मुख्यमंत्री ने सूरजकुण्ड हरियाणा में प्रदेश के गृहमंत्रियों के चिन्तन शिविर में प्रतिभाग किया।# मुख्यसचिव ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी अपनाने के दिए निर्देश # जिलाधिकारी पौड़ी गढवाल ने उप जिलाधिकारी कोटद्वार से सेना के युद्धअभ्यास क्षेत्र की अनुपालन आख्या मांगी तथा जिला योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु विभागीय योजनाओं में अवमुक्त एवं व्यय की समीक्षा बैठक ली# अल्मोड़ा पुलिस ड्यूटी के साथ-साथ निभा रही है मानवता का कर्तव्य-

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने सूरजकुण्ड हरियाणा में प्रदेश के गृहमंत्रियों के चिन्तन शिविर में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरियाणा के सूरजकुंड में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य कठिन एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से युक्त राज्य है, जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय सीमाएँ उत्तर में तिब्बत चीन एवं पूर्व में नेपाल के साथ जुड़ी हुई हैं। इस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि हमारे राज्य द्वारा कानून व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन हेतु संविधान के अनुच्छेद 44 जो कि समान नागरिक संहिता लागू किये जाने से सम्बन्धित है, की भावना का सम्मान करते हुये राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने हेतु गठित विशेषज्ञ समिति वर्तमान में एक विस्तृत रिपोर्ट बनाने का कार्य कर रही है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के उपरान्त राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने से राज्य में सभी धर्मों व सम्प्रदायों के निवासी लाभान्वित होंगे। तथा सभी धर्मों को मानने वाली महिलाओं की स्थिति में गुणात्मक सुधार होगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के समक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों से राज्य के नागरिकों द्वारा किया जाने वाला पलायन अत्यन्त चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसे रोकने हेतु विगत 5 व 6 वर्षों में प्रभावित क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पिथौरागढ़, उत्तरकाशी एवं चमोली में 13 सड़कों का लगभग 600 कि०मी० निर्माण कार्य गतिमान है, जिसमें से 04 सड़कों का लगभग 150 कि०मी० निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद पिथौरागढ़ में नेपाल सीमा से लगे छारछुम नामक स्थान पर मैंने हाल ही में एक पुल का शिलान्यास किया, जिसके पूर्ण होने पर सामारिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमान्त क्षेत्र के नागरिकों का आवागमन सहज एवं सुगम हो सकेगा। हाल ही में बद्रीनाथ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में गांवों की महत्ता को रेखांकित करते हुये सीमान्त गांव माणा को देश के अंतिम गांव की जगह प्रथम गांव की संज्ञा दी है। जिसके लिये प्रधानमंत्री जी ने भी अपनी संस्तुति दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त गांव देश के प्रथम प्रहरी है और इनका समुचित विकास करना हमारा कर्तव्य है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा बनाये रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों से हो रहे स्थानीय निवासियों के पलायन को रोकने और उन्हें यहीं पर चिकित्सा स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा एवं रोजगार इत्यादि की सुविधा प्रदान किये जाने के प्रयास शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर किये जा रहें है। प्रधानमंत्री जी द्वारा जगायी गयी अलख के क्रम में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को एन०सी०सी० से जोड़े जाने का अभियान गतिमान है। इसी प्रकार सीमाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 हजार सेवानिवृत्त सैनिकों, अर्द्धसैनिकों एवं युवाओं को सीमा सुरक्षा के सम्बन्ध में प्रशिक्षित कर उन्हें राज्य के सीमान्त जिलों में तैनात किये जाने हेतु हम “हिम प्रहरी” योजना पर काम कर रहे है, जिसमें 05 करोड़ रूपये प्रतिमाह का सहयोग केन्द्र सरकार से अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन सम्बन्धी गतिविधियों में वृद्धि हेतु इनर लाईन प्रतिबन्धों पर छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में हमने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा राज्य की आन्तरिक सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियों का भी दृढ़ता से सामना कर उन पर प्रभावी नियन्त्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। देश के कई महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील केन्द्रीय प्रतिष्ठान तथा कार्यालय राज्य में स्थित है, जिनकी सुरक्षा का प्राथमिक दायित्व राज्य सरकार पर है। इसी प्रकार राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों तथा चारधाम यात्रा एवं कांवड यात्रा में आने वाले करोड़ो तीर्थ यात्रियों की सुरक्षित यात्रा का दायित्व भी राज्य सरकार पर ही है, जिसका निवर्हन हम पूरी क्षमता के साथ कर रहे हैं। जिसके फलस्वरूप इस वर्ष हम 4 करोड़ शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा व अभी तक करीब 45 लाख श्रद्धालुओं को सफलतापूर्वक चारधार यात्रा कराने में सफल हुये हैं। इन कार्यों हेतु आवश्यक सहयोग की भी हमें केन्द्र सरकार से निरन्तर आवश्यकता रहेगी।
