सम्मान है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल नेतृत्व में देश की सीमायें और अधिक सुरक्षित रहेंगी तथा हमारे सैन्य बलों का मनोबल और ऊँचा होगा।

उद्यमी पहाड़ और मैदान के विकास को संतुलित करने में सहभागी बनें-मुख्यमंत्री।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारतीय औद्योगिक परिसंघ और उद्योग विभाग उत्तराखण्ड द्वारा कन्वेंशन हॉल बीएचईएल हरिद्वार में आयोजित दो दिवसीय औद्योगिक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने सिडकुल स्थित होटल हाइफन में उत्तराखण्ड इंडस्ट्रियल समिट एक्जीविशन का भी उद्घाटन किया, इस प्रदर्शनी में हीरो मोटोकार्प, भेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मुंजाल शोवा, शिवम औटोटेक, रॉकमैप इंडस्ट्रिज, जेएसजी इनोटेक, हेको मशीनरी, गार्डनर डेनवॉर, आइटीसी, टपरवेयर, सिडबी, सिंफनी जैसी बड़ी नामी कंपनियों ने प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद अब तक प्रदेश में 17 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। इन्वेस्टर्स समिट में 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू पर निवेशकों द्वारा हस्ताक्षर किये गये थे, जिसमें 40 हजार करोड़ रूपये के एमओयू पर्वतीय क्षेत्रों के लिए किये गये हैं। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेशक उद्योग लगाने के लिए उत्साहित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के वन क्षेत्र का 27 प्रतिशत क्षेत्र चीड़ के वृक्षों से आच्छादित है, जिससे विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट बन रहे हैं। राज्य के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है कि पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिले। राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वाहन किया कि वे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अपने विशेष और नये आइडिया से पहाड़ और मैदान के विकास को संतुलन प्रदान करने में सहभागी बनें।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा प्रयास प्रति कैपिटा इनकम को बढ़ाना है। प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। राज्य सरकार पर्वतीय व मैदानी जिलों में प्रति व्यक्ति आय के गैप को दूर करने का प्रयास कर रही है। पर्यटन राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है, इसी लिये पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। एमएसएमई में सरकार ने जिलाधिकारियों को निवर्तन के अधिकार दिये हैं, ताकि छोटे उद्यमियों को अनावश्यक देहरादून न आना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति उद्योगों के अनुकूल है। राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए ’निवेश संवर्द्धन एवं सुविधा केंद्र’ बनाये गये हैं। भारत सरकार ने जीएसटी की दरों में संशोधन कर उद्योग जगत को सकारात्मक संदेश दिया है, वैसे ही राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के तहत सिंगल विन्डो सिस्टम लागू कर यूजर फ्रेंडली माहौल दिया जा रहा है। ।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि परिश्रम एवं ईमानदारी उत्तराखण्ड की पहचान है। उद्योगों के लिए अनुकूल कानून व्यवस्था व शान्त वातावरण की जरूरत होती है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि पर्यटन एवं होटल व्यवसाय तथा एडवेंचर के क्षेत्र में विशेष संभावनाओं को देखते हुए भविष्य में इस क्षेत्र में तेजी से कार्य कर सकते हैं। ऑल वेदर रोड़ बनने से सडक मार्ग और जौलीग्रांट एयरपोर्ट में बेहतर सुविधायें मिलने से कनेक्टिविटी हिसाब से आने वाला समय अत्यंत अनुकूल होगा। आने वाले समय में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना से भी रेल यातायात की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री कौशिक ने कहा कि आने वाले कुंभ 2021 के आयोजन में इंडियन ऑयल कंपनी भी सहयोग दे रही है, उन्होंने सभी उद्यमियों से अपनी तकनीकी क्षमता के हिसाब से सहयोग की भी अपेक्षा की, उन्होंने कहा कि जीएसटी की नयी दरों से उद्योगों को लाभ होगा।
इस अवसर पर, विधायक श्री आदेश चौहान, श्री सुरेश राठौर, श्री प्रदीप बत्रा, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार सहित उद्योग विभाग के अधिकारी व उद्यमी उपस्थित थे।
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देहरादून में 72 अतिक्रमण ध्वस्त।

