वनाग्नि बुझाने में शहीद अग्रिम पंक्ति वनकर्मियों के आश्रितों को देय राशि होगी15 लाख रूपये #कृषिमंत्री ने किसान रेल संचालन योजना संबंधी बैठक ली।#एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक तैनाती वाले कार्मिकों के स्थानान्तरण हेतु विभागाध्यक्षों को लिखा जायेगा-जिलाधिकारी।पढिए Janswar.com में।

द्वारा-अरुणाभ रतूड़ी

वनाग्नि बुझाने में शहीद फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ आश्रितों को देय राशि 15 लाख रूपये की जायेगी।

वनाग्नि को बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाने वाली धनराशि की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रूपये की जायेगी।

वनाग्नि प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर अपर प्रमुख वन संरक्षक को जिम्मेदारी दी जाए।

वन कर्मियों के लिए आवासीय फॉरेस्ट लाईन्स का निर्माण किया जाय।
वनाग्नि बुझाने के दौरान दो कार्मिकों के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन मुख्यालय देहरादून में वनाग्नि प्रबंधन एवं सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि वन मुख्यालय पर तत्काल इन्टीग्रेटेड फायर कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर की स्थापना की जाय। वनाग्नि प्रबंधन के लिए यह देश का पहला सेंटर होगा। इस सेंटर के माध्यम से सैटेलाईट से सीधे फायर संबंधित सूचनाओं को एकत्रित कर फील्ड लेबल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी। इसमें फॉरेस्ट टोल फ्री नम्बर 1926 की व्यवस्था के साथ ही अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं की जायेंगी। 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाय। वनों एवं वन्यजीवों की रक्षा करना सबका दायित्व है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पा मद से प्राप्त बाईकों को हरी झण्डी दिखाई एवं स्टेट फायर प्लान प्रति का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वनाग्नि को बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाने वाली धनराशि 2.5 लाख से बढ़कार 15 लाख रूपये की जायेगी। गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी के वनकर्मी श्री हरिमोहन सिंह एवं फॉरेस्टर श्री दिनेश लाल को वनाग्नि बुझाते समय कार्यों के निर्वहन के दौरान अपनी जान गंवानी पड़ी। बैठक शुरू होने से पूर्व इन दोनों कार्मिको के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए एक अपर प्रमुख वन संरक्षक स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाय। राज्य में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए इनके द्वारा मॉनिटरिंग की जायेगी। वनाग्नि प्रबंधन हेतु समय कंट्रोल बर्निंग (पहाड़ के टॉप से नीचे की ओर) तथा फॉरेस्ट फायर लाइंस के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाय। इसमें आ रही बाधाओं का जल्द निराकरण किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ वन सुरक्षा एवं प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके लिए आवासीय फॉरेस्ट लाईन्स का निर्माण किया जाय। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने प्रमुख सचिव वन एवं प्रमुख वन संरक्षक को निर्देश दिये कि एक सप्ताह में कैंपा परियोजना से सबंधित कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रस्तुतीकरण दिया जाय। टोंगिया ग्रामों का प्रस्ताव भी एक सप्ताह में दिया जाय। वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार के बजाय सोलर फेंसिंग पर अधिक ध्यान दिया जाय। यह कम लागत पर अधिक परिणामकारी है। वनाग्नि को रोकने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं जागरूकता के कार्यक्रम किये जाए। स्थानीय लोगों को भी वनाग्नि को रोकने के लिए भागीदार बनाया जाय। वन पंचायतो को सक्रिय रखा जाय।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों एवं डीएफओ को निर्देश दिये कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाय। आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था के साथ ही एसडीआरएफ मद से भी उपकरण ले सकते हैं। वनाग्नि को रोकने के लिए पिरूल एकत्रीकरण की व्यवस्था की जाए एवं समय-समय पर जिलाधिकारी के स्तर पर बैठकें आयोजित की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि वनाग्नि में जान गंवाने वालों को शीघ्र मानकों के अनुसार मुआवजा मिल जाय। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि फायर सीजन के दौरान वन विभाग के नियंत्रणाधीन वाहनों को अधिग्रहण न किया जाय।
महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य से सम्बन्धित विभिन्न विषयों एवं जनपद चमोली के रैणी क्षेत्र में उत्पन्न आपदा की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित किये जा रहे हैं जिसमें सभी संबंधित एजेंसियों एवं विभागों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

