राज्यपाल ने सेंट जोसेफ एकेडमी के अलंकरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।#मुख्यमंत्री ने पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की पुस्तक’भंवर एक प्रेम कहानी’ का विमोचन किया।# चारधाम यात्रा में अभी तक लगभग आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे।www.Janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को सेंट जोसेफ एकेडमी के अलंकरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने युवा छात्रों को नेतृत्व का पद सभालने और स्कूल द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को निर्वहन करने हेतु बैच पहनाए। स्कूल के प्रधानाचार्य जैयासीलन ने नेतृत्व पद संभालने वाले छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण तत्परता के साथ करने को कहा। उन्होंने कहा कि आज के छात्र भविष्य के लिए देश व समाज के नेतृत्व करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व में कार्य, भूमिका और उत्तरदायित्व को समझें। उन्होंने कहा कि आपको न केवल अपने व स्कूल के लिए कार्य करना है बल्कि समाज व देश के लिए भी अपना पूर्ण योगदान दें।
छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज व देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को अवश्य समझें। वर्तमान के छात्र भी हमारे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि हमेशा सकारात्मकता की ओर अग्रसर हों और दूसरों की सदैव सहायता करना सीखें। राज्यपाल ने बच्चों को सादगी, दया, विनम्रता जैसे गुणों को सदैव अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि हमेशा लक्ष्य ऊंचा रखें और उसे प्राप्त करने के लिए कडी मेहनत करें।
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें अपने नैतिक मूल्यों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। नैतिक मूल्य हमें एक आदर्श व्यक्तित्व बनाते हैं।  उन्होंने कहा कि गुरूओं का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता केवल जन्म देते हैं गुरू हमें सीखाते हैं और आत्मविश्वास प्रदान कर भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्कूल से पढ़े अनेक छात्र देश एवं विदेश में अपना परिचम लहरा रहें हैं इसके लिए स्कूल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल द्वारा उच्च मानक स्थापित किए हैं। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने प्रधानाचार्य जैयासीलन और ब्रदर जे.सी.कैरल को नैनो तकनीकी से डिजाइन की गई बाइबल भेंट की। समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान उन्होंने अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले शिक्षकों व पूर्व शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक, अभिभावक व अन्य लोग उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व  पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित उपन्यास “भंवर एक प्रेम कहानी“ का विमोचन किया। श्री अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित 350 पृष्ठों का यह उपन्यास विनसर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उपन्यास के लेखक श्री अनिल रतूड़ी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक वर्दीधारी अधिकारी जब एक प्रेम कथा लिखते हैं, तो इससे अनुमान लगाया जा सकता है की इनके हृदय में किस तरह के भाव होंगे। इस उपन्यास में उन्होंने अपने जीवन में घटित सभी संस्मरणों एवं अनुभूतियों का वर्णन किया है। अपने कार्यों के साथ उन्होंने जिस तरह अपनी साहित्यिक अनुभूतियों को बचा कर रखा वह प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा की इस उपन्यास के माध्यम से मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य तब ज्यादा अच्छा होता है, जब हम उस कार्य को करने के लिए स्वतंत्र हों। कार्य की स्वतंत्रता के लिए  जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति सुविधा का दास न बने। मुख्यमंत्री  ने “भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के कुछ  मुख्य अंशों का जिक्र भी किया।
पूर्व मुख्य सचिव श्री नृप सिंह नपलच्याल, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. सुधा रानी पांडे एवं श्री ललित मोहन रयाल ने उपन्यास “ भंवर एक प्रेम कहानी“ की विस्तार से समीक्षा की।
“भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के विमोचन के अवसर पर साहित्यकार एवं कवि पद्मश्री  श्री लीलाधर जगूड़ी, उपन्यास के लेखक श्री अनिल रतूड़ी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधू, पूर्व मुख्य सचिव श्री एस रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, साहित्यकार डॉ. राम विनय सिंह मौजूद थे।

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चारधाम यात्रा में अभी तक लगभग आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे।

सरकार तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु तत्पर होकर कार्यकर रहीः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

