राज्यपाल ने वीडियो कांफ्रेसिंग से अधिकारियों से जोशीमठ भूधंसाव  की जानकारी ली।#राज्यपाल ने थलसेना दिवस पर दी सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं #केन्द्रीय रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने देहरादून में शौर्यस्थल का उद्घाटन किया।#एम्स ऋषिकेश में आणविक अनुसंधान नैदानिक प्रयोगशाला का विधिवत शुभारम्भ किया गया -www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

राज्यपाल ने वीडियो कांफ्रेसिंग से धिकारियों से जोशीमठ भूधंसाव  की जानकारी ली।

राजभवन :देहरादून: 14 जनवरी 23:राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को चमोली जनपद के जोशीमठ में भू-धंसाव की स्थिति के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में आयुक्त गढ़वाल मण्डल श्री सुशील कुमार, जिलाधिकारी चमोली श्री हिमांशु खुराना और एसपी चमोली प्रमेन्द्र डोभाल मौजूद रहे।

राज्यपाल ने कहा कि विपदा की इस घड़ी में पूरा देश व प्रदेश प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती के समय हमें प्रत्येक प्रभावित की समस्या को सुनना है, और उसे हरसंभव मदद करनी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावितों की मूलभूत जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाय। राज्यपाल ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत सभी इंतजाम किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का हौसला बढ़ाने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी उनके साथ खड़ा रहना बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के दृष्टिगत यह आपदा एक चुनौती है और इसका समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान राज्यपाल ने भू-धंसाव की समस्या के समाधान हेतु उठाए गए तात्कालिक एवं दीर्घकालिक कदमों की जानकारी भी ली। इस अवसर पर सचिव श्री राज्यपाल डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा जो सचिव आपदा प्रबंधन भी हैं, ने शासन स्तर से किये जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी राज्यपाल को उपलब्ध करायी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों ने जोशीमठ में भू-धंसाव के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के संबंध में राज्यपाल को विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र के लोगों के रहने, खाने और उनके अस्थायी विस्थापन के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सहायता और अन्य जानकारियां भी दी। इस दौरान अधिकारियों ने भू-धंसाव क्षेत्र में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों, पग की सुरक्षा व पुनर्वास हेतु उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी राज्यपाल को उपलब्ध करायी।

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राज्यपाल ने थलसेना दिवस पर दी सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ‘भारतीय थल सेना दिवस’ के अवसर पर सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और सेना के सभी परिवारजनों को भी इस गौरवशाली अवसर पर विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना वीरता, शौर्य, पराक्रम, बलिदान और साहस का सबसे बड़ा प्रतीक है। इसी लिए देश की सेना और वीर जवानों के प्रति प्रत्येक भारत वासी के दिलों में एक गौरव और सम्मान का भाव दिखाई देता है। उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और अस्मिता की रक्षा में सर्वाच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।

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केन्द्रीय रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने देहरादून में शौर्यस्थल का उद्घाटन किया।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चीड़बाग, देहरादून स्थित शौर्य स्थल का उद्घाटन किया। केन्द्रीय रक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने शौर्य स्थल का अवलोकन किया एवं शहीदों के परिजनों से मुलाकात भी की।
सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी,  जनरल अनिल चौहान सीडीएस , सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री तरूण विजय एवं मेजर जनरल संजीव खत्री ने भी उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी।

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एम्स ऋषिकेश में आणविक अनुसंधान नैदानिक प्रयोगशाला का विधिवत शुभारम्भ किया गया

एम्स ऋषिकेश में आयोजित एक कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण, अपर सचिव स्वास्थ्य श्री जयदीप कुमार मिश्रा एवं संस्थान की कार्यकारी निदेशिका प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह द्वारा आणविक अनुसंधान नैदानिक प्रयोगशाला का विधिवत शुभारम्भ किया गया। बताया गया है कि इस प्रयोगशाला में अनुसंधान के साथ-साथ विभिन्न बीमारियों के उपचार से संबन्धित परीक्षण भी किए जा सकेंगे।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में स्थापित माॅल्यूकुलर रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री ( आणविक अनुसंधान नैदानिक प्रयोगशाला ) विधिवत शुरू हो गई। इस अवसर पर बताया गया कि इस प्रयोगशाला का उपयोग डीएनए जांच, आरएनए जांच और पीसीआर ( पाॅलिमरेज चैन रिएक्शन ) आदि परीक्षण के लिए किया जाएगा। इसके अलावा अनुसंधान संबन्धी कार्यों के साथ-साथ इस प्रयोगशाला में कोविड-19 से ग्रसित मरीजों की जाचें भी की जा सकेंगी।

इस अवसर पर संस्थान की कार्यकारी निदेशिका प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने बताया कि इस प्रयोगशाला के स्थापित होने से विशेष तौर से कैंसर से ग्रसित मरीजों को सटीक और लाभकारी दवा निर्धारित करने और जन्मजात आनुवांशिक रोगों का निदान करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक उच्च तकनीक आधारित इस प्रयोगशाला की स्थापना से अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा भी मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विभिन्न अधिकारी और फेकल्टी सदस्य मौजूद रहे।

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