राज्यपाल से सेना के जोनल रिक्रूटिंग ऑफिसर मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित ने भेंट कर राज्य में अगस्त सितंबर मेंअग्निपथ भर्ती से संबन्धित जानकारी दी। #मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक# मुख्यमंत्री ने किया मेक इन इंडिया के तहत प्रदेश की पहली ड्रोन फैक्ट्री का शुभारम्भ#राज्य में जल संस्थान की प्रत्येक शाखा में कंट्रोल रूम#जिलाधिकारी पौड़ी गढवाल ने समय पर वसूली व कार्यनिस्तारण न करने के लिए बैठक में अधिकारियों को फटकारा।Janswar.com

-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से राजभवन में सेना के जोनल रिक्रूटिंग ऑफिसर मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित ने मुलाकात की। उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत अगस्त एवं सितम्बर माह में राज्य में होने वाली भर्तियों के सम्बन्ध में राज्यपाल के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

राज्यपाल ने कहा कि यह उत्तराखण्ड के लिए गर्व की बात है कि अग्निपथ योजना हेतु भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत यहां से हो रही है। भर्ती रैली के लिए यहां के युवाओं में अलग ही जोश देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए यह भर्ती रैली एक अवसर रहेगी। राज्यपाल ने अधिक से अधिक युवाओं से रैली में प्रतिभाग कर देश सेवा के अवसर का भागी बनने की अपील भी की। राज्यपाल ने मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित को आश्वासन दिया कि भर्ती प्रक्रिया में हर सम्भव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने राज्य के युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों से समन्वय बनाने को कहा।

मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित ने बताया कि उत्तराखण्ड में अगस्त एवं सितम्बर माह में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है जिसके लिए ऑनलाईन पंजीकरण प्रक्रिया सेना की वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से प्रारम्भ हो गयी है। गढ़वाल रीजन के सभी जनपदों के लिए भर्ती रैली 19 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक कोटद्वार में आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार कुमाऊं रीजन में अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और उधमसिंह नगर के लिए भर्ती रैली 20 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक रानीखेत में सम्पन्न होगी। चम्पावत और पिथौरागढ़ जनपदों के लिए 05 सितम्बर, 2022 से 12 सितम्बर, 2022 तक पिथौरागढ़ में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि भर्ती रैली के सम्बन्ध में शासन एवं जिले के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर ली गयी है। सभी ने इस भर्ती रैली को सफल बनाने में हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया है। इस दौरान अपर सचिव श्री राज्यपाल स्वाति एस0 भदौरिया, कर्नल मुनीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सी.सी.आर हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण की जाएं। सकुशल कांवड़ मेला सम्पन्न कराने के लिए कांवड़ मेले से संबधित अन्य राज्यों के अधिकारियों से भी निरन्तर समन्वय बनाकर रखें। यह सुनिश्चित किया जाए कि 14 जुलाई से 26 जुलाई 2022 तक होने वाले कांवड़ मेले में स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, पार्किंग, स्वच्छता एवं अन्य  सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अच्छी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा में 04 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने सभी शिवभक्तों से अपील की कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कांवड यात्रा पर आने वाले शिवभक्त एक-एक पौधा लगाएं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देश दिये कि कांवड़ यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत जो एडवाइजरी बनाई गई है, उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिये कि कांवड़ मेले में जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, जिनकी कोविड की बूस्टर डोज नहीं लगी है, उनकी बूस्टर डोज लगवाई जाए। कांवड़ यात्रा सुव्यवस्थित हो इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं कांवड़ मेले से संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल किये जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ मेला अवधि में हरिद्वार में कांवड़ मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पार्किंग स्थलों में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।  यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर शाइनेज की पूर्ण व्यवस्था हो। कांवड़ पटरी पर विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था हो। वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं। कांवड़ मेला के दौरान यात्रा रूटों का पूरा चार्ट दिया जाए। भण्डारे एवं लंगर के लिए हाइवे से दूरी पर स्थान चिन्हित किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ मेले के दौरान पर्वतीय जनपदों में आवश्यक सेवाओं एवं सामग्रियों को भेजने के लिए कोई परेशानी न हो। होटलों एवं दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को आवागमन में अधिक परेशानी का सामना न करने पड़े।