उन्होंने कहा कि आन्तरिक सुरक्षा के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संगठनों की अवैध गतिविधियों, पर कड़ी नजर रखते हुये उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा राज्य में धार्मिक उन्माद एवं कट्टरपन्थी गतिविधियों को हतोत्साहित करने के क्रम में राज्य में अतिवामपन्थी एवं माओवादी गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से नियन्त्रित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य कठिन एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से युक्त पर्वतीय राज्य है, जिसमें अतिवृष्टि, बाढ़, भू-स्खलन एवं वाहन दुर्घटनाओं का निरन्तर सामना करना पड़ता है। वर्ष 2013 में श्री केदारनाथ आपदा के उपरान्त राज्य में एस०डी०आर०एफ० का गठन किया गया, जिसके द्वारा राज्य में आपदा से पीडित व्यक्तियों के साथ-साथ वन विभाग के साथ समन्वय एवं सहयोग स्थापित करते हुये वनाग्नि से मानव, पशु एवं वन सम्पदा की रक्षा हेतु प्रभावी भूमिका निभाई जा रही है। बेहतर आपदा प्रबन्धन के दृष्टिगत राज्य में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की नितान्त आवश्यकता है, जिससे न केवल उत्तराखण्ड राज्य अपितु आपदा से पीड़ित अन्य राज्य भी लाभान्वित होंगे। राज्य में आपदा एवं वनाग्नि की घटनाओं के दौरान परिस्थिति पर नियन्त्रण स्थापित किये जाने हेतु हवाई सेवायें केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, ऐसे में यदि आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु एक हेलीकॉप्टर केन्द्र सरकार द्वारा एस०डी०आर०एफ० को उपलब्ध करा दिया जाता है तो यह आपदा के नियन्त्रण में अति सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में अपराध अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है, जिसकी पुष्टि एन०सी०आर०बी० के आंकड़ों ने भी की है। हम भविष्य में भी इस विशिष्ट उपलब्धि को कायम रखने हेतु प्रयासरत रहेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण एवं संतुष्टि के मंत्र को अपनाकर Smart Policing के माध्यम से कानून व्यवस्था के प्रभावी नियंत्रण का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में E-FIR की व्यवस्था प्रारम्भ की जा चुकी है। • इसी प्रकार जनसामान्य के सेवार्थ राज्य की पुलिस द्वारा लांच किये गये विभिन्न Apps को “उत्तराखण्ड पुलिस एप के रूप में एकीकृत किया गया है ।हमने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए एक विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जो हमारे भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को पुष्ट करता है। एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड में बहुत से गांवों में आज भी राजस्व पुलिस ही नियमित पुलिस के कार्यों को देखती रही है। हाल ही में राज्य के कतिपय राजस्व पुलिस क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि का संज्ञान लेते हुये राजस्व पुलिस का क्षेत्राधिकार चरणबद्ध रूप से नियमित पुलिस को दिये जाने के संबंध में हमारी सरकार द्वारा निर्णय लिया जा चुका है, जिससे राज्य में अपराधों पर ओर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुये अपराधियों के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से एप बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें पंजीकरण के उपरान्त महिलाओं को प्रभावी सुरक्षा दी जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य को वर्ष 2025 तक नशामुक्त राज्य बनाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु राज्य, जनपद एवं थाना स्तर पर ए०एन०टी०एफ० का गठन किया गया है, जिसके द्वारा मादक पदार्थों के नियन्त्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कानून व्यवस्था के नियन्त्रण हेतु राज्य के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का सामना किये जाने के लिये पुलिस बल का आधुनिकीकरण किया जाना नितान्त आवश्यक है, इस हेतु राज्य के पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों के एवं उपकरणों से सुसज्जित किया जाना है। वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में 18 प्रतिशत आवासीय भवन उपलब्ध है और इसी क्रम में नये थानों, पुलिस चौकियों एवं पुलिस कार्मिकों हेतु आवासीय भवनों का निर्माण कार्य किया जाना अपरिहार्य है क्योंकि इस कार्य को सम्पादित किये जाने हेतु राज्य सरकार को विशेष अनुदान के रूप में एकमुश्त 750 करोड़ रूपये की अविलम्ब आवश्यकता है और हमें आशा है कि इस सम्बन्ध

