राजभवन में सोशल मीडिया और मेन्टल हैल्थ विषयों पर कार्यशाला आयोजित हुई।#मुख्यमंत्री धामी नेनिदेशालय माध्यमिक शिक्षा, ननूरखेड़ा में ‘बाल वाटिका कक्षा’ का शुभारम्भ किया।#उत्तराखण्ड में बर्षा के कारण पेयजलनिगम की 33योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई। www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

राजभवन में मंगलवार को सोशल मीडिया और मेन्टल हैल्थ विषयों पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिये गये।
सोशल मीडिया पर ताहा सिद्दिकी, असिस्टेंट प्रो0 मीडिया और मॉस कम्युनिकेशन ग्राफिक एरा ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने दैनिक जीवन के साथ-साथ पेशेवर जीवन में सोशल मीडिया के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी।

कार्यशाला मेें मेन्टल हैल्थ विषय पर साइकोलॉजिस्ट डा0 वीना एस कृष्णन ने मानसिक स्वास्थ्य, के साथ-साथ भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के सकारात्मक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने मानसिक सेहत के लिए विशेष अलर्ट रहना चाहिए। अगर आपका मन स्वस्थ रहेगा तभी शरीर का बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके लिए हम सभी को लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। जाने-अनजाने हमारी कई खराब आदतें हमें मनोरोग की तरफ बढ़ाती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक सेहत को स्वस्थ रखने के लिए हम सभी को स्वस्थ आदतों का पालन करने पर ध्यान देना होगा। कार्यशाला में राजभवन के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, ननूरखेड़ा में ‘बाल वाटिका कक्षा’ का शुभारम्भ किया।  बाल वाटिका के शुभारम्भ के साथ ही उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की शुरूआत करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एस.सी.ई.आर.टी भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों में उद्यमिता के विकास के लिए कौशलम् पुस्तक एवं कैरियर कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस क्षेत्र के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो रही है, उनकी मरम्मत की जायेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को श्री नरेन्द्र मोदी जी के राजनीतिक जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोदी  / 20 : ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ सौंपी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल वाटिका के शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक नया क्रान्तिकारी परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह शिक्षा नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग द्वारा 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किये जाएं, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में आज से बालवाटिका का शुभारम्भ किया गया है। यह कार्यक्रम आज प्रदेश के सभी विकासखण्डों में भी आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्पराओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर इसके तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में जो पढ़ाई नर्सरी में होती थी, अब वही पढ़ाई आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के पास सिर्फ पढ़ाने का कार्य हो, इसके लिए शिक्षा विभाग में सभी अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाईन की जा रही हैं। उत्तराखण्ड में एक साल के अन्दर विद्या समीक्षा केन्द्र बनाये जायेंगे। अगले साल से स्कूलों में अंक सुधार परीक्षा का आयोजन भी किया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा श्री वंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. आर. के. कुंवर, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती सीमा जौनसारी, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा श्रीमती वंदना गर्ब्याल, शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि में विभिन्न जनपदों में कुल 33 योजनाएं जो कि उत्तराखण्ड पेयजल निगम के रखरखाव में है, क्षतिग्रस्त रिपोर्ट हुई हैं। उक्त में से जनपद बागेश्वर की 10 (विकासखण्ड कपकोट की 06 योजनायें एवं विकासखण्ड बागेश्वर की 04 योजनायें), जनपद पिथौरागढ़ की 04 योजनायें (विकासखण्ड कनालीछीना की 03 योजनायें एवं विकासखण्ड मूनाकोट की 01 योजना), जनपद उत्तरकाशी की 15 (विकासखण्ड नौगांव की 09 योजनायें, विकासखण्ड मोरी की 05 योजनायें एवं विकासखण्ड डुण्डा की 01 योजना) एवं जनपद देहरादून की 4 योजनायें (विकासखण्ड सहसपुर की 04 योजनाये) क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन योजनाओं में विभिन्न घटक यथा श्रोत कार्य, पाईप लाईन, जलाशय, सुरक्षा दीवारें इत्यादि क्षतिग्रस्त हुये हैं। सभी योजनाओं को अस्थायी रूप से चालू किया जा चुका है तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

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