राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने केदारनाथ के दर्शन किये।##ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए की अनुमति आवश्यक##मुख्यसचिव ने जीर्ण-शीर्ष स्कूल भवनों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिये।##ऋषिकेश में अतिक्रमण पर चली जेसीबी, हड़कंप।पढिएJanswar.com में।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने केदारनाथ के दर्शन किये।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य,  मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केदारधाम पहुँच कर मंदिर के दर्शन किए। इसके पश्चात राज्यपाल, मुख्यमंत्री, हंस फाउण्डेशन के भोले जी महाराज, मंगला माता जी ने बेस कैम्प में स्वामी विवेकानन्द धमार्थ चिकित्सालय का लोकार्पण किया। स्वामी विवेकानन्द धमार्थ चिकित्सालय द्वारा आज से तीर्थ यात्रियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। चिकित्सालय का संचालन स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी, देहरादून द्वारा किया जा रहा है। 12 बैड के चिकित्सालय में 02 डाॅक्टर केदारनाथ में स्थायी रूप से रहेंगे व अस्पताल में डाॅक्टर व पैरामेडिकल सहित कुल 25 लोगों का स्टाफ है। अस्पताल में सभी प्रकार की जाँच, एक्स-रे, वेन्टीलेटर, इन्टेन्सिव केयर यूनिट(आई.सी.यू.) व अन्य सुविधायें मिलेगी। अस्पताल में महिला, पुरूष व आईसीयू वार्ड अलग-अलग है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर केदारनाथ में स्वामी विवेकानन्द धमार्थ चिकित्सालय के शुभारम्भ होने के बाद प्रदेश के चारों धामों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जो चिकित्सक केदारनाथ में हाई अल्टीट्यूट में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए समय दे रहे हैं, वे बड़े सेवा भाव एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। बहुत लम्बे समय से सरकार की कोशिश थी कि चारों धामों में जो यात्री आते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इस अस्पताल में वेंटिलेटर, सर्जरी एवं एमआरआई की व्यवस्था भी की गई है।  अस्पताल के लोकार्पण से पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया गया। उन्होंने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है। इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, एसपी अजय सिंह, संस्था के डाॅक्टर कृष्ण गोपाल, डाॅक्टर दिनेश सिंह, डाॅक्टर अभिनव असवाल सहित अन्य अधिकारी व लोग उपस्थित थे।
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 ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए की अनुमति आवश्यक

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

 ड्रोन निषेध क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना व ड्रोन संबंधी नियमों का उल्लंघन करना है दण्डनीय अपराध।

 ड्रोन के प्रयोग के संबंध में अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखण्ड ने दिशा निर्देश जारी किए।


आम जनता को ड्रोन के प्रयोग के संबंध में जागरूक करने के लिए अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखण्ड द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा निर्देशों के अनुसार ड्रोन को खरीदने से पहले भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। इस संबंध में समस्त जानकारी डीजीसीए की वेबसाईट  www.dgca.nic.in  पर उपलब्ध है। ड्रोन के संचालन से पहले नियमानुसार डीजीसीए से यूनिक आईडेंटीफिकेशन नम्बर (यूआईएन) व स्वचालित एयरक्राफ्ट आपरेटर परमिट (यूएओपी) प्राप्त कर लिया जाना चाहिए।
ड्रोन को आपरेट करने वाला पायलट, भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ हो। ड्रोन निषेध क्षेत्र में ड्रोन को नहीं उड़ाया जाए, ड्रोन निषेध क्षेत्र की सूची डिजीटल स्काई प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। ड्रोन की प्रत्येक उड़ान से पहले डिजीटल स्काई प्लेटफार्म के माध्यम से अनुमति लेना आवश्यक है।
डीजीसीए से ड्रोन उड़ाने की अनुमति लेने के बाद संबंधित पुलिस थाने को इसकी सूचना ड्रोन उड़ाने से 24 घंटे पूर्व देना जरूरी है। डीजीसीए की वेबसाईट www.dgca.nic.in  पर उपलब्ध डूज/डोन्ट्स, सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफ.ए.क्यू.) व सिविल एविएशन रिक्वार्यमेंट (सीएआर) का गहनता से अध्ययन कर निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। ड्रोन संबंधी नियमों का उल्लंघन व ड्रोन निषेध क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना आई.पी.सी. की धारा 121, 121 ए, 287, 336, 337, 338 व एएआई एक्ट के तहत दण्डनीय अपराध है।
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मुख्यसचिव ने जीर्ण-शीर्ष स्कूल भवनों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिये।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जीर्ण-शीर्ण हो चुके विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश भर में जर्जर हो रहे विद्यालय भवनों की जानकारी एक़त्र करने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतर भाग भूकम्प की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित मैदानी क्षेत्रों में भी जोन-4 एवं जोन-5 के तहत आने वाले सभी विद्यालय भवनों का परीक्षण करा कर सूची तैयार कर ली जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रदेशभर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार एवं पुनर्निर्माण का कार्य अभियान के तौर पर शुरू किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अत्यंत जर्जर अवस्था के विद्यालय भवनों को प्राथमिकता पर लिया जाए। इसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर लिए जाएं ताकि निर्धारित समयानुसार विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार का कार्य किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि नये बनाए जाने वाले भवनों को भूकम्परोधी तकनीक के साथ निर्मित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवनों के अन्य माॅडल के साथ ही आधुनिक एवं आकर्षक डिजाइन पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालयों की छवि सुधारी जा सके।
इस अवसर पर सचिव शिक्षा श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, प्रभारी सचिव श्री एस.ए. मुरूगेशन एवं निदेशक शिक्षा डाॅ. आर.के. कुंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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अतिक्रमण पर चली जेसीबी, हड़कंप

समाचार प्रस्तुति-ओम रतूड़ी

ऋषिकेश। नगर निगम ने सोमवार को मुखर्जी मार्ग व लाजपत राय रोड पर अतिक्रमण पर पीला पंजा चलाकर अपनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है ।अतिक्रमण हटाओ अभियान नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, नायब तहसीलदार करण सिंह कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज नैनवाल के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया ।जिसने मुखर्जी मार्ग लाजपत राय मार्ग पर किए गए दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण को जबरन हटा दिया है । अभियान का विरोध बड़ी संख्या में पुलिस होने के कारण नहीं हो पाया। नगर निगम ,सिंचाई विभाग, पी डब्लू डी, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ने नगर में 3000 से अधिक अतिक्रमण होने की बात स्वीकार कर न्यायालय को अवगत कराया था। जिस पर न्यायालय ने यह अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश दिए थे। पहले लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया गया था। अनुपालन न के जाने के बाद एक याचिका पर न्यायालय ने एक बार फिर चारों विभागों को 3 सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाकर जवाब दिए जाने का नोटिस जारी किया है ।इसी के चलते नगर निगम ने सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया और 2 दर्जन से अधिक सड़क पर रखे खो -खो को हटाए जाने के साथ नाली पर बने पक्केे थडों को भी जेसीबी से हटा दिया। नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि यह अभियान 8 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा।

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