राज्यपाल के समक्ष गो.ब.पं.कृषि एवं प्रोद्योगिक वि.वि.के पूर्व कुलपति डा. गौतम नेअपने प्रस्तुतिकरण में वि.वि.के संबंध में जानकारी दी#तकनीकी शिक्षा मंत्री ने वि.स.में हुई बैठक में जीबीपन्त वि.वि.के रजिष्ट्रार की नियुक्ति समाप्त #चारधाम यात्रा के लिएबुकिंग की अधिकतम सीमा निर्धारित।www.janswar.comm

-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष डॉ  पी.एल.गौतम, पूर्व कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर ने एक प्रस्तुतीकरण दिया। इस प्रस्तुतीकरण में उन्होंने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के इतिहास, उपलब्धियों एवं चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर को देश को कृषि एवं बीज उत्पादन में क्रांति लाने का श्रेय जाता है।

पूर्व कुलपति ने विश्व विद्यालय का कृषि से संबंधित अनुसंधान में योगदान की जानकारी दी। श्री गौतम द्वारा अपने प्रस्तुतीकरण में कृषि विज्ञान केन्द्रों की महत्ता व उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि यह हमारे देश एवं प्रदेश के लिए सम्मान की बात है कि यहां पर विश्व स्तरीय कृषि विश्वविद्यालय अवस्थित है, जो पूरी दुनिया में कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाने में सक्षम है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर को और समृद्ध बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शोध के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने संबंधित सुझाव दिए।
राज्यपाल ने श्री गौतम की प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए उनके द्वारा दिए गए सुझावों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को एक विश्व स्तरीय शिक्षा केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सलेन्स बनाने के लिए हर सकारात्मक सुझाव का स्वागत है। उन्होंने कहा कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को और अधिक सुदृढ बनाने के हरसंभव प्रयास किए जायेंगे। राज्यपाल ने कहा की ऑर्गेनिक और नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने की दिशा में विश्वविद्यालय को कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के साथ साथ उत्तराखंड कृषि प्रधान  है यहां पर कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिन्हें दृष्टिगत रखते हुए हमें विश्वविद्यालय और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में वर्षों पूर्व आए विस्थापितों और स्थानीय लोगों द्वारा  प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भूमि को उपजाऊ  और कृषि कार्यों हेतु समृद्ध बनाने के लिए किए गए योगदान को याद किया। इस अवसर पर विधि परामर्शी श्री राज्यपाल श्री अमित कुमार सिरोही, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे.कुमार भी उपस्थित रहे।  

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जी.बी.पन्त इन्स्टीट्यूट ऑफ इन्जीनियरिंग, टेक्नालॉजी बोर्ड गवर्नर (बीओजी) की विधान सभा मे आयोजित  बैठक की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने की। बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि पूर्व में रजिस्ट्रार की नियुक्ति निराधार है अतः नियुक्ति को निरस्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त मा0 उच्च न्यायालय के वर्ष 2009 से सम्बन्धित मामलों के अनुपालन हेतु एक कमेटी का गठन किया गया है, इसकी रिपोर्ट अगली बोर्ड बैठक में रखी जायेगी। एक अन्य निर्णय के तहत इन्स्टीट्यूट के कार्यवाहक निदेशक पर कार्यवाही सम्बन्धी जिलाधिकारी की रिपोर्ट की समीक्षा अगली बैठक में रखी जायेगी। कार्मिकों सम्बन्धी मामले में कैरियर एडवान्समेंट स्कीम के तहत पदोन्नति व ग्रेड पे वृद्धि की जायेगी तथा बैठक में स्वैच्छिक सेवानिवृति के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है।

कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रभारी व्यवस्था को समाप्त करके निदेशक के पूर्णकालिक नियुक्ति प्रक्रिया का पालन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न इन्जीनियरिंग कॉलेज के अलग अलग नियमों को एक अधिनियम के तहत लाया जायेगा। इससे पर्यवेक्षण करने में मदद मिलेगी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा एवं बोर्ड के उपाध्यक्ष रविनाथ रमन, बोर्ड के सदस्य सचिव एवं निदेशक डॉ0 वाई सिंह, निदेशक प्राविधिक शिक्षा हरि सिंह, संयुक्त सचिव संजय टोलिया इत्यादि उपस्थित थे।

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सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चारों धामों में केरिंग कैपेसिटी ( Carrying Capacity) को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्रेशन हेतु एक निश्चित सीमा निर्धारित कर दी गई है, जिस के अनुरूप रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर सॉफ्टवेयर को डिजाइन कर दिया गया है। जिन तिथियों में निर्धारित सीमा तक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं उन पर और अधिक रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता बल्कि दर्शनार्थियों को अगली उपलब्ध तिथियों पर रजिस्ट्रेशन करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण करते समय श्रद्धालुगण उपलब्धता की जांच करने के बाद ही अपना टूर प्लान करें

 

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