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मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन सुविधा, परिवहन सेवाओं एवं सड़क सुरक्षा की दृष्टि से आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से कुछ बेस्ट प्रैक्टिस को राज्य में शुरू किया जाए। आउटकम बेस्ट अप्रोच पर विशेष ध्यान दिया जाए। परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम में जो लोग कार्य कर रहे हैं, उन्हें पर्फाेमेंस बेस इन्सेंटिव की व्यवस्था की जाए। अच्छा कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है। मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन विभाग को राजस्व वृद्धि की ओर भी ध्यान देना होगा। जनता को ऑनलाईन सुविधाएं सुलभता से मिले इस दिशा में अधिक प्रयास किये जाएं।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। जिन कारणों से सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, उन्हें रोकने के लिए विभाग स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है, इसकी पूरी रूपरेखा बनाई जाए। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले सभी मानकों का भली भांति परीक्षण किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के हिसाब से भी ड्राइविंग टेस्ट पैरामीटर में कोई व्यवस्था की जाए। कार्यों में बेहतर प्रगति के लिए सिर्फ पिछले एक साल से तुलना न की जाए बल्कि सुधार करने के लिए आदर्श क्या है, इस पर अधिक ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि परिवहन विभाग द्वारा जन सुविधा के दृष्टिगत जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनकी उच्चाधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों में आवश्यकतानुसार कुछ महत्वपूर्ण स्थान चिन्हित किये जाएं, जहां पर वाहन चालकों के लिए सोने, खाने एवं नहाने की उचित व्यवस्थाएं की जा सके। यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं एवं संवारियों की सुरक्षा के दृष्टिगत परिवहन विभाग की ओर से कोई कमी न रहे। वाहन चालकों को भी इसके लिए नियत स्थानों पर समुचित सुविधाएं मिलनी जरूरी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वाहनों की फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जहां पर वाहनों के फिटनेस टेस्ट हो रही है, उन स्थानों पर सी.सी.टी.वी कैमरों की पूरी व्यवस्था हो।

बैठक में सचिव परिवहन श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, एमडी परिवहन निगम श्री रोहित मीणा, अपर सचिव परिवहन श्री नरेन्द्र जोशी, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह एवं परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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जिलाधिकारी पौड़ी गढवाल ने उप जिलाधिकारी कोटद्वार से सेना के युद्ध अभ्यास क्षेत्र की अनुपालन आख्या मांगी

जनपद के कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत युद्वाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने तथा तोप दागने का अभ्यास पांच वर्षो तक किया जाना है। यह अभ्यास अधिनियम 1938 की धारा 9 की उपराधारा(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए व अनुसूची में विनिर्दिष्टि क्षेत्र परिनिश्चित करते हुए, जिसमें 01 अगस्त, 2022 को प्रारंभ होने वाली तथा 31 जुलाई, 2027 को समाप्त होगी। इस अवधि के लिए नियतकालिक रूप से खुले क्षेत्र में गोला चलाने व तोप दागने का अभ्यास किया जाना है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभ्यास ग्राम काशीरामपुर, पट्टी सुखरौ में क्लासीफिकेशन रेंज के लिए डेंजर जोन एरिया 100.285 एकड़ पर है। उन्होंने उपजिलाधिकारी कोटद्वार को कोटद्वार फायरिंग रेंज का धारा9(3) का प्रस्ताव विधिक औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

