राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में शिवालिक एलीफन्ट रिजर्ब की अधिसूचना निरस्त करने का निर्णय लिया गया।#मुख्यमंत्री के सम्मुख पर्यटन से संबंधित परि योजनाओं का प्रस्तुति करण किया गया।#पौड़ी गढवाल में आज 65 कोविड मरीज आईसोलेशन में।पढिए Janswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति- अरुणाभ रतूड़ी

राज्य वन्य जीवबोर्डकी बैठक में शिवालिक एलीफन्ट रिजर्ब की अधिसूचना निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

देहरादून:मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 16वीं बैठक में शिवालिक एलीफेन्ट रिजर्व की अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही लालढ़ांग चिल्लर खाल मार्ग की स्वीकृति हेतु राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को पुनः प्रस्ताव प्रेषित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में अन्य जो महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये उनमें गोविन्द वन्य जीव विहार वन क्षेत्र के अन्तर्गत पीएमजीएसवाई द्वारा जनपद उत्तरकाशी के मोरी में नैटवाड़ से नुराणू तक 12 कि0मी0 मोटर मार्ग, नैटवाड से हल्द्वाड़ी 23 कि0मी0 मोटर मार्ग, हल्द्वाड़ी से सेवा मोटर मार्ग लम्बाई लगभग 13 कि0मी0, पॉव से सिरगा मोटर मार्ग 08 कि0मी0 मोटर मार्ग, जनपद चमोली के केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अन्तर्गत रूद्रनाथ मन्दिर पेयजल योजना, कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत रामनगर क्षेत्र में धनगढ़ी नाले में 150 मी0 पुल निर्माण, पनोद नाले में 90 मी0 स्पान का पुल, गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के अन्तर्गत नादुंग से जनकताल ट्रेक रूट से 10 कि0मी0 खोले जाने, दुमकू से चोरगाड़ ट्रेक रूट 18कि0मी0 खोले जाने, झाला से अवाना बुग्याल 10 कि0मी0 खोले जाने, जसपुर से ब्रहमीताल ट्रेक रूट 14 कि0मी0 खोले जाने का निर्णय शामिल है।

बैठक में वन मंत्री श्री हरक सिंह रावत, विधायक श्री दीवान सिंह बिष्ट, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष श्री एस0एस0नेगी, उपाध्यक्ष वन पंचायत श्री वीरेन्द्र बिष्ट, प्रभारी सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक सुश्री रंजना काला, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) श्री अशोक कुमार, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक श्री जेएस सुहाग, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सुश्री सोनिका सहित बोर्ड के सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री के सम्मुख पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं का प्रस्तुति करण किया गया।

देहरादून:मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समक्ष मंगलवार को सचिवालय में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में देहरादून मसूरी रोपवे, ऋषिकेश में प्रस्तावित पर्यटन योजनाओं के साथ ही मसूरी के जार्ज एवरेस्ट क्षेत्र में संचालित की जा रही योजनाओं का प्रस्तुतीकरण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून मसूरी रोप वे परियोजना राज्य के पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सचिव आवास एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए को इस परियोजना में आ रही कठिनाईयों के निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह योजना शीघ्र धरातल पर उतरे इसके लिए समेकित प्रयासों पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी के अलावा हरिद्वार ऋषिकेश पयटकों के साथ ही धार्मिक पर्यटन के भी प्रमुख केन्द्र है। इन क्षेत्रों में अपनी विशिष्टता वाली पर्यटन योजनाये राज्य के आर्थिक विकास में भी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। पर्यटन हमारी आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार है। पर्यटन योजनाओं को शीघ्र धरातल पर लाये जाने के प्रयासों में तेजी लाने की बात भी उन्होंने कही।
सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। रोपवे की योजना भी इसमें शामिल है। उन्होंने बताया कि जार्ज एवरेस्ट क्षेत्र में संचालित योजनाओं में उसके मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए एडीबी के माध्यम से 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है।

इस अवसर पर सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर सचिव पर्यटन सुश्री सौनिका, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री रणवीर सिंह के साथ ही सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे। ———————————————————-

पौड़ी गढवाल में आज 65 कोविड मरीज आईसोलेशन में।

पौड़ी (गढवाल):मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थापित वार रूम से प्राप्त आज दिनांक 25.11.2020 को समय 01ः30 बजे की रिर्पोट के अनुसार जनपद में आरटीपीसीआर, रेपिड एन्टीजन व ट्रूनेट रूप से 95 हजार 944 सैम्पल जांच हेतु भेजे गये, जिनमंे से 88 हजार 668 नेगेटिव, 3 हजार 459 लम्बित, 1 हजार 952 अस्वीकृत तथा 3 हजार 817 कोरोना संक्रमित रोगी पाये गये। कोरोना संक्रमित 3 हजार 817 में से 3 हजार 475 स्वस्थ हो चुके है, जबकि 33 की मृत्यु हुई तथा 309 एक्टिव केस हैं। वर्तमान समय में 65 रोगी आइसोलेशन में भर्ती हंै, जिनमंे 23 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट तथा 42 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार में है। कोविड केयर सेंटर के अन्तर्गत 22 लोग हैं, जिनमंे 12 नर्सिंग काॅलेज डोबश्रीकोट, 03 सीसीसी कोड़िया कैम्प मंे, 06 गीता भवन स्वर्गाश्रम ट्रस्ट तथा 01 डीसीसीसी सतुपली में है।
जनपद में 65 वेंटिलेटर्स है, जिनमंे 46 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट, 06 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार, 04 जिला अस्पताल तथा 09 हंस फांउडेशन में हैं। 368 आइसोलेशन की सुविधा में से 100 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार कोविड हाॅस्पिटल में, 200 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट कोविड हाॅस्पिटल तथा 68 हंस फांउडेशन में है। वहीं वर्तमान में 884 पीपीई किट, 11 हजार 972 एन95 मास्क, 11 हजार एक सौ 3लेयर मास्क, 436 आॅक्सीजन सिलेण्डर, 42 एम्बुलंेस तथा 9 हजार दो सौ वीटीएम है। जबकि 51 आईसीयू बेड है, जिनमें 30 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट, 06 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार, 04 जिला अस्पताल पौड़ी, 11 हंस फांउडेशन में है।
जनपद में होम आइसोलेशन में 161 लोग हैं, जिनमें पौड़ी ब्लाॅक में 27, कोट में 04, खिर्सू में 68, कल्जीखाल 02, दुगड्डा 30, द्वारीखाल 01, रिखणीखाल 03, यमकेश्वर 06, थलीसैंण 04, पाबौ 03, पौखड़ा 01, एकेश्वर 04, नैनीडांडा 02, बीरौंखाल 03 तथा अन्य 03 (टिहरी, दिल्ली, देहरादून) शामिल है।

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