मुख्यमंत्री ने स्कूल फॉर लाइफ’ की सोशल इंटर्नशिप ‘सृजन’ का वर्चुअल शुभारम्भ किया।#पौड़ी के जिलाधिकारी ने विशेष एकीकृत प्रोत्साहन नीति तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत गठित उप समति की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक ली।पढिए Janswar.com में

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज  (यूपीईएस) ‘स्कूल फॉर लाइफ’ की सोशल इंटर्नशिप ‘सृजन’ का वर्चुअल शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्तित्व में आने से ही यूपीईएस समाज के लिए अपने दायित्वों के प्रति संवेदनशील रहा है। छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही सांस्कृतिक और गैर शैक्षणिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी अनेक अवसर प्रदान करता रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एवं मौलिक शिक्षा हमारी सांस्कृतिक विरासत की देन है। सृजन इंटर्नशिप हमारी भावी पीढ़ी को देश व समाज की उन्नति के लिए रचनात्मकता एवं सकारात्मकता में सहयोग देगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह इंटर्नशिप छात्रों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कुलाधिपति यूपीईएस डॉ. जे.एस. चोपड़ा, कुलपति डॉ. सुनील राय, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी श्री जे. सुन्द्रियाल आदि उपस्थित थे।

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जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने आज कलेक्ट्रेट कक्ष में जिला उद्योग मित्र, विशेष एकीकृत प्रोत्साहन नीति तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत गठित उप समति की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक ली। आयोजित बैठक में उद्यमियों की समस्याओं, विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, विद्युत प्रतिपूर्ति दावे, एम0एस0एम0ई0 नीति के अंतर्गत उपादान प्रस्ताव पर स्वीकृति, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही विगत बैठक में लिये गये निर्णयों के सापेक्ष कृत कार्यवाही की पुष्टि तथा सिंगल विन्डो सिस्टम से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गयी। बैठक में वर्चुचल माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, सीटीओ लखेंद्र गौंथियाल सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी डॉ0 जोगदण्डे ने संबंधित विभागों व बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वरोजगार से जुड़ी सभी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करें तथा विभिन्न योजनाओं में ऋण हेतु आवेदकों के आवेदन पत्रों की भली-भाँति जांच करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने समस्त रेखीय विभागों को निर्देशित किया कि आवेदकों को स्वरोजगार लिये प्रेरित करें। जिससे आवेदकों को सुगमता प्राप्त हो, और वह अपना उद्योग आसानी से लगा सकें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग स्वरोजगार के संबंध में आवेदकों का पूर्ण सहयोग कर प्रोत्साहित करें। कहा कि उद्यमियों के द्वारा एम0एस0एम0ई0 नीति व विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत प्रतिपूर्ति के आवेदन प्रस्तुत किये गये थे, उन्हें स्वीकृत किया गया है। उनमे दो प्रकरणों में स्पष्ट कारण न होने पर आवेदकों को 15 दिन का समय दिया गया है। साथ ही उन्होेंने कहा कि सिंगल विन्डो सिस्टम के अंतर्गत 11 प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया है जो भविष्य में जनपद के अंतर्गत उद्योग लगाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकेंगे। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक संस्थान सिगड्डी कोटद्वार की चार दिवारी, कैंटीन की व्यवस्था तथा शौचालय हेतु प्रस्ताव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव निदेशक नियोजन, सिडकुल मुख्यालय देहरादून को पे्रषित किया गया है।
इस अवसर पर उद्योग महाप्रबंधक मृत्युंजय सिंह, वर्चुअल माध्यम से लीड बैंक अधिकारी अनिल कटारिया, सीओ कोटद्वार अनिल कुमार जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, डीसी जीएसटी अर्जुन राणा, आरओ अमित पोखरियाल आदि उपस्थित थे।

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