मा.न्यायालय के निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जन सामान्य हेतु बनाये गये फुटपाथों, गलियों, सड़कों एवं अन्य स्थलों पर किये गये अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध अतिक्रमणों में ध्वस्तीकरण, चिन्हीकरण व सीलिंग का कार्य पुनः शुरू हो गया है।  
आज दिनांक 27 सितम्बर, 2019 को इस अभियान के अन्तर्गत 72 अवैध अतिक्रमणों का ध्वस्तीकरण व 287 अतिक्रमणों का  Reverification of Demarcation व 31 अतिक्रमणों के चिन्हीकरण के कार्य सम्पादित करने के साथ ही अतिक्रमण किये गये 106 भवनों के सीलिंग/पार्किंग स्थलों पर संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नोटिस भी जारी किये गये है।
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केन्द्रीय कारागार सितारगंज के कैदी की मौत की मजिस्ट्रेट द्वारा जॉच।

हल्द्वानी, 27 सितम्बर 2019 –  केन्द्रीय कारागार सितारंगज में निरूद्व सिद्वदोष बन्दी प्रताप सिह पुत्र ध्यान सिह की सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी मंे उपचार के दौरान 06 फरवरी 2019 को मृत्यु हो गई थी।  जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री सविन बंसल ने नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिह को मजिस्ट्रयल जांच हेतु जांच अधिकारी नामित किया है।  

नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिह ने कहा है कि इस घटना के सम्बन्ध में किसी व्यक्ति को कुछ कहना हो अथवा कोई प्रमाण या साक्ष्य प्रस्तुत करने है तो किसी भी कार्य दिवस में नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय मे उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
—————————————————- एम्स में तेरह लोगों कार्निया प्रत्यारोपण।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आई बैंक की स्थापना के एक माह में आठ लोगों के कॉर्निया प्राप्त हुए,जिनका 13 लोगों को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण कर लिया गया है। एम्स प्रशासन ने संकल्प के साथ कॉर्निया का दान कराने वाले परिवारों का आभार जताया है।
इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि भारत में अंधेपन की समस्या से ग्रस्त मरीजों की संख्या में हर साल करीब पचास हजार लोगों की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि नेत्रदान के संकल्प के बिना कॉर्निया की समस्या को दूर नहीं किया जा सकता। ​एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरुक करने को लेकर संस्थान लगातार मुहिम चला रहा है, इसी उद्देश्य व इस समस्या से ग्रसित लोगों की समस्या के निदान के लिए संस्थान में बीते माह 26 अगस्त को नेत्रकोष की स्थापना की जा चुकी है। एम्स के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. संजीव मित्तल व आई बैंक की चिकित्सा निदेशक डा. नीति गुप्ता ने बताया कि बीते एक पखवाड़े में हरिद्वार के तीन व रुड़की,कोटद्वार व ऋषिकेश के एक-एक व्यक्ति के निधन पर उनके परिजनों ने एम्स संस्थान के आई बैंक में नेत्रदान कराया तथा पूर्व में ऋषिकेश के दो लोगों की मृत्यु पर परिजनों द्वारा नेत्रदान किया गया था।
उन्होंने बताया कि प्राप्त कॉर्निया की जांच के बाद एम्स संस्थान के नेत्र कोष में अब तक 13 जरुरतमंद लोगों को कॉर्निया सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं। जिससे उनका जीवन रोशन हुआ है ।यह लोग कई वर्षों से काॅर्निया अंधत्व से पीड़ित थे, उन्होंने अपील की कि नेत्रदान करने के इच्छुक व्यक्ति एम्स ऋषिकेश के आई बैंक में दूरभाष संख्या 0135-2460835 व 09068563883 पर संपर्क कर सकते हैं।


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