मुख्यमंत्री मेडिकल काॅलेज,स्टेट कैंसर इन्स्टीट्यूट की स्थापना के कार्यों में तेजी के निर्देश दिए। ##तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक पूर्ववत रहेंगे-मुख्यमंत्री।##एम्स में हाथीपांव(लिपोडिया)रोग पर कार्यशाला। ## कुमांयु मंडल में सत्रह नये मार्गों पर वाहन परमिट दिये। ## शासन ने कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के दायित्वों फेर बदल किया।पढिए Janswar.com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्रप्रसाद रतूड़ी

मुख्यमंत्री मेडिकल काॅलेज,स्टेट कैंसर इन्स्टीट्यूट की स्थापना के कार्यों में तेजी के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजकीय मेडिकल काॅलेज, हल्द्वानी में स्टेट कैंसर इन्स्टीट्यूट की स्थापना के कार्यों में तेजी लाई जाय। भारत सरकार से इस योजना के लिए 30 करोड़ की धनराशि भी अवमुक्त की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राजकीय मेडिकल काॅलेज, हल्द्वानी परिसर में भारत सरकार की परियोजना के अन्तर्गत एम.बी.बी.एस. सीटों की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 किये जाने तथा 150 बैड के नवीन चिकित्सालय का निर्माण किया जाना है, इस कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। इस परियोजना हेतु भारत सरकार द्वारा रू0 36.04 करोड़ तथा राज्य सरकार द्वारा रू0 15 करोड़ की धनराशि भी अवमुक्त की जा चुकी है। लोगों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके इसके लिए उन्होंने राजकीय मेडिकल काॅलेज, हल्द्वानी 450 बैड के अस्पताल निर्माण के कार्यो में भी तेजी लाने के निर्देश दिये। अभी अस्पताल में 650 बैड की सुविधा उपलब्ध है।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव श्री नितेश झा, निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री युगल किशोर पंत एवं सबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक पूर्ववत रहेंगे-मुख्यमंत्री ।

देवस्थानम विधेयक को राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मीडिया से वार्ता करते हुए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और इनके आसपास के मंदिरों का प्रबंधन चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा लेकिन इनसे जुड़े पुजारी, न्यासी, तीर्थ, पुरोहितों, पंडों और हकहकूकधारियों को वर्तमान में प्रचलित देव दस्तूरात और अधिकार यथावत रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र कहा कि जब हम कोई भी सुधार करते हैं तो उसकी प्रतिक्रिया होती ही है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जायेगा। उन्होंने कहा प्रदेश के चार धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से हिन्दु श्रद्धालु आना चाहते हैं, हमें अच्छे आतिथ्य के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड के धार्मिक स्थलों पर आने का मौका मिले तथा उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों इसके लिए यह विधेयक लाया गया है।  
———————————————————–एम्स में हाथीपांव(लिपोडिया)रोग पर कार्यशाला।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के तत्वावधान में लिंपोडिया( हाथीपांव )विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया,जिसमें इस रोग के कारण व उपचार पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई। मंगलवार को एम्स के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से लिंपोडिया (हाथी पांव) रोग विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि संस्थान को लिंपोडिया का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर स्थापित किया जाएगा। जिसके लिए लिंपेटिक एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क (लर्न )कैलिफोर्निया का सहयोग लिया जाएगा, जिससे लोग इस बीमारी से निजात पा सकें। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि भारत में 45 प्रतिशत लोग हाथी पांव (लिंपोडिया) नामक बीमारी से ग्रसित हैं,जिसका उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए एम्स ऋषिकेश संस्थान में इस बीमारी का उपचार उपलब्ध करा दिया गया है। लिहाजा बीमारी से ग्रसित लोग इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। कार्यशाला में स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टेनले रॉक्सन, डा. एसबी गोगिया व थैरेपिस्ट अरुण रेखा गोगिया ने लिंपोडिया बीमारी के बाबत व्याख्यान प्रस्तुत किया, उन्होंने प्रशिक्षणार्थी रेजिडेंट्स चिकित्सकों व स्टाफ को इस बीमारी की उपचार विधि का प्रशिक्षण दिया। साथ ही इस बीमारी के निदान के लिए विभिन्न प्रकार की ड्रेसिंग व पंप आदि के बाबत जानकारियां दी। संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी व प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. विशाल मागो जी ने बताया कि हाथी पांव नामक बीमारी में पूरा पैर सूजन से ग्रसित हो जाता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इस बीमारी का उपचार संभव नहीं है,जिससे लोगों को उपचार के लिए अन्यत्र अस्पतालों में जाना पड़ता है,लिहाजा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए प्लास्टिक सर्जरी विभाग में उपचार उपलब्ध कराया गया है।