अभी तक आठ लाख लोग चार धाम के दर्शन कर चुके है। लाखों लोगों ने दर्शन हेतु चारधामों के लिए ऑनलाइन ऑफलाइन अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया है अभी तक मई माह तक रजिस्ट्रेशन के स्लॉट पूरे हो गये है। 22 मई से श्री हेमकुंट साहिब एवं लोकपाल तीर्थ के कपाट खुल रहे है। सभी तीर्थों में व्यवस्थायें अनुकूल रहे इसके लिए तीर्थयात्रियों की संख्या सरकार ने निर्धारित की हुई है।
विगत 19 मई को प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड) गुरमीत सिंह एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचप्यारों  के साथ श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को  ऋषिकेश से श्री हेमकुंट साहिब के लिए रवाना कर दिया।
20 मई को पहला जत्था गुरूद्वारा गोविंद घाट पहुंचा। आज जत्था हेमकुंट के लिए प्रस्थान होकर घांघरिया पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी तीर्थ यात्री सकुशल तीर्थयात्रा करें यह उनकी प्राथमिकता में है। विगत दिनों कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को श्री केदारनाथ यात्रा तथा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को बदरीनाथ धाम यात्रा हेतु यात्रा पर्यवेकक्षण का प्रभार दिया गया ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी स्तर पर दिक्कत न हो।
पर्यटन-तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि श्रद्धालु बड़ी संख्या में  देवभूमि उत्तराखंड पहुंच रहे है। सरकार का प्रयास है की श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा तीर्थयात्रियों को धामों में सरलता- सुगमता से दर्शन हो इसके लिए समिति ने अपने स्तर पर प्रयास किये है।
धर्मस्व- तीर्थाटन सचिव हरिचंद सेमवाल ने कहा कि सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के आदेश दिये गये है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के निर्देशन में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा निरंतर  आन लाईन एवं आफ लाईन रजिस्ट्रेशन/ काउंटरों की मॉनिटरिंग की जा रही है।
गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार के निर्दैश पर चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन ने ऋषिकेश बस अड्डे पर यात्री हेल्प डेस्क यात्रियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
सभी जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों, मंदिर समितियों  द्वारा संबंधित धामों  राज्य चिकित्सा विभाग सहित  सभी विभागों के आपसी तालमेल से चारधाम यात्रा संचालित हो रही है। किसी  भी आपात स्थिति में एनडीआरएफ सहित हेली एंबुलेंस की भी सुविधायें दी जा रही है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़  द्वारा 20 मई रात्रि तक के चारधाम दर्शन हेतु पहुंचे यात्रियों के आंकड़े जारी किये हैं  बताया कि अभी तक आठ लाख तीर्थयात्री चारधाम पहुंच गये है। विस्तृत विवरण निम्नानुसार है।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा वर्ष 2022
दर्शनार्थियों /तीर्थयात्रियों की संख्या
1-श्री बदरीनाथ धाम कपाट  खुलने की तिथि  8 मई  से 20 मई शाम तक  240064
2- श्री केदारनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि 6 मई से 20 मई  शायं तक 269169
3-श्री गंगोत्री धाम
कपाट खुलने की तिथि 3 मई से 20 मई तक 149856
4-श्री यमुनोत्री धाम
कपाट खुलने की तिथि  3 मई से 20 मई तक  116753
20 मई तक  श्री बदरीनाथ-केदारनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या का योग- 509233
मई तक श्री गंगोत्री-यमुनोत्री पहुंचे तीर्थ यात्रियों की संख्या 266609
20 मई रात्रि तक उत्तराखंड चारधाम पहुंचे संपूर्ण तीर्थयात्रियों की संख्या 775842 (  सात लाख पिचहत्तर हजार आठ सौ बयालीस  ) इस तरह आज शाम तक चारधाम पहुंचनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या आठ लाख से अधिक हो जायेगी।
बताया गया है कि चारधाम तीर्थयात्रियों के आंकड़े श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति/ पुलिस- प्रशासन/ आपदा प्रबंधन के सहयोग से जारी किये जा  गये है।

 

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