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जिला

जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु विभागीय योजनाओं में अवमुक्त एवं व्यय की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विभागों द्वारा प्रथम किश्त प्राप्त की गई है वह दूसरी किश्त की डिमांड 31 अक्टूबर तक भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने पशुपालन, शिक्षा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को शीघ्रता से विकास कार्याे की प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग को  प्रगति बढ़ाने को निर्देशित किया कि 31 अक्टूबर तक धनराशि की डिमांड करें व जो निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं उनका टेंडर पूर्ण करते हुए शीघ्रता से कार्य प्रारंभ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोनिवि निर्माण खंड को निर्देशित किया कि पूल्ड हाउस के लिए जल्द धनराशि की डिमांड करें। साथ ही जिलाधिकारी ने लोनिवि के समस्त डिविजनों को भी निर्देशित किया कि जिनके द्वारा अभी तक दूसरी किश्त की डिमांड नहीं की गई है वह तत्काल डिमांड करना सुनिश्चित करें। कहा कि समय पर विकास कार्याे में तेजी लाते हुए गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विकास कार्याे के कार्य पूर्ण हो चुके हैं उन्हें जल्द भुगतान करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने उद्यान अधिकारी को भौतिक लक्ष्य के सापेक्ष परिव्यय व वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को प्रत्येक माह विभिन्न स्थानों पर 4-4 सामान्य शिविर लगाने तथा कम से कम एक बहुउद्देशीय शिविर लगाने के निर्देश दिए। शिक्षा अधिकारी को जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र योजना तथा बाह्य योजना का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्याे का कार्य प्रारंभ से पूर्व, कार्य प्रारंभ तथा कार्य पूर्ण होने तक 03 फोटोग्राफ्स उपलब्ध करायें। कहा कि जिन विभागों के जो निर्माण कार्य प्रगति पर हैं या प्रारंभ होने वाले हैं वह उनका समय-समय पर निरीक्षण भी करें। जिससे कार्याे में कमी पाये जाने पर मौके पर ही उसका सुधारीकरण किया जा सकेगा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विभागों की कार्याे में कम प्रगति है उन विभागों की समीक्षा बैठक करें। जिलाधिकारी ऐसी विभागों जिनकी कार्यदाई एजेंसी अन्य विभाग अथवा फर्म है उस एजेंसी अथवा फर्म द्वारा किए जा रहे कार्य की गुणवत्ता समय-समय पर चेक करने तथा मौके पर जाकर गुणवत्ता को चेक करते हुए कार्य करवाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने संबंधित विभागों को परिब्यय के सापेक्ष खर्च की प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रवीण कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ0 पीएस बिष्ट, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड पौड़ी डी सी नौटियाल, डी एस कुठियाल,  अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, समाज कल्याण अधिकारी धंनजय लिंगवाल, खेल अधिकारी गिरीश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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अल्मोड़ा पुलिस ड्यूटी के साथ-साथ निभा रही है मानवता का कर्तव्य

अल्मोड़ा(अशोक पाण्डेय) आईसीयू में भर्ती मरीज की रक्त की कमी के कारण नाजुक हालत की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष चौखुटिया ने तत्काल रानीखेत पहुंच कर किया रक्तदान

थानाध्यक्ष चौखुटिया दिनेश नाथ महन्त को सूचना मिली कि हेमंत कुमार निवासी चौखुटिया की बुजुर्ग माताजी रानीखेत हास्पिटल में आईसीयू.में भर्ती है, रक्त की कमी के कारण स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है, जिनको AB+ ग्रुप रक्त की अत्यन्त आवश्यकता है, मरीज की जान बचाने के लिए थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महन्त द्वारा मानवता दिखाते हुए तत्काल चौखुटिया से रानीखेत पहुंचकर 01 यूनिट रक्तदान किया गया ।
मरीज के परिजनों ने थानाध्यक्ष चौखुटिया द्वारा दिखाई गई मानवता के लिए आभार व्यक्त किया । प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा भी मानवता के लिए किये गये इस नेक कार्य की प्रशंसा की गई।

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