जिलाधिकारी हरिद्वार श्री विनय शंकर पाण्डेय ने कांवड़ की तैयारियों को लेकर प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि कांवड़ मेले के लिए 60 हजार वाहनों की क्षमता के लिए 13 पार्किंग स्थल बनाये गये हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों के लिए 03 अतिरिक्त पार्किंग स्थल आरक्षित हैं। कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन हेतु मेला क्षेत्र में 12 सुपर जोन, 32 जोन एवं 134 सेक्टर बनाये गये हैं। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 17 अस्थाई स्वास्थ्य शिविरों की स्थापना की गई है। चिकित्सा केन्द्रों में एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायक श्री प्रदीप बत्रा, श्री आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, एडीजीपी डॉ. वी मुरूगेशन, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, श्री नितेश झा, श्रीमती राधिका झा, श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, श्री एच.सी. सेमवाल, आयुक्त परिवहन श्री रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव श्री सी. रविशंकर, गढ़वाल कमिश्नर श्री सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल श्री के. एस. नगन्याल, एस.एस.पी. हरिद्वार डॉ. वाई.एस. रावत एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने किया मेक इन इंडिया के तहत प्रदेश की पहली ड्रोन फैक्ट्री का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुड़की में रोटर प्रेसिजन इंस्ट्रूमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेक इन इंडिया के तहत प्रदेश की पहली ड्रोन फैक्ट्री का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी तकनीक से बनाए जा रहे ड्रोन उपकरणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ ही रोटर ग्रुप को बधाई देते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है जब देश की सबसे बड़ी और प्रदेश की पहली आधुनिक ड्रोन तकनीक फैक्ट्री की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आदिकाल से ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में आगे रहा है, वेद पुराणों में भी पुष्पक विमान जैसे आधुनिक विमानों का उल्लेख  है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आज भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत मेक इन इंडिया के तहत ड्रोन तकनीक और हथियार निर्माण के क्षेत्र में बहुत तेजी से कार्य कर रहा है। आज भारत तमाम देशों को हथियार निर्यात कर रहा है जो कि भारत को एक विश्व शक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार संसाधनहीन प्रतिभाओं को मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया के तहत प्रोत्साहित कर रही है। उत्तराखंड भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से बेहद जटिल राज्य है, यहां ड्रोन तकनीक बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन का राज्य में और कितना बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है इसके लिए सभी विशेषज्ञ अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं। राज्य सरकार राज्य हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अवश्य संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर डार्क स्थापित किया गया है। हमारी सरकार का लक्ष्य है अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना है। हम विकल्प रहित संकल्प के सिद्धांत के साथ काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम में रोटर ग्रुप द्वारा जानकारी दी गई कि इस ड्रोन फैक्ट्री में प्रति माह 150 से अधिक सर्वेक्षण ड्रोन और भारतीय सेना के लिए 50 से ज्यादा एडवांस ड्रोन बनाने की क्षमता है । फैक्ट्री में ड्रोन के सुरक्षित और कुशल उपयोग के साथ-साथ भू-स्थानिक डेटा उत्पादन में पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए एक स्वतंत्र प्रशिक्षण अकादमी भी होगी।

