राज्यपाल ने उत्तराखण्ड सदन नयी दिल्ली मेंमेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन पर आधारित फिल्म एवं कला प्रदर्शनी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

 

शुक्रवार को उत्तराखण्ड सदन नई दिल्ली में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन पर आधारित फिल्म एवं कला प्रदर्शनी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। शहीद मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की स्मृति में उत्तराखण्ड सदन में खूबसूरत पेंटिग्स एवं क्राफ्ट तैयार किये गये हैं। शहीद मेजर संदीप उन्नीकृष्णन भारतीय सेना अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति पर  राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड(एनएसजी) 51 स्पेशल फोर्स में सेवारत थे। वे नवंबर 2008 के मुंबई हमले के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनके सर्वोच्च बलिदान के  लिए भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऐसे वीर जवानों के जीवन चरित्र पर आधारित फिल्में अधिक से अधिक लोगों के बीच पंहुचनी चाहिए। ऐसे वीरों की शौर्यगाथा प्रत्येक भारतीय के बीच पंहुचनी चाहिए। सैनिक हमेशा देश की एकता और अखण्डता के लिए जीते हैं और उनकी शहादत भी देश को जोड़ने का ही काम करती है।

राज्यपाल ने कहा कि मेजर फिल्म देश के युवाओं में देश भक्ति, जोश एवं जज्बे को बढ़ाने में सहायक होगी। उन्हांने कहा कि ऐसे वीरों को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता क्यांकि वे निःस्वार्थ समर्पण, स्वयं से पहले सेवा और पहले राष्ट्र की भावना से प्रेरित होते हैं। उत्तराखण्ड सदन में उनके जीवन पर आधारित पेंटिंग और कलाकृतियां बताती हैं कि भारत के हर कोने में एक सैनिक के लिए कितना प्यार और सम्मान है। उनके जीवन पर आधारित मणिपुरी शैली में पेंटिंग लगायी गयी हैं।

राज्यपाल ने फिल्म निर्माताओं एवं कलाकारों को बेहतरीन फिल्म एवं अभिनय के लिए बधाई दी और कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का ही माध्यम नहीं है बल्कि समाज को प्रेरणा देने का कार्य भी करता है।

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