मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा की तथा डोबरा चाँठी पुल पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया।#पौड़ी गढवाल में होगा 12 दिसम्बर को लोक अदालच का आयोजन। पढिए Janswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा की।

पशुपालन विभाग का टोल फ्री नम्बर 1800-120-8862 का सीएम ने किया शुभारम्भ।
सीएम स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार सृजन के लिए प्रतिमाह समीक्षा की जाय।

    मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा रोजगार सृजन के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रतिमाह स्टेट लेबल पर समीक्षा की जाय। कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य के क्षेत्र में रोजगार की अनेक संभावनाएं हैं। इसके लिए विभाग द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों एवं सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाय। ऊन उत्पादन से पशुपालकों की आय में कैसे वृद्धि की जा सकती है और इसके अच्छे इस्तेमाल के लिए वैल्यू एडिशन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाय। पोल्ट्री, दुग्ध उत्पादन, ऊन उत्पादन आदि क्षेत्रों में किन जनपदों में अच्छा कार्य किया जा रहा है और किन जनपदों को और कार्य करने की जरूरत है, इसकी नियमित निगरानी की जाय। कृषकों एवं पशुपालकों को वार्षिक आय वृद्धि के लिए विभाग द्वारा प्रयास किये जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के टोल फ्री नम्बर 1800-120-8862 का शुभारम्भ किया।

पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए कॉपरेटिव बनाये जाय।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए कॉपरेटिव बनाये जाय। जिससे पशुपालक दुग्ध उत्पादन और उसकी मार्केटिंग का कार्य करेंगे तो उनके शुद्ध लाभ में वृद्धि होगी। दुग्ध और उससे बनने वाले उत्पादों के लिए ग्रोथ सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसके लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं के सिर से घास का बोझ हटे, इस दिशा में पशुपालन विभाग को ध्यान देने की जरूरत है। सालभर में कई दुर्घटनाएं घास लाते समय गिरने एवं जंगली जानवरों की वजह से हो जाती हैं। दुधारू पशुओं के लिए पर्याप्त आहार की व्यवस्था घरों तक कैसे हो सकती है, इसकी व्यवस्था की जाय। उत्तराखण्ड में महिलाएं हर दिशा में अच्छा कार्य कर रही हैं, उनको कौशल विकास की अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाय, तो और अच्छा परिणाम मिलेगा।
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 17.34 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया
बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा 523 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। पर्वतीय राज्यों में दुग्ध उत्पादन में उत्तराखण्ड का दूसरा स्थान है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 17.34 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत वर्ष 2020-21 हेतु केन्द्र सरकार द्वारा 16 करोड़ 80 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। पशुधन बीमा योजना के तहत 77 हजार से अधिक पशुओं को बीमा किया गया है। खुरपका एवं मुंहपका रोग को 2025 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
फिशरीज के लिए फण्डिंग बढ़ाई जाय
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्य करने के लिए लोग रूचि दिखा रहे हैं। इसमें कम खर्चे पर अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिशरीज के लिए फण्डिंग बढ़ाई जाय। ट्राउट फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाय। मत्स्य पालन में कम लागत में अच्छी इनकम अर्जित की जा सकती है। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाय।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 43.10 करोड़ के प्रोजेक्ट के संचालन की स्वीकृति प्राप्त हुई है। 03 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना के अन्तर्गत मात्स्यिकी विकास हेतु कुल 164 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए हैं। ट्राउट फार्मिंग हेतु चमोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों का चयन किया गया है। राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना के अन्तर्गत मत्स्य के क्षेत्र में 3200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर पशुपालन मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री एच सी सेमवाल, अपर सचिव डॉ वी. षणमुगम, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने पत्रकार शीशपाल गुसाईं की डोबरा-चांठी पुल पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया।

देहरादून:मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री शीशपाल गुसांई द्वारा लिखित पुस्तक ’भारत के सबसे बड़े सस्पेंशन पुल डोबरा- चांठी की गाथा’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस पुस्तक में लेखक ने डोबरा चांठी पुल की ऐतिहासिक कहानी के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में टिहरी के आस-पास एवं टिहरी बांध से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी एवं चित्रण के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का सुन्दर प्रस्तुतीकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें पाठकों को विगत एवं भविष्य की ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होती हैं। इस पुस्तक में लेखक ने डोबरा-चांठी पुल के अलावा भागीरथी एवं भिलंगना घाटियों में बने अन्य पुलों एवं इन क्षेत्रों की विभिन्न क्षेत्रों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को पुरानी टिहरी की यादों को तरोताजा करने में भी मददगार होगी।
पुस्तक के लेखक श्री शीशपाल गुसांई ने कहा कि इस पुस्तक में देश के सबसे बड़े झूला पुल डोबरा चांठी के निर्माण की शुरू से और लोकार्पण तक की कहानी लिखी गई है। इस पुल का निर्माण कार्य पूर्ण होने में जो समय लगा, उससे क्षेत्रवासियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पुल के बनने के बाद यह यातायात के क्षेत्र में जन सुविधा का केन्द्र बन गया है। इससे लोगों को होने वाले विभिन्न फायदों के बारे में जानकारी दी गई है। इस पुस्तक में टिहरी की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत, श्री सुरेन्द्र सिंह सजवाण, मुख्यमंत्री के मीडिया कॉर्डिनेटर श्री दर्शन सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेन्द्र जोशी, अर्जुन सिंह बिष्ट, प्रो. दीपक भट्ट, श्री भवानी प्रताप सिंह पंवार, श्री राजेन्द्र काला, श्री जीतमणि पैन्यूली आदि उपस्थित थे।


जनपद पौड़ी गढवाल में लोक अदालत का अगला आयोजन 12 दिसम्बर को होगा आयोजित।

पौड़ी(गढवाल):उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में 12 दिसम्बर, 2020 को जनपद के समस्त न्यायालयों (मुख्यालय पौड़ी, कोटद्वार, श्रीनगर तथा लैंसडोन) में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित फौजदारी शमनीय (ऐसे फौजदारी वाद जिनमें कानून समझौता सम्भव हों) वाद, 138 एन.आई.एक्ट (चैक बाउंस) के वाद, वैवाहिक वाद, श्रम विवादों से संबंधित सभी मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, धन वसूली वाद, अन्य दीवानी वाद (किराया व्यादेश, विर्निदिष्ट अनुपालन वाद सुखाधिकार वाद आदि), सेवा संबंधी मामले (वेतन, भत्तों एवं सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित), राजस्व वाद जो जिला न्यायालयों में लम्बित हो, भूमि अधिग्रहण से संबंधि तमामले, बिजली-पानी बिल संबंधी विवाद(अशमनीय को छोड़कर) निपटाये जा सकते हैं। इसके साथ ही न्यायालयों में अब तक न पहुंचे प्रकृति प्रकरणांे, विवादों को भी राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के माध्यम से निपटाया जा सकता है, जिनमें चैक बांउस के प्रकरण, बैंक वसूली संबंधी प्रकरण, श्रम संबंधी विवाद, बिजली-पानी बिल संबंधी विवाद (अशमनीय को छोड़कर), भरण-पोषण वाद, अन्य (शमनीय फौजदारी, वैवाहिक व दीवानी विवाद) शामिल हैं।
सिविल जज(सी.डि.)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल इन्दु शर्मा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिनका उपरोक्त प्रकार का मामला लम्बित है अथवा न्यायालय में पहुंचने वाला है, को जनपद न्यायालय परिसर मंे स्थिति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के कार्यालय में या संबंधित न्यायालय में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर दिनांक 12 दिसम्बर, 2020 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करा सकते हैं।

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