मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया।मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख,घायलों का नि:शुल्क होगा ईलाज की घोषणा। ###देहरादून लौट कर आपदा कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश।पढिएJanswar.com में.

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी(वरिष्ठ पत्रकार)

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को उत्तरकाशी जनपद के आराकोट पहुंचकर गत रविवार को आई प्राकृतिक आपदा अतिवृष्टि के कारण आराकोट, माकुडी, टिकोची, किराणु, चीवां, बलावट, दुचाणु, डगोली, बरनाली, गोकुल, मौंडा गांव का स्थलीय एवं हेलीकाॅप्टर से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र आराकोट में दैवीय आपदा से पीड़ित लोगों से मिले और ढांढस बंधाया तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने आराकोट इंटर कालेज में बनाए गए बेस कैंम्प व दैवीय आपदा से हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए परिजनों को दैवीय आपदा के मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मृत के परिजनों को 4-4 लाख की धनराशि दी जाएगी। घायलों का ईलाज निःशुल्क सरकार के द्वारा किया जा रहा हैं। बेघर हुए लोगों के लिए ग्राम समाज की भूमि का चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने प्रभावित काश्तकारों की सेब,भूमि व भवनों के क्षति के आंकलन की रिर्पोट तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। ताकि शीघ्र प्रभावित लोगों को मुआवजा राशि वितरण कराई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की पशुहानि का मुआवजा भी आपदा मानकों के अनुरूप शीघ्र प्रभावित लोगों को दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि इस दुख की घड़ी में सरकार पूर्ण रूप से प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित सभी गांवों में राशन,पानी, कपड़े, कंबल व आवश्यक दवाईयां आदि पर्याप्त मात्रा में हेली से पंहुचाया गया है तथा जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा हैं।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आपदा के कारण जानमाल का काफी नुकसान हुआ हैं। जिसमें सड़क,बिजली,पानी,सिचाई आदि जैसी सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने कहा कि यातायात को जल्द से सुचारू करना सरकार की प्राथमिकता है सड़क खुलने के साथ ही मुलभूत सुविधाओं को शीघ्र दुरूस्त कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी डा.आशीष चैहान ने कहा कि रेस्क्यू अभियान तीसरे दिन भी जारी है प्रभावित गांवों के लिए जरूरी सामान पंहुचाया गया है। आज प्रात से ही ग्रामीणों को खाद्यान, पानी, जरूरी दवाएं आदि  भिजवाया गया। सभी गावों में राहत एवं बचाव दल मौजूद है।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मीशाह, नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री मुन्ना सिंह चैहान, श्री खजानदास, राजकुमार, जिलाधिकारी डा.आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भटृ आदि मौजूद थे ।

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देहरादून आ कर अधिकारियों को आपदाराहत में तेजी लाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को आराकोट, त्यूणी व मौरी के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा के सम्बन्ध मे सभी जनपदों से प्रभावी समन्वय बनाये रखा जाय। उन्होंने आपदा परिचालन केन्द्र से सूचनाओं के एकत्रीकरण की व्यवस्थाओं की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी से सतर्कता बरतने की भी अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र में ही सचिव आपदा प्रबन्धन श्री अमित नेगी, प्रभारी सचिव श्री एस0ए0मुरूगेशन, आई0जी0संजय गुंज्याल, डीआईजी राजीव रोतेला, डीआजी एसटीएफ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, कमाडेण्ड एसडीआरएफ सुश्री तृप्ति भट्ट के साथ आपदा की स्थिति पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने हाल ही आयी आपदा में त्वरित कार्यवाही किये जाने की स्थिति पर सन्तोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों से हर समय सतर्क रहने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा ग्रस्त गांवों से जिस प्रकार लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। उसी व्यवस्था के तहत गांवों से सेब को सड़क तक लाने की व्यवस्था बनायी जाय, ताकि क्षेत्र में सेब की फसल खराब न हो तथा काश्तकारों को नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि इसके लिये यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी तो उसकी अलग से व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि जिन गांवों में संचार व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। वहां पर सेटलाइट फोन की व्यवस्था की जाय।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत के लिये धन की कमी न होने दी जायेगी। उन्होंने आपदा में मृत लोगों के परिजनों को 4 लाख की धनराशि के साथ ही घायलों के उपचार की निशुल्क व्यवस्था किये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा पीडितों की मदद करना हम सबका दायित्व है।
आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने टिकोची, किराणु, दुचाणु के कि.मी 01 में 84 मी. सेतु का निर्माण, मुलाणा में 70 मी. झूला पुल का निर्माण, टिकोची में 90 मी. सेतु का निर्माण, चिवां बालचा में 42 मी. सेतु का निर्माण, आराकोट, चिवां, बालचा, बरनाली, माकुडी, बरनाडी झोटाड़ी गोकुल मोटर मार्गों के पुनर्निमाण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आराकोट में पुलिस चैकी के निर्माण, ग्राम पंचायत चिवां में प्राथमिक विद्यालय, जुनियर हाईस्कूल, माध्यमिक विद्यालय का पुनर्निमाण, राजकीय इण्टर काॅलेज टिंकोची का पुनर्निमाण, राजकीय एलौपैथिक चिकित्सालय टिकोची का पुनर्निमाण, आराकोट हेलीपैड का विस्तार किये जाने की घोषणा के साथ ही जिन गाँवों में संचार सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां सैटेलाइट फोन की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सचिवालय स्थित मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि हाल में आयी आपदा से प्रदेश को प्रारम्भिक आंकलन में 130 करोड़ का नुकसान होने का का अनुमान है। उन्होंने कहा कि आपदा मद में प्रदेश के पास धनराशि उपलब्ध है। जनपदों को भी पर्याप्त धनराशि प्रदान की गयी है। आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान की आपूर्ति के साथ ही सड़क मार्गों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। 10 हेलीपैड इस क्षेत्रों में स्थापित किये गये हैं। सेना के साथ ही चार हेलीकाॅप्टरों की व्यवस्था आपदा राहत कार्यों हेतु की गयी है। 300 कार्मिकों की इस के लिए तैनाती की गयी है। सम्पर्क मार्गों के मरम्मत का भी कार्य तेजी से किया जा रहा है।

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