   

कृषिमंत्री ने किसान रेल संचालन योजना संबंधी बैठक ली।

प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में भारत सरकार की किसान रेल संचालन योजना के सम्बन्ध में बैठक की। किसानों की आय दो गुनी करने के लिए किसान रेल चलाया जायेगा। इस सम्बन्ध में बैठक में रेलवे विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं किसानों, व्यापारियों, तथा मण्डी समिति के सदस्यों को समीक्षा के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये।
मंत्री सुबोध उनियाल ने बैठक में कहा कि किसानों की आय दो गुना करने के लिए किसानों को अधिक से अधिक सुविधांए प्रदान करते हुए बेहतर मार्केटिंग आधार संरचना तैयार किया जाय। विभिन्न राज्यों में लगने वाली किसान मण्डी में फल और सब्जी के परिवहन लागत में 50 प्रतिशत सब्सीडी केन्द्रिय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा रेलवे को दी जा रही है। यह राज्यों की मांग और आवश्यकतानुसार की गई है।
इसके माध्यम से किसानों के उत्पाद जहाॅ से किसान उत्पाद को पैदा करता है, वहाॅ से देश के किसी कोने में रेल के माध्यम से उत्पाद भेज सकता है तथा अच्छी कीमत प्राप्त कर सकता है। इसमे रेल के प्रत्येक स्टाप पर, जहाॅ जिस स्टेशन पर आवश्यकता होगी रेल को रोका जा सकेगा।
उत्तराखण्ड में उद्यान के क्षेत्र में सब्जी, फल, फूल का बडे स्तर पर उत्पादन किया जाता है। इसलिए इस नीति से उत्तराखण्ड के किसान को अप्रत्याशित लाभ पहुचेगा। इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड के मण्डी सचिवों को इसके मांग के सम्बन्ध में सर्वे करने के निर्देश दिये गये है। इस सर्वे से इस क्षेत्र में रेल संचालन की समय अवधि के अन्तराल के निर्धारण में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर निर्भय सिंह, एडिसनल डीआरएम मुरादाबाद तथा उद्यान विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक तैनाती वाले कार्मिकों के स्थानान्तरण हेतु विभागाध्यक्षों को लिखा जायेगा-जिलाधिकारी

