विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र की तैयारी का स्थलीय निरीक्षण किया।# वन विभाग के माध्यम से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएः मुख्यमंत्री# मुख्यमंत्री ने प्रदेश के गन्ना किसानों को अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 193.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी

विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र की तैयारी का स्थलीय निरीक्षण किया।

उत्तराखंड विधान सभा के मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल और मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया गया।

वन विभाग के माध्यम से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएः मुख्यमंत्री
पौधों का सर्वाईवल रेट बढ़ाने पर दिया जाए ध्यान।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैम्पा की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वनों के विकास के लिए पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। पौधों का सर्वाईवल रेट बढ़ाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टि गांवों को लौटे प्रदेशवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन सम्पत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश को वापस लौटे लोगों को रोजगार की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को ऊर्जा विभाग के माध्यम से 25 वॉट के सोलर प्लांट्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वन विभाग द्वारा भी कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। इससे हमारे गांव एवं हमारे वन दोनों लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने बुग्यालों के संवर्द्धन के लिए कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग बहुत ही कारगर है परन्तु सोलर फेंसिंग की सुरक्षा के लिए लोगों को भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संवर्धन हेतु वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संवर्धन हेतु चेकडैम, चालखाल एवं ट्रेंच निर्माण के अच्छे परिणाम रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयन दिवस के अवसर पर प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेजों को 10 हजार पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता के लिए 10-10 हजार रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे स्कूल एवं कॉलेज के माध्यम से प्रकृति के प्रति जनजागरूकता फैलायी जा सकेगी।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को भीमल के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इन प्रशिक्षित लोगों का प्रयोग बुग्यालों के संवर्धन हेतु कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम आदि के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उत्तराखण्ड कैम्पा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन श्री आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक श्री जयराज, सचिव श्री अमित नेगी एवं वन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के गन्ना किसानों को अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 193.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के गन्ना किसानों को अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 193.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि के स्वीकृत होने से किसानों को उनके अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान हो जायेगा। चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों के अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान न किये जाने के कारण किसानों, किसान प्रतिनिधियों एवं कृषक संगठनों द्वारा इस सम्बन्ध में निरंतर मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जा रहा था, मुख्यमंत्री ने किसानों के व्यापक हित में यह धनराशि स्वीकृत की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों को समय पर उनकी उपज का भुगतान हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के सुधारीकरण तथा गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसानों की हितो की रक्षा करना है। इसके लिए किसानो के हित को ध्यान में रखते हुए योजना अमल में लायी जाए। गन्ना उत्पादन से किसानों की आय कैसे बढ़ायी जाय इस पर भी ध्यान दिये जाने पर उन्होंने बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों के व्यापक हित में स्वीकृत की जा रही अवशेष रूपये 193.24 करोड़ की धनराशि से किसानों के गन्ना मूल्य के भुगतान में सुविधा होगी तथा प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान की समस्या का भी समाधान हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के स्तर पर गन्ना किसानों को समय पर भुगतान हो इसके लिए चीनी मिलों को अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ किये जाने पर ध्यान देना होगा, ताकि भविष्य में चीनी मिलों के स्तर पर ही किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके।

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