राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने उत्तराखण्डियों से अपील की कि जब आपस में मिलें तो अपनी बोली में बात करें।#राज्यपाल कोश्यारी यांनी उत्तराखंडी स्थलांतरितांनी एकमेकांना भेटल्यावर त्यांच्या बोलीभाषेत बोलण्याचे आवाहन केले.-www.janswar.com

-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

राज्यपाल कोश्यारी ने लोगों से गढ़वाली, कुमाउनी और अन्य भाषाओं को संरक्षित करने की अपील की


महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुंबई के राजभवन में आयोजित एक समारोह में उत्तराखंड की विशिष्ट हस्तियों को ‘गढ़ रत्न’ और ‘उत्तराखंड समाज गौरव सम्मान 2022’ प्रदान किया। पुरस्कार समारोह का आयोजन मुंबई के 94 वर्षीय संगठन ‘गढ़वाल भ्रातृ मंडल, मुंबई’ द्वारा किया गया था।

इस अवसर पर गढ़वाल भ्रातृ मंडल के अध्यक्ष रमन मोहन कुकरेती और महासचिव मनोज द्विवेदी उपस्थित थे.

राज्यपाल द्वारा प्रतिष्ठित ‘गढ़ रत्न’ सम्मान प्रोफेसर डॉ दाता राम पुरोहित को लोक कला, लोक संस्कृति और लोक संगीत वाद्ययंत्रों के प्रचार के लिए उनके काम के लिए प्रदान किया गया था।

इस अवसर पर राज्यपाल कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड एक छोटा राज्य हो सकता है, लेकिन उत्तराखंड के लोग आज सर्वव्यापी हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मुंबई आने के बावजूद उत्तराखंड के लोगों ने अपनी पूरी ईमानदारी, मिलनसार स्वभाव और कड़ी मेहनत से महाराष्ट्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जब वे उत्तराखंड के बच्चों को अपने चुने हुए क्षेत्रों में पायलट, व्यवसायी, शिक्षाविद और सफल नेता बनते देखते हैं तो उन्हें गर्व होता है।

राज्यपाल ने मुंबई के उत्तराखंड के लोगों से मराठी सीखते हुए गढ़वाली, कुमाउनी और अन्य भाषाओं और बोलियों को संरक्षित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा में आपस में बातचीत करने से वे अपने गृह राज्य के इतिहास और संस्कृति से जुड़ेंगे।

 

राज्यपाल द्वारा उत्तराखंड समाज गौरव सम्मान मनमोहन नौटियाल, बीरेंद्र प्रसाद बडोनी, मेजर शंभू प्रसाद मिश्रा (सेवानिवृत्त), बंशीधर गैरोला, हरिश्चंद्र डबराल, बच्चिराम उनियाल, पूर्ण चंद्र बलोदी, महावीर सिंह बिष्ट, डॉ श्रीधर प्रसाद थपलियाल, बालकृष्ण नरोत्तम को प्रदान किए गए। शर्मा, भीष्म कुकरेती, जनार्दन प्रसाद शर्मा गोदियाल, दयाराम सती और अन्य। यह सम्मान गढ़वाल भ्रातृ मंडल के कुछ पूर्व सदस्यों को मरणोपरांत प्रदान किया गया था।

राज्यपाल ने इस अवसर पर मंडल की स्मारिका का विमोचन किया।

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मुंबईतील सर्वात जुन्या उत्तराखंडी लोकांच्या संस्थेतर्फे पुरस्कार सोहळ्याचे आयोजन संपन्न
 
राज्यपालांच्या हस्ते राजभवन येथे उत्तराखंड समाज गौरव व गढरत्न पुरस्कार प्रदान  
गढवाल भ्रातृ मण्डल, मुंबई या उत्तराखंड प्रदेशातून महाराष्ट्रात स्थायिक झालेल्या लोकांच्या संस्थेतर्फे देण्यात येणारे ‘गढरत्न’ व ‘उत्तराखंड समाज गौरव सन्मान २०२२’ राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी यांच्या हस्ते विविध क्षेत्रात उल्लेखनीय योगदान देणाऱ्या व्यक्तींना रविवारी राजभवन येथे प्रदान करण्यात आले. यावेळी गढवाल भातृ मंडळाचे अध्यक्ष रमण मोहन कुकरेती व महासचिव मनोज द्विवेदी उपस्थित होते.
उत्तराखंड आकाराने लहान राज्य असले तरीही आज उत्तराखंड येथील लोक देशविदेशात काम करीत असल्याचे नमूद करून उत्तराखंडच्या लोकांनी प्रामाणिकपणा, मनमिळावू स्वभाव व कठोर परिश्रम यामुळे आपल्या कार्याचा वेगळा ठसा उमटवला असल्याचे राज्यपालांनी सांगितले.
मूळ उत्तराखंडच्या लोकांनी आपल्या गढवाली, कुमाऊंनी व इतर बोलीभाषा आपापसात बोलताना वापराव्या असे आवाहन करताना भाषेशी नाळ कायम ठेवली तर त्या माध्यमातून प्रदेशाच्या इतिहास व संस्कृतीशी जुळून राहता येईल असे राज्यपालांनी सांगितले.
उत्तराखंड येथील गढवाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर येथे इंग्रजीचे विभागप्रमुख असलेले डॉ दाता राम पुरोहित यांना त्यांच्या लोककला, लोकसंस्कृती व लोकवाद्यांच्या प्रचार प्रसार कार्यासाठी प्रतिष्ठेचा ‘गढ रत्न’ सन्मान प्रदान करण्यात आला.

यावेळी राज्यपालांच्या हस्ते मनमोहन नौटियाल, बीरेंद्र प्रसाद बडोनी, मेजर शंभू प्रसाद मिश्रा (से.नि.), बंशीधर गैरोला, हरिश्चंद्र डबराल, बच्चीराम उनियाल, पूर्णचंद्र बलोदी, महावीर सिंह बिष्ट, डॉ श्रीधर प्रसाद थपलियाल, बाळकृष्ण नरोत्तम शर्मा, भीष्म कुकरेती,जनार्दन प्रसाद शर्मा गोदियाल, दयाराम सती आदींना उत्तराखंड समाज गौरव सन्मान प्रदान करण्यात आले.  मंडळाच्या अनेक दिवंगत पदाधिकाऱ्यांच्या कुटुंबीयांचा देखील यावेळी सत्कार करण्यात आला.

यावेळी राज्यपालांच्या हस्ते सत्कारमूर्तींचा जीवन परिचय असलेल्या स्मरणिकेचे तसेच उत्तराखंड महोत्सवावर आधारित पुस्तकाचे प्रकाशन करण्यात आले. गढवाल भ्रातृ मंडळ मुंबई ही मुंबईतील उत्तराखंडी लोकांची सर्वात जुनी संस्था सन १९२८ पासून सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक क्षेत्रात कार्यरत आहे.    

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