———————————————————– कुमांयु मंडल में सत्रह नये मार्गों पर वाहन परमिट दिये।

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक अध्यक्ष आरटीए/आयुक्त कुमायू मण्डल श्री राजीव रौतेला की अध्यक्षता में आयुक्त कैम्प कार्यालय मे सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद नैनीताल में नवनिर्मित 8 सडक मार्ग व चम्पावत की 9 नई सडकों पर वाहन संचालन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई। आयुक्त ने कहा कि जो सडकेें पूर्ण हो चुकी है उनका लोनिवि व परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त सर्वे नही हुआ है उनका शीध्र संयुक्त सर्वे कर आख्या प्रस्तुत करें ताकि उन्हे भी वाहनो के आवागमन हेतु स्वीकृति दी जा सके जिससे सम्बन्धित क्षेत्रों की जनता लाभान्वित हो सके।
बैठक में कार्बेट, सीतावनी, सिडकुल, नैनीताल रूट हेतु परमिट के आवेदनों पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया, निर्णय लिया कि नैनीताल शहर पहुचने वाले रूटों पर कोई भी नये परमिट जारी नही किया जायेगें। कार्बेट, सीतावनी, सिडकुल रूटों का सर्वे करने के निर्देश आरटीओ को दिये गये ताकि सर्वे के आधार पर ही नये परमिट जारी किये जा सकें। सिडकुल हेतु जारी परमिट वाहन सिडकुल के आन्तरिक रूटों पर नही जाते हैं, निर्णय लिया गया कि सिडकुल हेतु जारी परमिटों पर सिडकुल के अन्दर रूटों का भी अंकन किया जाए ताकि इंटरसिटी बसें सिडकुल के आन्तरिक रूटों पर अनिवार्य रूप से जा सकें।
आयुक्त ने आरटीओ को निर्देश दिये कि क्षेत्र के कौन से रूट पर कितने परमिट जारी हैं तथा कितने वाहन संचालित है व कितने परमिट सिलेंडर है की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिस परमिट पर वाहन बहुत समय से संचालित नही हैं उन्हे चार माह का समय देें अगर निर्धारित समय में वाहन संचालित नही करते हैं तो उनका परमिट निरस्त करते हुये इच्छुक अन्य वाहन स्वामियों को परमिट जारी किया जायेगा। केएमओयू को 54 रूटोें पर बस संचालन हेतु सेवायें स्वीकृत हैं केएमओयू द्वारा अब 74 रूटोें पर सेवाओं हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया जिस पर विचार करते हुये समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि रूट सर्वे कर लिया जाए उसके उपरान्त निर्णय लिया जायेगा।  
बैठक मे निर्देश दिये गये कि जिस वाहन को जिस रूट का परमिट जारी किया गया है वह वाहन उसी रूट पर चलाना सुनिश्चित करे, इस पर पैनी नजर रखने हेतु आरटीओ को नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिये गये। आयुक्त ने ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश आरटीओ को दिये, इस हेतु नियमित छापेमारी करें ताकि ओवरलोडिंग एवं मदिरापान कर वाहन चलाने से दुर्घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। बैठक मे निर्णय लिया गया कि हल्द्वानी शहर का विस्तार हो रहा है पूर्व में 6 आन्तरिक रूटों पर टैम्पों (थ्री-व्हीलर) संचालित थे अब 12 रूटों पर थी्र-व्हीलर संचालित हो रहे हैं, थ्री-व्हीलर जारी परमिट के अनुसार अपने ही रूट पर चलें इसके लिए थ्रीव्हीलरो के आगे-पीछे रूट नम्बर लिखे जायेंगे ताकि कोई भी थ्री-व्हीलर अपने रूट से इतर ना जा सके।
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शासन ने कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के दायित्वों फेर बदल किया।

उत्तराखण्ड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता विभाग अनुभाग -1 उत्तराखण्ड के आदेश सं.38/XXX-1-2020 दि.14 जनवरी 2020 के अनुसार श्री नरेन्द्रसिंह भण्डारी IAS संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत के दायित्व से मुक्त कर नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार के पद का दायित्व दिया गया। श्री उदयसिंह राणा PCS को नगर आयुक्त हरिद्वार के दायित्व से कार्यमुक्त कर नगर आयुक्त कोटद्वार के पद का,श्री देवेन्द्र सिंह नेगी PCS को डिप्टी कलैक्टर टिहरी के पद के स्थानान्तरण निरस्त कर उन्हें डिप्टी कलैक्टर उत्तरकाशी के पूर्व पद का दायित्व,श्री सौरभ असवाल PCS को डिप्टी कलैक्टर पौड़ी के दायित्व से मुक्त कर डिप्टी कलैक्टर देहरादून के पद का दायित्व और श्री अनुराग आर्य PCS को डिप्टी कलैक्टर उत्तरकाशी के पद के दायित्व से कार्यमुक्त कर डिप्टी कलैक्टर नैनीताल के पद का दायित्व दिया गया।
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