मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री,केंद्रीय गृहमंत्री,व अन्य मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की।#पौड़ी गढवाल में दिनीँक 11 व 12 जुलाई को कहीं कहीं भारी बारिश की चेतावनी।पढिए Janswar.com में।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।
  • राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं  के संबंध में प्रधानमंत्री को अवगत कराया।
  • निर्धारित 15 मिनिट से अधिक एक घंटे 15 मिनिट हुई वार्ता।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से शिष्टाचार भेंट की।उत्तराखण्ड के सीएम पद की शपथ के बाद प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने आए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में केन्द्र सरकार के सहयोग पर प्रधानमन्त्री जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तीव्र गति से विकास पथ पर आगे बढ रहा है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनने पर श्री धामी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि युवा नेतृत्व में राज्य का तेजी से चहुँमुखी विकास होगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की


नीति घाटी और नेलोंग घाटी को इनर लाईन प्रतिबंध से हटाने का किया अनुरोध

02 एयर एंबुलेन्स, गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना का किया आग्रह

आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एसडीआरएफ निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने की स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का भी अनुरोध किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलों/पर्वों पर तैनात होने वाले केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती/व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्यों/विशेष श्रेणी के राज्य की भाँति (केन्द्रांश : राज्यांश) 90 : 10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लम्बित देय धनराशि रूपये 47.29 करोड़ को अद्यतन विलम्ब शुल्क सहित छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में इनर लाईन प्रतिबंध हटाये जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढने से वहां से पलायन रूकेगा। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबन्धन में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलोंग घाटी (जाडूंग गांव) को इनर लाईन प्रतिबन्ध से हटाये जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी विचार विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दु  राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिये 02 एयर एंबुलेन्स,  ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एस०डी०आर०एफ० निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा जोखिम प्रबन्धन कोष घटकों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करते समय विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों की वस्तुस्थिति पर ध्यान दिये जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत केन्द्रांश की द्वितीय किस्त अवमुक्त किये जाने का भी अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली भी उपस्थित थे। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे. पी. नड्डा जी से शिष्टाचार भेंट की।उन्होंने केन्द्रीय 

नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि  भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास में अमूल्य सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की शैक्षिक उपलब्धियों से अवगत कराते हुए बताया कि राज्य को शिक्षा से सम्बन्धित सतत् विकास लक्ष्य रिपोर्ट 2020-21 में चतुर्थ स्थान प्राप्त हुआ है तथा राज्य को फ्रण्ट रनर ( Front Runner) राज्यों में सम्मिलित किया गया है। भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य को यथा अपेक्षित सहयोग एवं निर्देशन दिया गया है।
राज्य सरकार द्वारा कुछ महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजनाओं को समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 के बजट में सम्मिलित किया गया है। जिसमें केन्द्र का महत्वपूर्ण सहयोग अपेक्षित है। इनमें विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम ( Virtual Classroom) की स्थापना, विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम (Smart Classroom) की स्थापना,  आकांक्षी जनपदों के बच्चों के लिए ई-टेबलेट ( e-tablet), शिक्षकों की रियल टाइम उपस्थिति अनुश्रवण प्रणाली (Teachers:Real Time Attendance Monitoring System), छात्र-छात्राओं हेतु स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम (Spoken English Programme), वर्चुअल रियलिटी लैब (Virtual Reality Lab), डिजिटल साक्षरता ( Digital Literacy), डिजिटल माइक्रोस्कोप (Digital Microscope) और प्रारम्भिक स्तर पर विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित के विकास के लिए कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केन्द्र से सहयोग का अनुरोध है।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि  मध्याहन भोजना योजना के अन्तर्गत आच्छादित कक्षा 1 से 8 तक के छात्र छात्राओं की प्रोटीन / आयरन / कैलोरी की आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटा अनाज ( Millet) सब्सिडी के आधार पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि छात्र छात्राओं के पोषण स्तर सुधार के साथ ही स्थानीय कास्तकारों को भी इसका लाभ मिल सके। इस संदर्भ में सब्सिडी को सम्मिलित करते हुये आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार के अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य में पूर्ण रूप से केन्द्रपोषित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) खोले जाने के सम्बन्ध में स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उक्त संस्थान हेतु जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय-समय पर विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य को उपलब्ध कराये गये भौतिक संसाधनों जिसमें निर्माण कार्य आदि सम्मिलित हैं के साथ ही डिजिटल लर्निंग हेतु 1100 विद्यालयों के लिए वर्चुअल कक्षायें एवं 920 विद्यालयों में स्मार्ट कक्षायें, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु 200 विद्यालयों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम आदि में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया जिससे राज्य को उक्त उपलब्धि प्राप्त हो सकी है। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा समय-समय पर दिये गये सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए राज्य की ओर से आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव श्री शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केन्द्र देहरादून द्वारा आज दिनांक 10.07.2021 को प्रातः 10ः00 बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार आज दिनांक 10 जुलाई, 2021 से 12 जुलाई, 2021 तक जनपद गढ़वाल में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तीव्र बौछार पड़ने एवं भारी से बहुत भारी वर्षा की सम्भावना है।
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के मध्येनजर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल ने जनपद के अन्तर्गत विशेष तौर से सावधानियां बरतने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाये। प्रत्येक स्तर पर तत्परता बनाये रखते हुए सावधानी सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण बरता जाये। जनपद/तहसील स्तर पर गठित आई.आर.एस. प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगें। किसी भी मोटरमार्ग के बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभागों द्वारा अवरूद्ध मोटरमार्गों के संबंध में समय-समय पर नियमित रूप से सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायी जायेगी। समस्त राजस्व उपनिरीक्षक/ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बने रहेंगे। समस्त चौकी/थाने भी आपदा संबंधी उपकरणां एवं वायरलैस सैट सहित अलर्ट एवं क्रियाशील अवस्था में रहेंगे।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को दूरभाष संख्या 01368-221840 अथवा मोबाइल नं. 9412082535 पर पर तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। कहा कि इस अवधि में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाइल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे। जनपद गढ़वाल की समस्त तहसीलों में आवंटित सैटेलाईट फोन क्रियाशील अवस्था में रहेंगें

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