मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया।#यह शताब्दि भारत की शताब्दि होगीः मुख्ड़ी में धूमधाम से मनाया गया 72वां गणतंत्र दिवस पढिए Janswar.com में।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 72वें गणतंत्र  दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 72वें गणतंत्र  दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, कार्मिकों एवं पुलिस के जवानों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई।
        मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने प्रदेश वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। स्वतंत्रता आन्दोलन में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले एवं देश की एकता एवं अखण्डता के लिए कार्य करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने उनको श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत गणतंत्र बनकर उभरा है। आज दुनिया की नजर भारत पर है। भारत में वसुधैव कुटुम्बकम की सोच है। आज भारतीय अपनी पहचान के साथ दुनिया में जाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद भी देश एव प्रदेश में कोविड काफी नियंत्रण में है। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत कम समय में कोरोना वैक्सीन तैयार की है। भारत कोविड पर पूर्ण नियंत्रण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
        इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री खजानदास आदि उपस्थित थे।
        मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परेड ग्राउण्ड देहरादून में गणतंत्र दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

यह शताब्दि भारत की शताब्दि होगीः मुख्य सचिव

देवभूमि होने के नाते पर्यावरण संरक्षण के लिए कृतसंकल्प हों

      मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने मंगलवार को गणतन्त्र दिवस के अवसर पर सचिवालय प्रांगण में झण्डारोहण किया। मुख्य सचिव ने  प्रदेशवासियों एवं सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतन्त्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।
        मुख्य सचिव ने सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने उन सभी संविधान निर्माताओं को भी नमन किया जिन्होंने एक महान और गौरवशाली संविधान के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हम भारतवासी एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं, इसी दिन सन् 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिसकी बदौलत भारत एक प्रभुता संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बन सका।
        मुख्य सचिव ने कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है। संविधान निर्माताओं ने इसका ख्याल रखा और सभी वर्गों के हित सुरक्षित रखे। भारत के संविधान में स्वतंत्रता, समता, बंधुता, न्याय, विधि का शासन, विधि के समक्ष समानता, लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना  किसी भेदभाव के सभी व्यक्तियों के लिए गरिमामय जीवन समाहित हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि यह शताब्दी भारत की शताब्दी होगी। हमारी संस्कृति विश्व बंधुत्व की संस्कृति रही है। कोरोना की वेक्सिन बनाने के बाद 100 देशों को देने की घोषणा वासुदेव कुटुंबकम् को परिणित करता है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने हमें वो मौलिक अधिकार दिए जो हर व्यक्ति को समानता के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। भारत के संविधान के प्रति हमारी आस्था, उसके बारे में जानना और उसका पूर्ण रूप से अनुपालन करना हम भारतीयों का प्रथम कर्त्तव्य हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमारे मौलिक कर्त्तव्य प्रासंगिक हैं। हमें अपने संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले जिम्मेदार नागरिक होने का संकल्प लेना चाहिए। सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए हमें लगातार प्रयास करते रहने होंगे।
 मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सचिवालय, सर्वोच्च प्रशासनिक इकाई के रूप में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। राज्य के और आमजन के विकास के लिए हमारे छोटे-छोटे प्रयास जनता में हमारे सिस्टम के प्रति आस्था को मजबूत करते है। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के सपने को साकार करना होगा। सचिवालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के साथ ही जनता का विश्वास बना रहे, इसके लिए सचिवालय एवं जनपद कार्यालयों को भी ई-ऑफिस से जोड़ा जा रहा है। सचिवालय के साथ ही, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर व ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली शुरू की गयी है। राज्य के हर न्याय पंचायत से ई-पंचायत सेवा उपलब्ध कराने वाला उत्तराखण्ड देश का तीसरा राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि होने के नाते, उत्तराखण्ड के नागरिकों को पर्यावरण की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए कृत संकल्प होना होगा।
      मुख्य सचिव ने कहा कि गणतन्त्र दिवस के अवसर पर हम सबको अपनी आजादी, एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने का आज संकल्प लेना है। राज्य में आपसी भाईचारा, सद्भाव एवं शांति बनाए रखते हुए प्रदेश के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
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  पौड़ी में धूमधाम से मनाया गया 72वां गणतंत्र दिवस