जनपद पौड़ी गढवाल के नवनियुक्त जिलाधिकारी श्री विजय कुमार जोगदंडे ने आज जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष, पौड़ी में प्रेस से वार्ता की। उन्होंने आगामी वर्ष में होेने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारी को लेकर कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशन में इस वर्ष में तैयारियां शुरू हो जायेंगी, जिसके तहत पोलिंग बूथों का निर्धारण, निवार्चक नामावलियों का पुनरीक्षण आदि का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जायेगा कि जनपद में तैनात 03 साल से अधिक समय से रह रहे अधिकारी/कर्मचारियों के स्थानान्तरण हेतु संबंधित विभाग के विभागाध्यक्षों को लिखा जायेगा, ताकि नये अधिकारी/कर्मचारी को भी क्षेत्र के बारे में जानने समझने का मौका मिल सके। पूर्व जिलाधिकारी द्वारा टूरिज्म और होमस्टे आदि क्षेत्र में किये गये कार्यो पर भी फोक्स किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जनपद में गत वर्षो में वनाग्नि के कई प्रकरण संज्ञान में आये हैं, जिसमें फाॅरेस्ट मैनेजमेंट प्लान सर्च के तहत अच्छे से कार्यवाही करेंगे। उन्होंने पोखड़ा ब्लाॅक में हुई वनाग्नि की घटना, जिसमें दो वन कार्मिकों की जलने से मृत्यु हो गई थी, के संबंध में कहा कि ड्यूटी के दौरान वन कार्मिक की जलने से मृत्यु होने पर संबंधित वन कार्मिक के आश्रितों को नियमानुसार 15 लाख की विभागीय राहत दिये जाने के सुझाव को मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकार किया गया है।
कहा कि रेवन्यू के प्रकरणों के संबंध में नियमित रूप से मासिक बैठक आयोजित की जायेगी। कहा कि जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों से अपेक्षा रहेगी कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत पटवारी क्षेत्र, राजस्व भवन आदि का एक बार निरीक्षण कर जांच कर लें। कहा कि जनपद में 13 के सापेक्ष 02 ही तहसीलदार है, जिसके कारण दिक्कत होगी। कहा कि जब तक जनपद में नये तहसीलदार नही आते तब तक नायब तहसीलदारो को नियमानुसार विधिवत रूप से तहसील स्तर के कार्य सौंपे जाने हेतु शासन से अनुरोध किया किया जायेगा। कहा कि विभागीय कार्मिकों के एसीपी, पदोन्नति आदि प्रकरणों का भी संज्ञान लिया जायेगा, ताकि कार्मिकों को समय से वित्तीय लाभ मिल सके।
कोविड काल में वैक्सिन/टीकाकरण का शुभारम्भ हो चुका है और जितने भी वैक्सिनेशन सेंटर बनाये गये हैं प्रयास किया जायेगा कि दूसरे चरण में सभी थर्ड लेवल वर्कर का वैक्सिनेशन का कार्य पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा 08 फरवरी, 2021 को वैक्सिन/टीकाकरण कर लिया गया है और इसमें कोई भी दिक्कत उन्हें नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जायेगा कि फ्रंट लाइन वर्कर का टीकाकरण 18 फरवरी तक पूर्ण कर लिया जाय। एक-दो सालों में एसडीआरएफ एवं अन्य आपदा के जो भी कार्य प्रारम्भ हुए है, उन्हें पूर्ण करने का प्रयास किया जायेगा। जिला योजना, राज्य योजना के तहत जो योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनकी गहन समीक्षा कर उन्हें पूर्ण करने का भी प्रयास किया जायेगा। वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता रहेगी कि ‘जल जीवन मिशन‘ योजना में अधिक से अधिक परिवारों को आच्छादित किया जाये, योजना के तहत प्रथम स्तर पर हर घर में नल पहुंचाने की कार्य योजना बनाई गई है।
जिलाधकारी ने कहा कि नियमित रूप से क्षेत्रों का भ्रमण किये जाने पर फोकस रहेगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी क्षेत्रों में नियमित रूप से कैम्प लगाकर समस्याओं के निस्तारण हेतु निर्देशित किया जायेगा, ताकि दूर-दूर से लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए मुख्यालय न आना पड़े। नई आबकारी नीति की प्रक्रिया प्रारम्भ होने पर आबकारी की दुकानों का आंवटन, लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्ति नियमावली के अनुसार किया जाने की प्राथमिकता रहेगी। हाॅर्टिकल्चर में बहुत अच्छा स्कोप है और उद्यानीकरण में कलस्टर बेस पर आगे बढ़ेगे, तो निश्चित ही उत्पादन बढे़गा और आर्थिकी भी सुधरेगी। ग्रोथ सेंटरों में भी विभिन्न प्रकार की एक्टिविटी को प्रमोट किये जाने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही उद्यम को आगे बढ़ाने हेतु जो भी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और जो इनमें कार्य करना चाहता है, उन्हें प्रोत्साहन दिया जायेगा। ग्रोथ सेंटर, कलस्टर्स और उद्यमिता बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा।
उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नियमित रूप से पत्रकार स्थाई समिति की बैठक आयोजित की जायेगी। साथ ही जनपद से बाहर जाने वाले अधिकारियों की माॅनिटरिंग की भी जायेगी।

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