कार्यक्रम में विधायक रुड़की श्री प्रदीप बत्रा, सर्वे ऑफ़ इंडिया, आईआईटी रुड़की समेत अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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उत्तराखण्ड जल संस्थान के अन्तर्गत वर्ष 2022 मानसून अवधि को दृष्टिगत रखते हुये प्रत्येक शाखा में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है तथा हर जनपद में विभाग द्वारा जनपदीय नोडल अधिकारी नामित किये गये है, ताकि भूस्खलन अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को तत्काल चालू करने की सूचना उपलब्ध हो सकें। दैवीय आपदा से सम्बन्धित क्षति को दृष्टिगत करते हुये पेयजल योजनाओं के तत्काल पुनर्स्थापना हेतु 86.31 कि.मी जी.आई पाईप एवं 110.62 कि.मी एच.डी.पी.ई. पाईप कुल 196.93 कि.मी पाईप शाखाओं में बफर के रूप में उपलब्ध है। जल शोधन एवं वीसक्रमण हेतु समस्त शाखाओं में आवश्यक रसायन उपलब्ध करा दिये गये है।
आपदा से पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने पर सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुये पुनर्स्थापना का कार्य किया जाता है, जिससे शाखाओं एवं अन्य योजनाओं में पूर्व से कार्यरत प्रशिक्षित फिटर, बेलदार को तैनात किया जाता है। आपदा की स्थिति में विभिन्न शाखाओं में पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु 71 विभागीय टैंकर उपलब्ध हैं एवं किराये के 219 पेयजल टैंकर चिन्हित हैं। वर्तमान में सायं 4ः00 बजे की सूचना तक 117 पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हुई है जिनमें से 114 को अस्थाई रूप से चालू करा दिया गया है। शेष 03 योजनाओं को सुचारू किये जाने का कार्य गतिमान है।

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जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व की मासिक स्टाफ समीक्षा बैठक ली। जिलाधिकारी ने बैठक में क्रमवार राजस्व/रेगुलर पुलिस, पूर्ति विभाग, आबकारी विभाग, राजस्व वसूली, विवादित वाद सहित अन्य की अभी तक की गई कार्यवाही पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने तहसील स्तर से सही रिपोर्ट प्राप्त न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सही रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह सब रजिस्टार कार्यालयों का निरीक्षण करें। इस दौरान वसूली की स्पष्ट जानकारी न देने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार थलीसैंण, बीरोंखाल व कोटद्वार का स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने पर तहसील पौड़ी में एसडीएम के अधीनस्थ अधिकारी का स्पष्टीकरण भी किया।
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से तहसील में विभिन्न कार्यो की समीक्षा बैठक कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि खाद्यान विभाग के जो गोदाम किराये पर चल रहे हैं उसके लिए कमेठी बनाये तथा एक माह में स्थान चयनित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कहा कि तहसीलों में जो प्रकरण लंबित हैं उनका निस्तारण जल्द करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भू राजस्व तथा सिंचाई कर की वसूली 15 दिन में पूर्ण करें। उन्होंने विविध देय की कम प्रगति पर नाराजगी जताई तथा उन्होंने एडीएम को निर्देशित किया कि बड़े बकायेदारों से वसूली हेतु रोस्टर बनाकर संबंधितों से भ्रमण करायें। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि बैठक में जो निर्देश दिये गये हैं उनकी पाक्षिक रूप से संबंधित पटल सहायकों के साथ समीक्षा बैठक करें।
जिलाधिकारी ने एसडीएम कोटद्वार को निर्देशित किया कि न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण समय पर करें। कहा कि समय पर वसूली नहीं करने पर संबंधित अमीन का स्थानांतरण तय किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि समय पर वसूली व अन्य कार्यो का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सब रजिस्टार अधिकारी को निर्देशित किया कि स्टाम अधिनियम के बारे में वर्कशाप करें तथा उसके लिए पीपीटी तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पेट्रोल पंपो, खाद्य गोदामों सहित अन्य का निरीक्षण करते हुए उसकी रिपोर्ट प्रस्तु करना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जेपी पुरोहित, सीओ प्रेमलाल टम्टा, आरटीओ अनिता चंद, वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारी लिला बोरा तथा वर्चुअज माध्यम से एसडीएम कोटद्वार प्रमोद कुमार, लैंसडाउन स्म्रता परमार, श्रीनगर अजयबीर सिंह, सहित तहसीलदार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे

 

 

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