जनपद गढ़वाल में 72वें गणतंत्र दिवस को मण्डल मुख्यालय, सहित जनपद के समस्त क्षेत्रों में ध्वजफहरा कर, संविधान की शपथ तथा देश भक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुती के साथ के धूमधाम से मनाया गया। जनपद की कंडोलिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री, कौशल विकास, आयुष, श्रम, सेवायोजन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर, विधिवत ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होने परेड का निरीक्षण कर, पुलिस जवानों द्वारा हर्ष फायर एवं सलामी दी गई। उन्होने जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कास्तकार, जिलाप्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी एवं पत्रकारों को उनके उत्कृष्ठ कार्य करने प्रसस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
   मुख्य अतिथि मा. वन मंत्री डा0 रावत ने अपने संबोधन में पूर्व उपस्थित सभी लोगों को गणतंत्र दिवस शुभकामनाएं दी। उन्होने देश के स्वतंत्रता सैनानियों को याद करते हुए नमन किया साथ ही देश की आजादी के लिये अपने प्राणों की आहूती देने वाले वीरों नायको तथा देश की सीमाओं पर शहीद होने वाले व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों वीर सैनानिया को नमन करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से देश एवं उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ। उन्होने कहा कि निश्चित रूप से हिन्दुस्तान के लिये आज का दिन गौरवशाली व ऐतिहासिक है, और हमारी यह पीढ़ी सौभाग्यशाली हैं। जिन्होंने आजाद हिन्दुस्तान तथा उत्तराखंड राज्य को बनते हुये देखा है, इसलिए हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की धरती वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की धरती है। जिन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में भाग लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड की हर गांव से कोई ना कोई स्वतंत्रता सैनानी व उत्तराखंड आंदोलनकारी हैं, और आज का दिवस उनके संघर्षो व बलिदान से मिला है। उन्होंने कहा कि सैनिक का बेटा हूं व गढ़वाल विश्व विद्यालय में 25 साल सैन्य विज्ञान के शिक्षक के रूप में सेवाएं दी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार में सैनिक कल्याण मंत्री के रूप में भी कार्य किया। कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की धरती है। उन्होेंने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उनके द्वारा पौड़ी में किये गये कार्य को याद कर साजा किया।  
    मा. वन मंत्री डा. रावत ने जनपद में आत्मा योजनान्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रसस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जिनमें कृषक थान सिंह ग्राम कुई बागवानी में, नरेश कुमार ग्राम मंझगांव पशुपालन में तथा कुवेर सिंह जलाल ग्राम श्रीरामपुर को फसल उत्पादन में किसान भूषण पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा संजय सिंह ग्राम बुडाकोट को फसल उत्पादन मेें, पवन सिंह ग्राम पंणिया वल्ला को सब्जी उत्पादन में, बीजेंद्र सिंह रावत क्यार्क पशुपालन में, विक्रम सिंह रावत चरण गांव गडोली को मत्स्य पालन में तथा विकास चंद्र भट्टीगांव को सब्जी उत्पादन मेें किसानश्री सम्मान पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कोविड-19 के अंतर्गत रिवर्स पलायन के संबंध में विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी प्रसस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानीत किया गया। जिनमें हरेंद्र सिंह ग्राम रैदुल को कृषि/बकरी पालन, यशवंत सिंह ग्राम रिठाई को कृषि एंव सब्जी पालन, दयानिधि ग्राम डुंगरा को मशरूम एंव सब्जी उत्पादन, गौरव पटवाल ग्राम दिवई को पशुपालन एवं मशरूम उत्पादन, पवन सिंह ग्राम जाख मुर्गी पालन तथा मनसाराम पोखरियाल को ग्राम जाख को सब्जी उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य किये जाने पर सम्मानित किया गया।
        मा. वन मंत्री डा. रावत ने अपर जिलाधिकारी डा. एसके बरनवाल, उपजिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता अरोड़ा, जिला पूर्ति अधिकारी एस के कोली, तहसीलदार श्रीनगर सुनील राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस कर्मचारियों तथा पत्रकारों को भी सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग पौड़ी, नेहरू युवा केंद्र व पौड़ी महिला समूह द्वारा सांस्कृति कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी गई

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